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हाथरस: बंदरों से डरकर भागा मजदूर दूसरी मंजिल से गिरा, अलीगढ़ में हुई मौत, तीन बच्चों से उठा पिता का साया
Fri, 18 Sep 2026 02:43 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 18 Sep 2026 02:43 PM IST
अपने घर की छत पर टहल रहे मजदूर पप्पू उर्फ देवी किशोर पर आपस में लड़ रहे बंदरों ने अचानक हमला कर दिया, बचने के लिए भागते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वह दूसरी मंजिल से सड़क पर गिर गया।
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बंदरों का आतंक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बंदरों के आतंक ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में छीन लीं। हाथरस जंक्शन के रेलवे रोड पर बृहस्पतिवार शाम बंदरों के हमले से बचने की कोशिश में 50 वर्षीय मजदूर देवी किशोर उर्फ पप्पू अपने ही घर की दूसरी मंजिल की छत से नीचे आ गिरे। अलीगढ़ में इलाज के दौरान उनकी जान चली गई।
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पत्नी मंजू देवी के अनुसार देवी किशोर बृहस्पतिवार शाम को अपने घर की छत पर टहलने गए थे। इस दौरान छत पर मौजूद बंदर आपस में लड़ते हुए अचानक उन पर झपट पड़े। खुद को बचाने के लिए जब वह पीछे की ओर भागे, तो अनियंत्रित होकर दूसरी मंजिल से सीधे सड़क पर आ गिरे। गिरते ही उनके सिर से खून बहने लगा और शरीर में कई जगह फ्रैक्चर होने के कारण वह उठ नहीं सके।
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चीख-पुकार सुनकर आसपास के मोहल्लेवासी मौके पर एकत्र हो गए और बेसुध हालत में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिंताजनक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक देवी किशोर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। हालांकि पिछले कुछ समय से अस्वस्थ होने के कारण वह काम पर नहीं जा पा रहे थे। घर की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए उनकी पत्नी भी मेहनत-मजदूरी कर परिवार का हाथ बंटा रही थीं। देवी किशोर अपने पीछे पत्नी के अलावा तीन बच्चों 24 वर्षीय बड़े बेटे, 22 वर्षीय बेटी और 19 वर्षीय छोटे बेटे को बेसहारा छोड़ गए हैं। तीनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पिता के अचानक चले जाने से बच्चों की उच्च शिक्षा और बेटी के हाथ पीले करने की पूरी जिम्मेदारी अब अकेले बेबस मां के कंधों पर आ टिकी है। इस हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।