हिमाचल: एचआरटीसी कर्मचारियों को 5% डीए देने की तैयारी, सरकार के फैसले का इंतजार; आज फैसला संभव
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों को जल्द पांच फीसदी डीए मिलने की उम्मीद है। निगम प्रबंधन ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है और सरकार के फैसले का इंतजार है। दूसरी ओर करीब 11 हजार कर्मचारी वेतन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि पेंशनरों ने मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
विस्तार
एचआरटीसी कर्मचारियों को इस महीने के वेतन के साथ पांच फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) देने की तैयारी चल रही है। इसको लेकर परिवहन निगम प्रबंधन ने एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिस पर वीरवार को अंतिम मुहर लग सकती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा के साथ निगम अधिकारियों की बैठक में इस प्रस्ताव पर पहले ही विस्तार से चर्चा हो चुकी है। बैठक में निगम की वर्तमान आर्थिक स्थिति और कर्मचारियों से जुड़े अन्य अहम वित्तीय मामलों पर भी मंथन किया गया।
अब वीरवार को उपमुख्यमंत्री कर्मचारियों के डीए और वेतन पर अंतिम फैसला लेंगे। अब सभी की निगाहें उनके फैसले पर टिकी हैं और उनके स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डीए का लाभ मिलेगा या नहीं। दूसरी ओर एचआरटीसी के करीब 11 हजार कर्मचारी अभी भी अपने वेतन का इंतजार कर रहे हैं। महीने के चार दिन बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों के खातों में वेतन नहीं पहुंचा है। इससे कर्मचारियों में चिंता बनी हुई है। निगम प्रबंधन और सरकार के बीच जल्द वेतन जारी करने को लेकर भी चर्चा हो रही है।
एचआरटीसी पेंशनरों की संयुक्त संघर्ष समिति अपनी तीन मुख्य मांगों पर अड़ी है। इनमें आठ फीसदी डीए, जनवरी 2025 से लंबित मामलों में नई पेंशन लगाना और बकाया चिकित्सा बिलों का भुगतान शामिल है। समिति के समन्वयक राजेंद्र ठाकुर, मीडिया प्रभारी बृज लाल ठाकुर और देवेंद्र ने बताया कि विधायक के दुखद निधन को देखते हुए सरकार को दी गई समय सीमा एक दिन बढ़ाई गई है। पेंशनर अब वीरवार तक सरकार और प्रबंधन के फैसले का इंतजार करेंगे। संयुक्त संघर्ष समिति ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि वीरवार (छह नवंबर) तक मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो शुक्रवार (सात नवंबर) से एचआरटीसी मुख्यालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
हिमाचल बिजली बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों के पदोन्नति कोटे में कटौती के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को तकनीकी कर्मचारी संघ ने प्रबंध निदेशक (एमडी) आदित्य नेगी से मुलाकात कर इस पर कड़ी आपत्ति जताई। कर्मचारियों ने असिस्टेंट इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के पदोन्नति कोटे में कटौती पर चिंता जताई। बोर्ड ने हाल ही में डब्ल्यूटीडी के एजेंडे के माध्यम से यह प्रस्ताव सरकार को भेजा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर ने कहा कि इससे वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के पदोन्नति अवसर प्रभावित होंगे। प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाएघा। विरोध को देखते हुए एमडी आदित्य नेगी ने प्रस्ताव की समीक्षा करने और दिवाली के बाद लंबित मांगों पर बैठक करने का आश्वासन दिया है। बैठक में फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा का अहम मुद्दा भी उठाया गया। संघ के अनुसार, 17 जून 2025 को प्रबंधन के साथ बनी सहमति के बाद बोर्ड ने 1984 हाई वोल्टेज डिटेक्टर खरीद लिए हैं। ये उपकरण फील्ड कर्मचारियों को दिए जाएंगे।