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फुटबॉलर लिएंड्रो परेडेस ने तोड़ी चुप्पी: 10 मैचों से बैन की सजा पर क्या बोले? अब अपील से घट सकती है पाबंदी
Sun, 30 Aug 2026 09:14 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ब्यूनस आयर्स
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ब्यूनस आयर्स
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 30 Aug 2026 09:14 AM IST
अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस ने विश्व कप फाइनल के बाद हुए विवाद के लिए मिली 10 मैचों की पाबंदी पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सजा को अत्यधिक बताया और कहा कि इसे अपील के जरिए कम कराया जा सकता है। परेडेस ने दावा किया कि स्पेन के गावी ने उन्हें सीने पर मुक्का मारा था।
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फाइनल में बाद परेडेस ने गावी को मुक्का मारा था
- फोटो : Reuters
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विस्तार
अर्जेंटीना के स्टार मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस विश्व कप फाइनल के बाद हुए विवाद को लेकर मिली 10 मैचों की पाबंदी से खुश नहीं हैं। फीफा की अनुशासन समिति ने स्पेन के खिलाफ फाइनल के बाद हुए विवाद में उनकी भूमिका के लिए उन पर 10 मैचों का निलंबन लगाया है। अब परेडेस ने इस सजा को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है और इसे जरूरत से ज्यादा बताया है।
स्पेन ने विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब जीता था। फेरान टोरेस ने अतिरिक्त समय में निर्णायक गोल किया था। मुकाबले के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनातनी और विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके बाद फीफा ने कई खिलाड़ियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
'मुझे लगता है यह सजा ज्यादा है'
बोका जूनियर्स के लिए मुकाबला खेलने के बाद परेडेस ने कहा कि उन्हें 10 मैचों का निलंबन अत्यधिक लगता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अर्जेंटीना फुटबॉल संघ इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है। परेडेस ने कहा, 'यह अतिशयोक्तिपूर्ण लगता है। अजीब बात यह भी है कि गावी को एक मैच मिला, जबकि उसने ही मेरे सीने पर मुक्का मारा था। लेकिन अब यही फैसला है। हमें सजा के खिलाफ अपील करनी होगी। जो लोग इन चीजों को समझते हैं, वे देखेंगे कि इसे पलटा जा सकता है या नहीं। मेरे लिए यह अत्यधिक है और मुझे लगता है कि इसे कम किया जा सकता है।'
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गावी को सिर्फ एक मैच का बैन
परेडेस ने खास तौर पर स्पेन के युवा खिलाड़ी गावी की सजा पर सवाल उठाया। फीफा ने गावी पर एक मैच का निलंबन और 30 हजार अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। वहीं परेडेस को 10 मैचों के निलंबन के साथ 90 हजार डॉलर का जुर्माना भुगतना होगा। अर्जेंटीना के एक अन्य खिलाड़ी नाहुएल मोलिना को भी सात मैचों के लिए निलंबित किया गया है और उन पर 90 हजार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। वहीं थियागो अलमाडा को एक मैच का बैन और 30 हजार डॉलर का जुर्माना मिला है। टीम अधिकारी रोबर्टो अयाला पर तीन मैचों का प्रतिबंध और 30 हजार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।
AFA पर भी लगा भारी जुर्माना
फीफा ने अर्जेंटीना फुटबॉल संघ पर भी 3,21,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई भेदभाव, नस्लीय दुर्व्यवहार, टीम के अनुशासन से जुड़े उल्लंघन और स्टेडियम में सुरक्षा एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने में नाकामी समेत कई नियमों के उल्लंघन के कारण की गई। इसके अलावा अर्जेंटीना को अपने अगले दो घरेलू मुकाबले 50 प्रतिशत दर्शक क्षमता के साथ खेलने का आदेश दिया गया है। फीफा ने जुर्माने में से 1,00,000 डॉलर को भेदभाव के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम से जुड़े कार्यक्रम में लगाने का निर्देश भी दिया है। हालांकि, सजा के एक हिस्से को परिवीक्षा अवधि के तहत निलंबित किया गया है।
