बरेली से चुनावी शंखनाद: सीएम योगी ने एक मंच से सुरक्षा का संदेश, दूसरे से शिक्षक मतदाताओं को साधा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नवरात्र पर बरेली में दो कार्यक्रम किए। उन्होंने पुलिस लाइन से सुरक्षा का संदेश दिया। वहीं, बरेली क्लब मैदान पर शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा की। यह दौरा सरकारी योजनाओं के प्रचार के साथ आगामी चुनावों के लिए भाजपा की राजनीतिक सक्रियता का संदेश माना जा रहा है।
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नवरात्र के अवसर पर बरेली से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दो कार्यक्रमों के जरिये सरकार की प्राथमिकताओं और भाजपा की चुनावी रणनीति, दोनों को सामने रखा। पुलिस लाइन के मंच से सुरक्षा का संदेश दिया। वहीं, बरेली क्लब मैदान पर शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में जनसभा कर शिक्षक मतदाताओं को साधने की कोशिश की।
दोनों कार्यक्रमों को जोड़कर देखें तो यह दौरा महज सरकारी योजनाओं के प्रचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक निहितार्थ और संगठनात्मक सक्रियता का संदेश भी स्पष्ट दिखाई दिया। इस कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों के सम्मान, आर्थिक राहत, कानून-व्यवस्था को एक सूत्र में पिरोकर सीएम ने ग्रामीण स्तर पर अपने कामकाज का संदेश दिया।
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बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के साथ मुरादाबाद मंडल के जिलों में राजनीतिक समीकरण आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम हैं। मुख्यमंत्री का दौरा ऐसे समय हुआ है, जब भाजपा क्षेत्र में अपने संगठन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संपर्क मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इससे पहले गोरखपुर में शिक्षक मतदाता सम्मेलन के बाद बरेली में भी इसी तरह का चुनावी संवाद होना शिक्षक एमएलसी चुनावों में मुख्यमंत्री की सक्रियता को दर्शाता है।
एमएलसी चुनाव में ये हैं ये प्रत्याशी
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव भाजपा के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि डॉ. हरि सिंह ढिल्लो इस सीट से मौजूदा विधान परिषद सदस्य हैं और पार्टी उन्हें दोबारा जिताने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। उनके सामने सपा के हाजी दानिश अख्तर समेत अन्य प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्यमंत्री का स्वयं प्रचार में उतरना बताता है कि पार्टी इस चुनाव को केवल शिक्षकों के प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि नतीजे को राजनीतिक संदेश से भी जोड़ रही है।
क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से साधे समीकरण
बरेली से धर्मपाल सिंह और श्रुति गंगवार के हाल ही में राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री का यह दौरा क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। भाजपा के सामने एक ओर अपने मौजूदा जनाधार को बनाए रखने तो दूसरी ओर उन क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने की चुनौती है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में विपक्ष ने भी सीटें जीती थीं। ऐसे में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कर्मियों से संवाद के साथ शिक्षक मतदाताओं के बीच सीधे पहुंचने की रणनीति को व्यापक राजनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा सकता है।