बरेली में भारी बारिश: 24 घंटे में 126 मिमी बरसा पानी, शहर में जलभराव; खराब मौसम में इन बातों का रखें ध्यान
बरेली में लगाता हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बीते 24 में 126 मिमी बारिश हो चुकी है। बारिश लगातार जारी है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
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बरेली में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को दिनभर बूंदाबांदी हुई। शाम को मूसलाधार बारिश शुरू हुई, जो शनिवार सुबह तक नहीं थमी। बीते 24 घंटे में 126 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश से तापमान में भी गिरावट भी आई है। मौसम ने सर्दी का अहसास करा दिया है। वहीं, बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। बारिश की वजह से बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है। उधर, तेज हवा चलने से धान व अन्य फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। रविवार को यलो अलर्ट है।
शुक्रवार को दिनभर की बूंदाबांदी शाम को अचानक तेज हो गई। इससे दफ्तरों व अन्य जगहों से घर लौटते लोग सराबोर हो गए। निचले इलाकों में जलभराव भी हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक, बादलों मंडराने की वजह से बीते तीन दिनों से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 34.7 और न्यूनतम 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान लुढ़ककर 25.7 डिग्री पर पहुंच गया। न्यूनतम 20.1 डिग्री रहा।
मौसम विभाग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, शनिवार को बारिश का रेड अलर्ट है। इस दौरान बिजली चमकने के साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। रविवार को भी बारिश का यलो अलर्ट है।
अभी और गिरेगा तापमान
मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के चलते प्रदेश के मौसम पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। आगामी 12 घंटों तक अपनी तीव्रता बनाए रखने के बाद इसके निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने के आसार हैं। 27 सितंबर तक तेज हवा के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। तापमान में भी गिरावट की संभावना है।
फसलों पर असर
कई जगहों पर खेतों में खड़ी धान समेत कई फसलें जमीन पर गिर गईं। इससे किसानों को फसल खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहंपुर और खीरी जिले में तेज हवा चलने से धान की फसल बिछ गई। नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं।
निचले इलाकों में फिर भरा पानी
शहर में जलभराव का संकट एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। सात सितंबर को हुई 381.1 मिलीमीटर की रिकॉर्ड बारिश के जख्म अभी हरे ही थे कि मौसम विभाग ने फिर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी कर शहरवासियों की धड़कनें बढ़ा दीं हैं। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में एक बार फिर पानी भरने लगा है।
हालात को देखते हुए स्टेडियम रोड स्थित रेजीडेंसी गार्डन, कर्मचारी नगर, डीडीपुरम, राजेंद्र नगर, संजय नगर और सिकलापुर समेत कई प्रमुख कॉलोनियों के निवासियों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि पिछली बारिश के दौरान भी जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे और इस बार भी नगर निगम की तरफ से किसी प्रकार की अग्रिम तैयारी या राहत के उपाय नजर नहीं आ रहे हैं।
यदि बारिश का यह दौर इसी तरह जारी रहा तो शहर की कई प्रमुख कॉलोनियां और सड़कें एक बार फिर जलमग्न हो सकती हैं। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि जलभराव की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल जल निकासी के लिए पंपिंग सेट और अन्य जरूरी इंतजाम किए जाएं, ताकि सितंबर के शुरुआती दिनों जैसे हालात दोबारा न पैदा हों।