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मौसम: हिमाचल में बारिश के बाद बढ़ी ठिठुरन, कल्पा में 8.5 डिग्री गिरा तापमान; ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के आसार
Fri, 30 Oct 2026 09:43 AM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 30 Oct 2026 09:43 AM IST
बारिश और हल्के हिमपात के बाद हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ गया है। कल्पा में अधिकतम तापमान में 8.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चार जिलों में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 2 नवंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है।
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हिमाचल मौसम।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद मौसम का असर अब तापमान के आंकड़ों में भी साफ दिखाई देने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं और गिरते पारे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी शिमला से लेकर किन्नौर के कल्पा तक तापमान में आई गिरावट ने मौसम को पहले के मुकाबले काफी ठंडा कर दिया है। खास बात यह है कि इस बदलाव का असर केवल ऊंचाई वाले इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोलन और शिमला जैसे शहरों में भी अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
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गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्का हिमपात भी देखने को मिला। इसके बाद शुक्रवार सुबह से ही राज्य के अधिकांश भागों में आसमान बादलों से घिरा रहा। मौसम की इस स्थिति ने पहाड़ों में ठिठुरन बढ़ा दी है।
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कल्पा में सबसे ज्यादा गिरा तापमान
प्रदेश में तापमान की गिरावट के लिहाज से कल्पा सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। यहां अधिकतम तापमान में 8.5 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई और पारा गिरकर 11.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह गिरावट मौसम में आए बदलाव की गंभीरता को दर्शाती है।
प्रदेश में तापमान की गिरावट के लिहाज से कल्पा सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। यहां अधिकतम तापमान में 8.5 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई और पारा गिरकर 11.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह गिरावट मौसम में आए बदलाव की गंभीरता को दर्शाती है।
सोलन में भी अधिकतम तापमान 8 डिग्री कम होकर 18 डिग्री सेल्सियस रह गया। राजधानी शिमला में 6.5 डिग्री की गिरावट के बाद अधिकतम तापमान 17 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, पर्यटन स्थल कुफरी में पारा 5.6 डिग्री लुढ़ककर 12 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
इन शहरों के तापमान में आई कमी से साफ है कि बारिश का प्रभाव प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में महसूस किया जा रहा है। विशेषकर पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर अधिक दिखाई दे रहा है।
चार जिलों में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में आंधी-तूफान की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। दूसरी ओर, लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात होने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से तापमान में और गिरावट आ सकती है। इससे इन इलाकों में ठंड का प्रभाव बढ़ने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में आंधी-तूफान की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। दूसरी ओर, लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात होने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से तापमान में और गिरावट आ सकती है। इससे इन इलाकों में ठंड का प्रभाव बढ़ने के आसार हैं।
2 नवंबर तक बारिश और बर्फबारी की संभावना
प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह स्थिर रहने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी होने की संभावना है। हालांकि, शनिवार से किसी तरह का विशेष मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इसका अर्थ है कि आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियां कुछ क्षेत्रों तक सीमित रह सकती हैं।
प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह स्थिर रहने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी होने की संभावना है। हालांकि, शनिवार से किसी तरह का विशेष मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इसका अर्थ है कि आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियां कुछ क्षेत्रों तक सीमित रह सकती हैं।
3 नवंबर के बाद बदल सकती है स्थिति
बारिश और तापमान में गिरावट के बीच प्रदेश के लोगों को 3 नवंबर के बाद राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, इस तारीख के बाद प्रदेश में मौसम साफ हो सकता है। आसमान साफ होने के साथ तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
बारिश और तापमान में गिरावट के बीच प्रदेश के लोगों को 3 नवंबर के बाद राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, इस तारीख के बाद प्रदेश में मौसम साफ हो सकता है। आसमान साफ होने के साथ तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
फिलहाल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद बढ़ी ठिठुरन ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। आने वाले दिनों में ऊंची चोटियों पर संभावित हिमपात और कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां मौसम को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ पहाड़ों की यात्रा की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी होगा।