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राजस्थान विधानसभा सत्र 2026: CJP आंदोलन पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा; दो दिन में करीब 66 मिनट चली कार्यवाही

Fri, 21 Aug 2026 02:26 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Fri, 21 Aug 2026 02:26 PM IST
सार
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राजस्थान विधानसभा में दो दिन में करीब 66 मिनट तक सदन की  कार्यवाही चली। इसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। इस काल में ज्यादातर समय कांग्रेस विधायकों का हंगामा चलता रहा। पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने सदन में प्रवेश को लेकर हंगामा किया तो वहीं दूसरे दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सदन से वॉकआउट कर दिया। हालांकि इस बीच सदन में यूसीसी बिल पेश किया गया।

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Uproar in Rajasthan Assembly: Congress Targets Government Over CJP Protest, Walks Out of House
राजस्थान विधानसभा - फोटो : खनिज विभाग

विस्तार

राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों को प्रवेश से रोके जाने का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से व्यवस्था का प्रश्न किया। इसके बाद कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और बाद में कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन की कार्यवाही केवल 66 मिनट चली और वित्त संबंधित तीन विधेयक पारित करवाने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।

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वहीं कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक 'पाप का घड़ा' लेकर विधानसभा पहुंचे। विधायक ‘पाप का घड़ा’ लेकर पहुंचे और अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों की पर्चियां घड़े में डालीं। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने घड़ा फोड़ते हुए कहा कि भाजपा सरकार के ‘पाप का घड़ा’ भर चुका है और अब फूट गया है।
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प्रश्नकाल स्थगित करना पड़ा
सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई लेकिन हो हंगामें के चलते प्रश्नकाल नहीं हुआ। महज 5 मिनट बाद ही स्पीकर को सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ गई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों को प्रवेश से रोके जाने का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से व्यवस्था का प्रश्न किया। उन्होंने कहा कि जब आप विपक्ष में थे तो तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ओर आप खुद कई बार विरोध जाते हुए 6 नंबर गेट से अंदर आए लेकिन आपको उस वक्त किसी ने नहीं रोका। लेकिन हमें आने से रोक दिया गया। जूली बोले कि कल हमें जिस गेट से आने से रोका गया था आज उसी गेट से कैसे आने दिया गया। कांग्रेसी विधायकों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि गुरुवार को उन्हें विधानसभा में क्यों रोका गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। 
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शून्यकाल में भी गतिरोध जारी
एक घंटे बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हुआ। कांग्रेसी विधायक वेल में नारेबाजी करते रहे। स्पीकर ने शून्यकाल में लगाए गए स्थगन प्रस्तावों के बारे में बताना शुरू किया। इसमें स्कूलों पर मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाने के विरोध में भी स्थगन प्रस्ताव लगाए गए। लेकिन कांग्रेस विधायक ने अपना विरोध जारी रखा। स्पीकर ने कहा कि इनमें विपक्ष के भी स्थगन प्रस्ताव हैं। लेकिन कांग्रेसी विधायक अपनी बात रखने को लेकर अड़ गए। करीब 15  मिनट बाद सदन को दोपहर 1 बजे तक के लिए फिर से स्थगित कर दिया गया।
CJP आंदोलन को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला

विधानसभा के बाहर कांग्रेस नेताओं ने CJP आंदोलन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे लोगों की मांगों और उनके विरोध को गंभीरता से लेने के बजाय सरकार दमन का रास्ता अपना रही है। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाने वाले लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए और सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि CJP आंदोलन के दौरान युवाओं और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर स्पष्ट रुख रखने और पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की।

गृह राज्य मंत्री बोले- कांग्रेस के पास मुद्दा नहीं बचा

कांग्रेस के विरोध और हंगामे पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास सरकार को घेरने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर रही है। बेढ़म ने कहा कि सरकार विपक्ष से पहले ही अपील कर चुकी है कि सदन में स्वस्थ संसदीय परंपरा के साथ जनहित के मुद्दे उठाए जाएं।

बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ढाई साल में सरकार ने कई काम किए हैं और कांग्रेस मुद्दाविहीन हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकसभा की तरह विधानसभा में भी हंगामा कर कार्यवाही बाधित करने की रणनीति अपना रही है।

CJP आंदोलन और स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर हुए विरोध के दौरान कथित पत्थरबाजी के आरोपों पर भी बेढ़म ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सीजेपी के मुखौटे पहनकर अलग-अलग जगहों पर उपद्रव करने की साजिश कर रहे हैं। बेढ़म ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी।



यूसीसी बिल सदन में पेश लेकिन चर्चा नहीं 

हो हंगामें के बीच सरकार ने आज शून्यकाल में यूसीसी बिल सदन में पेश कर दिया। हालांकि इस बिल पर आज चर्चा नहीं होगी। संभावना है कि नवंबर में सरकार फिर से 8 से 10 दिन के लिए सदन बुलाएगी, जहां इस बिल को चर्चा के लिए रखा जाएगा।
 

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