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पड़ताल: बरेली में घटतौली के खेल में लुट रहे उपभोक्ता, दुकानों पर डिब्बे सहित तौली जा रहीं मिठाइयां

Thu, 15 Oct 2026 12:53 PM IST
Mukesh Kumar आयुष मिश्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
आयुष मिश्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 15 Oct 2026 12:53 PM IST
सार
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बरेली में घटतौली का खेल जारी है, जिससे उपभोक्ता ठगे जा रहे हैं। बाट-माप विभाग की कार्रवाई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आती। विभाग ने चालू वित्त वर्ष में 240 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई का दावा किया है। 157 मामलों में समन जारी कर नौ लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है। हालांकि, ज्यादातर दुकानों पर मिठाइयां डिब्बे सहित तौली जा रही हैं। देहात में लकड़ी के तराजू और ईंट-पत्थर के बाट इस्तेमाल हो रहे हैं। 

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Consumers in Bareilly are being cheated through the practice of underweighing
बाट माप विभाग कार्यालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बरेली में मिलावटखोरी और घटतौली के खेल में उपभोक्ता लुट रहे हैं। मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग त्योहारों पर छिटपुट जांच व कार्रवाई कर भी देता है, लेकिन घटतौली रोकने के लिए बाट-माप विभाग की कार्रवाई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आती। ये आंकड़ों की बाजीगरी कर खुद ही अपनी पीठ थपथपा लेते हैं। पेश है संवाद न्यूज एजेंसी के आयुष मिश्रा की रिपोर्ट...।

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मामला- 1
सीबीगंज स्थित मिठाई की दुकान पर प्रति किलो 50 ग्राम से ज्यादा की घटतीली की जा रही थी। जांच में पकड़े जाने पर दुकानदार को नोटिस जारी कर जुर्माना वसूला गया।
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मामला- 2
डेलापीर स्थित एक प्रतिष्ठान पर घटतौली की शिकायत मिली थी। जांच में पता चला कि परचून कारोबारी प्रति किलो करीब 75 ग्राम कम तौल कर रहा था।

ये है दावा
बाट-माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक मुकुल रंजन उपाध्याय ने चालू वित्त वर्ष में कैंट, डेलापीर, कुतुबखाना, बड़ा बाजार और श्यामगंज समेत शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों के 240 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करने का दावा किया है। उनके मुताबिक, तौल से जुड़ी अनियमितताएं मिलने पर 157 मामलों में समन जारी कर नौ लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है, जबकि 83 मामले अदालत में विचाराधीन हैं। इन प्रतिष्ठानों से जुर्मान और बाट-माप उपकरणों के सत्यापन शुल्क को मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये जमा कराए जाएंगे।

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ये है हकीकत
शहर की ज्यादातर दुकानों पर मिठाइयां डिब्बे सहित तौली जा रही हैं। देहात क्षेत्रों में लकड़ी के तराजू और ईंट-पत्थर के बाट इस्तेमाल किए जा रहे हैं। शहर में भी ठेलों पर फेरी लगाकर सामान बेचने वालों के काटा-बाट दुरुस्त नहीं होते। किराना, सब्जियों से लेकर फलों तक की खरीद में उपभोक्ता घटतौली का शिकार हो रहे हैं। सराफा बाजार में कांटा जरा सा हिल जाए तो हजारों रुपये के वारे-न्यारे हो जाते हैं। मिलावट और गुणवत्ता में कमी से जुड़े मामले उपभोक्ता अदालतों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन घटतौली के मामलों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

कार्रवाई का प्रावधान
विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत कम तौलने, असत्यापित तराजू और बाट का इस्तेमाल करने या डिब्बे के साथ सामान तौलने जैसी अनियमितताओं पर दुकानदारों पर हजारों रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, बार-बार घटतौली करते हुए पकड़े जाने पर संबंधित दुकान का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। कुछ गंभीर मामलों में सजा का भी प्रावधान है।

व्यापारी भी कार्रवाई पर उठाते हैं सवाल
बाट-माप विभाग की कार्रवाई के दौरान टीम के साथ अवैध वसूली करने वाले लोगों की मौजूदगी का आरोप लगाते हुए व्यापारी भी सवाल उठा चुके हैं। व्यापारी नेता अनिल अग्रवाल का कहना है कि बाट-माप समेत कई विभाग ऐसे हैं, जो त्योहारों के सीजन पर सक्रिय होते हैं और दुकानदारों का शोषण करते हैं। 

कुछ लोग निरीक्षण के लिए दुकानों पर पहुंचते हैं, लेकिन उनके पास विभागीय पहचान पत्र या कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज नहीं होते। ऐसे में आशंका इस बात की रहती है कि कहीं कुछ लोग विभागीय अधिकारी या कर्मचारी बनकर व्यापारियों पर दबाव तो नहीं बना रहे हैं।

बाट-माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक मुकुल रंजन उपाध्याय ने बताया कि अवैध वसूली के आरोप गलत हैं। विभागीय टीम निरीक्षण के दौरान मशीनों की शुद्धता और उनके सत्यापन की स्थिति पर विशेष ध्यान देती है। घटतौली रोकने के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

यहां दर्ज कराएं शिकायत
अगर आपके साथ घटतौली हो जाती है तो नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पोर्टल और जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा जिले के बाट-माप अधिकारी या जिला पूर्ति अधिकारी के कार्यालय में जाकर भी लिखित शिकायत दे सकते हैं। टोल फ्री नंबर 1800-180-5512 एवं 1800-1800-150 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 
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