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मंदाकिनी का कहर : 200 दुकानें डूबीं, रामघाट लबालब

Fri, 21 Aug 2026 12:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:07 AM IST
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Havoc caused by the Mandakini: 200 shops submerged, Ramghat overflowing.
मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन
फोटो 20 सीकेटीपी 08 बाढ़ के उफनाने के बाद नयागांव स्थित बड़ा हनुमान मंदिर व घाट का दृश्य। स्रोत : प्रशासन्र
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फोटो 20 सीकेटीपी 09 मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

फोटो 20 सीकेटीपी 10 मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन
फोटो 20 सीकेटीपी 11 मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

फोटो 20 सीकेटीपी 12 बाढ़ आने के बाद रामघाट पर अनाउंसमेंट करती एसडीआरएफ टीम। संवाद
फोटो 20 सीकेटीपी 13 मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद बाढ़ में डूबा रामघाट पर यात्रीशेड। संवाद

फोटो 20 सीकेटीपी 14 बाढ़ के पानी में डूबा कर्वी-तरौंहा मार्ग । संवाद
फोटो 20 सीकेटीपी 15 बाढ़ में रामघाट स्थित तुलसी मंदिर में डूबा । संवाद

फोटो 20 सीकेटीपी 16 रामघाट तिराहा पर सड़क पर बहता बाढ़ का पानी। संवाद
फोटो 20 सीकेटीपी 17 रामघाट से पहले बैरिकेटिंग लगाकर रोका गया आवागमन व मौजूद लोग। संवाद

फोटो 20 सीकेटीपी 18 नाव पर गैस चूल्हे पर भोजन पकाता नाविक। संवाद
फोटो 20 सीकेटीपी 19 मंदाकिनी में आई बाढ़ को देखते किशोरी व किशोर। संवाद

फोटो 20 सीकेटीपी 20 नयागांव मोहल्ला में घुसे बाढ़ के पानी में खेलते बच्चे। संवाद
फोटो 20 सीकेटीपी 21 रामघाट के मुख्य मार्ग पर बाढ़ आने के बाद दुकान से सामान निकाल ट्रैक्टर-ट्राॅली में रखते लोग। संवाद

फोटो 20 सीकेटीपी 22 गुप्त गोदावरी में बाढ़ के रौद्र रूप का नजारा। संवाद
फोटो 20 सीकेटीपी 23 रामघाट के पुल पर लगे टीनशेड पर जानजोखिम में डालकर बैठे युवक। संवाद

फोटो 20 सीकेटीपी 24 रामघाट की सड़क पर बाढ़ के पानी में चलती नावें। संवाद
= छह दिन में चार बार मंदाकिनी में आई बाढ़, रामघाट छह दिन से लबालब, आवागमन ठप, बेसमेंट डूबे
= कामतानाथ की मुख्य सड़क पर आवागमन ठप रहा, पुलिस ने एहतियातन सड़क पर बैरिकेड लगाए
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी ने बृहस्पतिवार को इस साल का सबसे विकराल रूप दिखाया। नदी के उफान से रामघाट और आसपास की 200 से अधिक दुकानें डूब गईं। यूपी-एमपी टेंपो स्टैंड पूरी तरह जलमग्न हो गया। यहां सड़कों पर नावें चलती नजर आईं। कर्वी-चित्रकूट मार्ग रामघाट के आगे पूरी तरह ठप रहा। तरौहा मार्ग में भी नदी का पानी भर जाने से वाहनों का आना-जाना बंद रहा। सुरक्षा के नाम पर रामघाट पर एसडीआरएफ व पुलिस के जवान मुस्तैद हैं। वे लाउडस्पीकर से खतरे का अनाउंसमेंट कर सतर्क रहने की नसीहत दे रहे हैं।
मंदाकिनी में 14 अगस्त से बाढ़ की शुरुआत हुई थी। 15 अगस्त को नदी फिर उफनाई। 16 को पानी उतरा तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन 17 को फिर बाढ़ का नजारा रहा। 18 को पानी कम हुआ, लेकिन मध्य प्रदेश में लगातार बारिश से 19 को मंदाकिनी फिर उफान पर आ गई। बुधवार रात की मूसलाधार बारिश से नदी का रौद्र रूप दिखा। पहले जब भी बाढ़ आई तो नदी का पानी आधी दुकानें या रामघाट की सड़क तक ही पहुंचता था। इस बार नदी ने रामघाट की दुकानें पूरी तरह डुबो दीं।
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रामघाट के अलावा टेंपो स्टैंड और निर्मोही अखाड़ा से रामघाट की ओर की दुकानें भी पानी में डूबी रहीं। एमपी के टेंपो स्टैंड में कमर तक पानी भर गया। धर्मनगरी में विनोद लॉज और कामदगिरि भवन के बेसमेंट पानी में डूब गए। कामतानाथ की मुख्य सड़क पर आवागमन ठप रहा। पुलिस ने एहतियातन सड़क पर बैरिकेड लगा दिए। आरोग्यधाम पुल बाढ़ में बंद रहा, इससे पंचवटी और आरोग्यधाम में आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। कर्वी में तरौहां ढाल पर भी नदी का पानी चढ़ गया। इसके अलावा कर्वी में नदी किनारे सब्जी लगाने वाले दर्जनों किसानों के खेत जलमग्न हो गए और फसल बर्बाद हो गई।
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खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर बह रही
चित्रकूट। चौबीस घंटे में मंदाकिनी नदी के जलस्तर में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। कभी नदी उफनाती तो कभी जलस्तर कम होने लगता। नदी लाल निशान पार कर करीब तीन मीटर ऊपर बही और 129.400 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया, हालांकि पिछले साल दर्ज हुए 131.055 मीटर को छू नहीं सकी। उसने ये रिकॉर्ड 12 जुलाई 2025 को बनाया था। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शुक्रवार सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 126.700 मीटर था। यह खतरे के निशान 126.500 मीटर से 0.200 मीटर ऊपर था। इसके बाद जलस्तर लगातार बढ़ता रहा। सुबह 10:15 बजे से 11:30 बजे तक नदी 129.400 मीटर पर स्थिर रही। यह खतरे के निशान से 2.900 मीटर अधिक है। दोपहर बाद जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। शाम चार बजे तक नदी का जलस्तर 128.100 मीटर पर आ गया।

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

मंदाकिनी के रौद्र रूप के बाद रामघाट का नजारा। स्रोत: प्रशासन

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