राजस्थान के सरकारी स्कूलों में 67,104 पद खाली; फिलहाल गेस्ट फैकल्टी से काम चलाएगी सरकार
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याताओं के 67,104 पद रिक्त हैं। शिक्षक कमी दूर करने के लिए सरकार विद्या संबल योजना से गेस्ट फैकल्टी लगाएगी।
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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए सरकार अब गेस्ट फैकल्टी का सहारा लेगी। प्रदेश में वरिष्ठ अध्यापकों के 51,877 और व्याख्याताओं के 15,227 पद रिक्त हैं। इस तरह इन दोनों श्रेणियों में कुल 67,104 पद खाली हैं। वहीं, जुलाई से सितंबर के बीच शिक्षा विभाग के 4,230 कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने का अनुमान है। ऐसे में शिक्षकों की कमी और बढ़ने की संभावना है।
शिक्षा विभाग के शाला दर्पण पोर्टल के अगस्त के आंकड़ों के अनुसार वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याता के 67,104 पद रिक्त हैं। सरकार ने रिक्त पदों के लिए विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी लगाने की प्रक्रिया शुरू की है।
कलेक्टर की अध्यक्षता में बनेगी समिति
गेस्ट फैकल्टी के चयन के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। कलेक्टर की ओर से नामित अधिकारी भी समिति की अध्यक्षता कर सकेगा। समिति निर्धारित पात्रता और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मेरिट तैयार करेगी। जहां संभव होगा, प्रत्येक रिक्त पद के लिए तीन अभ्यर्थियों का पैनल तैयार किया जाएगा। पात्र सेवानिवृत्त शिक्षक भी गेस्ट फैकल्टी के रूप में लगाए जा सकेंगे। यह व्यवस्था स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध अस्थायी शिक्षण व्यवस्था के लिए होगी। इससे किसी अभ्यर्थी को नियमित नियुक्ति या नियमितीकरण का अधिकार नहीं मिलेगा।
तीन महीने में 4,230 कर्मचारी होंगे सेवानिवृत्त
राजस्थान पेंशन विभाग की उपलब्ध मासिक रिपोर्ट के अनुसार जुलाई, अगस्त और सितंबर में माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा विभाग के 4,230 कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इनमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के 4,031 और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के 199 कर्मचारी शामिल हैं। जुलाई में 2,158, अगस्त में 1,238 और सितंबर में 834 कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने का अनुमान है।
व्याख्याता को 30 हजार तक मानदेय
विद्या संबल योजना के तहत व्याख्याताओं को अधिकतम 30 हजार रुपए, वरिष्ठ अध्यापकों को 25 हजार और ग्रेड-III शिक्षकों को 21 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जा सकेगा। प्रयोगशाला सहायकों और कंप्यूटर प्रशिक्षकों के लिए भी अधिकतम 21 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय का प्रावधान है। भुगतान निर्धारित प्रति घंटा दरों के आधार पर होगा।
विद्या संबल योजना का इस्तेमाल राजस्थान के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों में भी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए किया जा रहा है।
जयपुर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 2873 पद खाली, ग्रेड-2 में सबसे ज्यादा कमी
राजधानी के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का बड़ा आंकड़ा सामने आया है। जिले के 1,049 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अन्य शैक्षणिक पदों के स्वीकृत पदों के मुकाबले 2,873 पद खाली हैं। इनमें सबसे ज्यादा कमी ग्रेड-2 शिक्षकों की है। ग्रेड-2 के 4,934 स्वीकृत पदों में से 3,794 पर ही शिक्षक कार्यरत हैं। यानी 1,140 पद रिक्त हैं।
उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के अनुसार जयपुर जिले में ग्रेड-1 शिक्षकों के 3,779 स्वीकृत पद हैं, जिनमें 3,090 कार्यरत हैं। इस श्रेणी में 689 पद खाली हैं। वहीं ग्रेड-3 लेवल-2 के 2,535 पदों में 2,130 शिक्षक कार्यरत हैं और 405 पद रिक्त हैं। ग्रेड-3 लेवल-1 के 2,825 स्वीकृत पदों में 2,501 कार्यरत हैं, जबकि 324 पद खाली हैं।
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प्रशिक्षक और लैब असिस्टेंट के पद भी खाली
स्कूलों में प्रशिक्षक एवं शारीरिक शिक्षकों के 864 स्वीकृत पदों में 678 कार्यरत हैं। इस श्रेणी में 186 पद रिक्त हैं। इसी तरह लैब असिस्टेंट के 465 पदों में 338 कर्मचारी कार्यरत हैं और 127 पद खाली हैं। कंप्यूटर लैब इंचार्ज के दो पदों में से दोनों रिक्त हैं। कृषि प्रभारी/शिक्षक के लिए कोई पद स्वीकृत नहीं है।
118 स्कूलों में पदों की तुलना में कम कार्यरत स्कूल
आंकड़ों के अनुसार जयपुर जिले में कुल 1,049 विद्यालयों में से 931 विद्यालयों के आंकड़े कार्यरत स्थिति में दर्ज हैं। यानी 118 का अंतर है। स्कूलों में शैक्षणिक पदों की यह कमी सीधे तौर पर शिक्षण व्यवस्था पर असर डाल रही है। ग्रेड-2 और ग्रेड-1 के साथ-साथ ग्रेड-3 की दोनों श्रेणियों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने से कई स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार की ओर से विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी लगाने की कवायद जयपुर जिले के लिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रारंभिक शिक्षा की भी हालत खराब
सरकारी स्कूलों में प्रारंभिक शिक्षकों की कमी के बीच जयपुर जिले में भी बड़ी संख्या में शैक्षणिक पद खाली हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में ग्रेड-1, ग्रेड-2, ग्रेड-3 लेवल-2 और ग्रेड-3 लेवल-1 व समकक्ष श्रेणियों में कुल 994 पद रिक्त हैं। सबसे ज्यादा कमी ग्रेड-3 लेवल-2 में है। आंकड़ों के अनुसार जयपुर में ग्रेड-1 के 792 स्वीकृत पदों में 518 शिक्षक कार्यरत हैं। इस श्रेणी में 274 पद खाली हैं। ग्रेड-2 के 2,600 स्वीकृत पदों में 2,383 शिक्षक कार्यरत हैं और 217 पद रिक्त हैं।
इसी तरह ग्रेड-3 लेवल-2 व समकक्ष के 4,292 स्वीकृत पदों में 3,830 शिक्षक कार्यरत हैं। यहां 462 पद खाली हैं, जो सभी श्रेणियों में सबसे अधिक हैं। ग्रेड-3 लेवल-1 व समकक्ष के 254 पदों में 213 शिक्षक कार्यरत हैं और 41 पद रिक्त हैं।
ग्रेड-3 में ही 503 पद खाली
आंकड़ों के मुताबिक ग्रेड-3 की दोनों श्रेणियों को मिलाकर जयपुर में 503 पद रिक्त हैं। इनमें लेवल-2 के 462 और लेवल-1 के 41 पद शामिल हैं। इसके बाद ग्रेड-1 में 274 और ग्रेड-2 में 217 पद खाली हैं।