अपील का रास्ता खुला
फीफा के मुताबिक संबंधित पक्षों को गुरुवार को फैसले की जानकारी दे दी गई थी और उनके पास फैसले का विस्तृत कारण मांगने के लिए 10 दिन का समय है। इसके बाद फीफा अनुशासन संहिता के अनुच्छेद 61 के तहत इन फैसलों के खिलाफ अपील की जा सकती है। परेडेस की 10 मैचों की पाबंदी अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के अगले मुकाबलों पर लागू होगी। ऐसे में अगर अपील से सजा कम नहीं होती है तो अर्जेंटीना को आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अपने अनुभवी मिडफील्डर के बिना मैदान पर उतरना पड़ सकता है।
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स्पेन ने विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब जीता था। फेरान टोरेस ने अतिरिक्त समय में निर्णायक गोल किया था। मुकाबले के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनातनी और विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके बाद फीफा ने कई खिलाड़ियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
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'मुझे लगता है यह सजा ज्यादा है'
बोका जूनियर्स के लिए मुकाबला खेलने के बाद परेडेस ने कहा कि उन्हें 10 मैचों का निलंबन अत्यधिक लगता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अर्जेंटीना फुटबॉल संघ इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है। परेडेस ने कहा, 'यह अतिशयोक्तिपूर्ण लगता है। अजीब बात यह भी है कि गावी को एक मैच मिला, जबकि उसने ही मेरे सीने पर मुक्का मारा था। लेकिन अब यही फैसला है। हमें सजा के खिलाफ अपील करनी होगी। जो लोग इन चीजों को समझते हैं, वे देखेंगे कि इसे पलटा जा सकता है या नहीं। मेरे लिए यह अत्यधिक है और मुझे लगता है कि इसे कम किया जा सकता है।'
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गावी को सिर्फ एक मैच का बैन
परेडेस ने खास तौर पर स्पेन के युवा खिलाड़ी गावी की सजा पर सवाल उठाया। फीफा ने गावी पर एक मैच का निलंबन और 30 हजार अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। वहीं परेडेस को 10 मैचों के निलंबन के साथ 90 हजार डॉलर का जुर्माना भुगतना होगा। अर्जेंटीना के एक अन्य खिलाड़ी नाहुएल मोलिना को भी सात मैचों के लिए निलंबित किया गया है और उन पर 90 हजार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। वहीं थियागो अलमाडा को एक मैच का बैन और 30 हजार डॉलर का जुर्माना मिला है। टीम अधिकारी रोबर्टो अयाला पर तीन मैचों का प्रतिबंध और 30 हजार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।
AFA पर भी लगा भारी जुर्माना
फीफा ने अर्जेंटीना फुटबॉल संघ पर भी 3,21,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई भेदभाव, नस्लीय दुर्व्यवहार, टीम के अनुशासन से जुड़े उल्लंघन और स्टेडियम में सुरक्षा एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने में नाकामी समेत कई नियमों के उल्लंघन के कारण की गई। इसके अलावा अर्जेंटीना को अपने अगले दो घरेलू मुकाबले 50 प्रतिशत दर्शक क्षमता के साथ खेलने का आदेश दिया गया है। फीफा ने जुर्माने में से 1,00,000 डॉलर को भेदभाव के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम से जुड़े कार्यक्रम में लगाने का निर्देश भी दिया है। हालांकि, सजा के एक हिस्से को परिवीक्षा अवधि के तहत निलंबित किया गया है।
अपील का रास्ता खुला
फीफा के मुताबिक संबंधित पक्षों को गुरुवार को फैसले की जानकारी दे दी गई थी और उनके पास फैसले का विस्तृत कारण मांगने के लिए 10 दिन का समय है। इसके बाद फीफा अनुशासन संहिता के अनुच्छेद 61 के तहत इन फैसलों के खिलाफ अपील की जा सकती है। परेडेस की 10 मैचों की पाबंदी अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के अगले मुकाबलों पर लागू होगी। ऐसे में अगर अपील से सजा कम नहीं होती है तो अर्जेंटीना को आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अपने अनुभवी मिडफील्डर के बिना मैदान पर उतरना पड़ सकता है।