{"_id":"6a88aa55c840c66fe804e906","slug":"chain-snatcher-caught-using-footage-from-500-cameras-amethi-news-c-96-1-ame1002-173918-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: 500 कैमरों की फुटेज से पकड़ा चेन लुटेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: 500 कैमरों की फुटेज से पकड़ा चेन लुटेरा
Sat, 22 Aug 2026 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 22 Aug 2026 01:13 AM IST
विज्ञापन
गौरीगंज एसपी कार्यालय में पकड़े गए आरोपी। -संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी सिटी। कमरौली की यूपीएसआईडीसी कॉलोनी में महिला से चेन लूटने वाले अंतरजनपदीय लुटेरे सत्येंद्र कुमार निषाद उर्फ कालिया और उसके साथी गगनप्रीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई चेन, 10 हजार रुपये, बिना नंबर की बाइक बरामद हुई है।
एसपी सरवणन टी ने बताया कि 13 अगस्त की वारदात के बाद पांच टीमें गठित की गई थीं। शुक्रवार को एसओ कमरौली मुकेश पटेल और स्वाट टीम प्रभारी अनूप सिंह की टीम ने बनभरिया मोड़ के पास घेराबंदी कर लखनऊ के मानकनगर क्षेत्र निवासी सत्येंद्र कुमार निषाद और उसके साथ चेन खरीदने वाले लखनऊ के आर्यानगर निवासी गगनप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद सत्येंद्र बाइक से इन्हौना और बाजारशुकुल होते हुए अयोध्या गया। पहचान छिपाने के लिए वहां शोरूम से कपड़े खरीदे। फिर कमरौली लौटकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी। सक्रियता भांपकर लखनऊ-वाराणसी हाईवे से लखनऊ निकल गया। जांच टीम ने करीब 157 किमी के मार्ग पर लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
विज्ञापन
बाइक से पहचान होने के बाद मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया। लोकेशन मिलने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में सत्येंद्र ने बताया कि लूटी चेन उसी दिन गगनप्रीत को बेचने के लिए दी थी। इसके बदले 15 हजार रुपये एडवांस मिले थे। लखनऊ में चेन नहीं बिक सकी थी। एसपी के अनुसार सत्येंद्र ने 137 से अधिक वारदात करने की बात बताई है। उसके खिलाफ 39 मुकदमे सामने आए हैं और वह चार बार जेल जा चुका है। दूसरे नाम से दर्ज मुकदमों की जानकारी का सत्यापन कराया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक सत्येंद्र के खिलाफ वर्ष 2012 से मुकदमे दर्ज हैं। अधिकांश मामले लूट और चोरी के हैं। वह लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और अयोध्या में वारदात कर चुका है। पूछताछ में उसने 56 मामले दर्ज होने की बात भी बताई है। पुलिस रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है।
दोस्ती के बाद चेन खरीदने में जुड़ा साथी
गगनप्रीत और सत्येंद्र की दोस्ती वर्ष 2020 में मोबाइल कंपनी में सेल्समैन की नौकरी के दौरान हुई थी। गगनप्रीत के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। पुलिस चेन खरीदने में उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस लूट का माल खरीदने और खपाने वालों की पहचान कर रही है। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मामले को ऑपरेशन लुटेरा के तहत चिह्नित कर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी। गिरफ्तारी करने वाली टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
एसपी सरवणन टी ने बताया कि 13 अगस्त की वारदात के बाद पांच टीमें गठित की गई थीं। शुक्रवार को एसओ कमरौली मुकेश पटेल और स्वाट टीम प्रभारी अनूप सिंह की टीम ने बनभरिया मोड़ के पास घेराबंदी कर लखनऊ के मानकनगर क्षेत्र निवासी सत्येंद्र कुमार निषाद और उसके साथ चेन खरीदने वाले लखनऊ के आर्यानगर निवासी गगनप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद सत्येंद्र बाइक से इन्हौना और बाजारशुकुल होते हुए अयोध्या गया। पहचान छिपाने के लिए वहां शोरूम से कपड़े खरीदे। फिर कमरौली लौटकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी। सक्रियता भांपकर लखनऊ-वाराणसी हाईवे से लखनऊ निकल गया। जांच टीम ने करीब 157 किमी के मार्ग पर लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
विज्ञापन
बाइक से पहचान होने के बाद मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया। लोकेशन मिलने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में सत्येंद्र ने बताया कि लूटी चेन उसी दिन गगनप्रीत को बेचने के लिए दी थी। इसके बदले 15 हजार रुपये एडवांस मिले थे। लखनऊ में चेन नहीं बिक सकी थी। एसपी के अनुसार सत्येंद्र ने 137 से अधिक वारदात करने की बात बताई है। उसके खिलाफ 39 मुकदमे सामने आए हैं और वह चार बार जेल जा चुका है। दूसरे नाम से दर्ज मुकदमों की जानकारी का सत्यापन कराया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक सत्येंद्र के खिलाफ वर्ष 2012 से मुकदमे दर्ज हैं। अधिकांश मामले लूट और चोरी के हैं। वह लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और अयोध्या में वारदात कर चुका है। पूछताछ में उसने 56 मामले दर्ज होने की बात भी बताई है। पुलिस रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है।
दोस्ती के बाद चेन खरीदने में जुड़ा साथी
गगनप्रीत और सत्येंद्र की दोस्ती वर्ष 2020 में मोबाइल कंपनी में सेल्समैन की नौकरी के दौरान हुई थी। गगनप्रीत के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। पुलिस चेन खरीदने में उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस लूट का माल खरीदने और खपाने वालों की पहचान कर रही है। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मामले को ऑपरेशन लुटेरा के तहत चिह्नित कर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी। गिरफ्तारी करने वाली टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।