शारदीय नवरात्र 2026: हिमाचल के शक्तिपीठों में पहले नवरात्र पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, जयकारों से गूंजा प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में शारदीय नवरात्र के पहले दिन शक्तिपीठों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। मां चिंतपूर्णी के दरबार में सुबह 8 बजे तक कतारें पुराने बस स्टैंड से आगे पहुंच गईं, वहीं मां नयना देवी और शिमला के तारादेवी मंदिर में भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिरों में पूजा-अर्चना, आरती और नवरात्र की विशेष व्यवस्थाओं के साथ उत्सव की शुरुआत हुई।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को शक्तिपीठों और प्रमुख मंदिरों में श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। मां चिंतपूर्णी, श्री नयना देवी और शिमला के तारादेवी मंदिर सहित धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह की आरती और पूजा-अर्चना के साथ नवरात्र का आगाज हुआ। कई मंदिरों में भक्तों की आवाजाही बढ़ने से परिसर जयकारों से गूंज उठे।
ऊना जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी मंदिर में पहले नवरात्र पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रविवार का अवकाश होने के कारण सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला तेज रहा। सुबह करीब 6 बजे पुजारी सचिन कालिया ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मां की आरती की।
बिलासपुर जिले के विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में भी पहले नवरात्र पर श्रद्धालुओं की चहल-पहल रही। सुबह की भव्य आरती के साथ नवरात्र का शुभारंभ हुआ। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों से भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई भक्तों ने मंदिर परिसर स्थित प्राचीन हवन कुंड में आहुतियां भी डालीं। नवरात्र के मद्देनजर मंदिर को सजाया गया है। मंदिर न्यास और जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के पुजारी लक्की शर्मा के अनुसार, धार्मिक मान्यता है कि इस स्थान पर माता सती के नेत्र गिरे थे, इसी कारण इस शक्तिपीठ का नाम श्री नयना देवी पड़ा।
राजधानी शिमला के प्रसिद्ध तारादेवी मंदिर में भी नवरात्र के पहले दिन भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। मंदिर के कपाट सुबह 6 बजे खुलने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी और सुबह करीब 8 बजे तक कतारें लगनी शुरू हो गईं। नवरात्र के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना और अखंड ज्योति की व्यवस्था की गई है।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना और दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। चिंतपूर्णी में लंबी कतारें, नयना देवी में विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु और तारादेवी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की आवाजाही ने नवरात्र के उत्सव का माहौल बना दिया। आगामी दिनों में मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन और संबंधित विभागों की व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले बस सेवा, यातायात और मंदिर से जुड़ी ताजा जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोलन शहर की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी के मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। भक्तों ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नवरात्र के आगाज के साथ ही मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
सुबह 5 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिर के कपाट
पहले नवरात्र के अवसर पर मां शूलिनी मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे ही श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। इसके बाद भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालु कतारों में लगकर माता के दर्शन करते रहे। मंदिर में देर शाम तक दर्शन जारी रहने की व्यवस्था रखी गई।
सुबह 8 से 10 बजे तक हुई विशेष पूजा
नवरात्र के पहले दिन सुबह 8 से 10 बजे तक मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाया और आशीर्वाद लिया। वहीं, दोपहर के समय मंदिर में भजन-कीर्तन का कार्यक्रम रखा गया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। पहले नवरात्र पर मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
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