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अधिकारी मदद कर आपदा जोखिम को कम कर सकते : दीपाली
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फोटो 19: स्वामी विवेकानंद सभागार में प्रशिक्षण देते राज्य प्रशिक्षक व मौजूद अधिकारी। संवाद
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हरदोई। आपदा के समय सभी विभाग आपसी समन्वय और सहयोग से काम कर जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। दैवी आपदा प्रभारी एडीएम दीपाली भार्गव ने कहा कि एक विभाग की विशेषज्ञता दूसरे विभाग के लिए मददगार साबित हो सकती है।
एडीएम ने शनिवार को स्वामी विवेकानंद सभागार में आपदा जोखिम न्यूनीकरण स्टेक होल्डर कॉन्फ्रेंस में कहा कि आपदा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। बाढ़, अग्निकांड और आकाशीय बिजली और अन्य आपदा की स्थिति में संबंधित विभागों को अपनी भूमिका स्पष्ट रखते हुए आपसी तालमेल से काम करना चाहिए। इससे राहत और बचाव कार्य तेजी से होंगे।
राज्य प्रशिक्षक डॉ. भानू और राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों को आपदा की प्रकृति के अनुसार राहत और बचाव कार्य करने की जानकारी दी। कहा कि प्रत्येक आपदा के प्रभाव अलग होते हैं इसलिए उसके अनुरूप तैयारी और संसाधनों की व्यवस्था जरूरी है।
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प्रशिक्षकों ने आपदा से पहले की तैयारियों, जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, त्वरित सूचना तंत्र और राहत-बचाव के दौरान विभागों की भूमिका की जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस में चार अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर आपदा विशेषज्ञ ज्ञानदीप शर्मा, अनुज कुमार, हर्ष दीक्षित, परमानंद दीक्षित, विशाल दीक्षित और अजय मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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एडीएम ने शनिवार को स्वामी विवेकानंद सभागार में आपदा जोखिम न्यूनीकरण स्टेक होल्डर कॉन्फ्रेंस में कहा कि आपदा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। बाढ़, अग्निकांड और आकाशीय बिजली और अन्य आपदा की स्थिति में संबंधित विभागों को अपनी भूमिका स्पष्ट रखते हुए आपसी तालमेल से काम करना चाहिए। इससे राहत और बचाव कार्य तेजी से होंगे।
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राज्य प्रशिक्षक डॉ. भानू और राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों को आपदा की प्रकृति के अनुसार राहत और बचाव कार्य करने की जानकारी दी। कहा कि प्रत्येक आपदा के प्रभाव अलग होते हैं इसलिए उसके अनुरूप तैयारी और संसाधनों की व्यवस्था जरूरी है।
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प्रशिक्षकों ने आपदा से पहले की तैयारियों, जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, त्वरित सूचना तंत्र और राहत-बचाव के दौरान विभागों की भूमिका की जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस में चार अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर आपदा विशेषज्ञ ज्ञानदीप शर्मा, अनुज कुमार, हर्ष दीक्षित, परमानंद दीक्षित, विशाल दीक्षित और अजय मिश्रा आदि मौजूद रहे।