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Jhansi: नौकरी मांगने पहुंचे युवक का कराया धर्म परिवर्तन, पादरी समेत चार पर आरोप
Mon, 24 Aug 2026 05:58 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Mon, 24 Aug 2026 05:58 AM IST
आरोप है कि अच्छी नौकरी दिला देने के बहाने पादरी उसे अपने घर ले गया। यहां प्रार्थना सभा चल रही थी। वहां उसके सिर पर हाथ रखकर प्रार्थना की गई। पवित्र जल डालने के साथ अन्य धार्मिक प्रक्रिया कराई गई।
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धर्म परिवर्तन कराने का मामला।
- फोटो : istock
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विस्तार
बबीना इलाके में नौकरी की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। हमीरपुर के छेदी बेनी सरीला गांव निवासी पवन कुमार ने वीडियो समेत शिकायती पत्र देते हुए चर्च के पादरी समेत चार पर आरोप लगाया है।
युवक का कहना है कि नौकरी देने के नाम पर चर्च में धर्म परिवर्तन कराने का खेल हो रहा है। इसमें विदेशों से आए पैसों का सहारा लिया जा रहा है। शिकायती पत्र मिलने के बाद एसपी सिटी प्रीति सिंह ने मामले की जांच शुरू कर दी। युवक भी अपना बयान दर्ज करा चुका हैए हालांकि आरोपियों के खिलाफ अब तक पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।
शिकायतकर्ता पवन कुमार ने पुलिस को बताया कि नौकरी की तलाश में वह झांसी आया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात बबीना में एक पादरी से हुई। आरोप है कि अच्छी नौकरी दिला देने के बहाने पादरी उसे अपने घर ले गया। यहां प्रार्थना सभा चल रही थी। वहां उसके सिर पर हाथ रखकर प्रार्थना की गई। पवित्र जल डालने के साथ अन्य धार्मिक प्रक्रिया कराई गई। वहां अन्य लोग भी मौजूद थे। आरोप है कि पादरी ने उसे चर्च में बुलाकर ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार से संबंधित पुस्तकें दीं और उसे अपने मित्रों व रिश्तेदारों को यह पुस्तक देने के लिए कहा गया।
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शिकायतकर्ता का कहना है कि नौकरी दिलाने के बहाने धोखे से उसका धर्म परिवर्तन कर दिया गया। इसकी जानकारी घरवालों को होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। पवन के मुताबिक उसने ईसाई धर्म अपनाने से इन्कार करके वापस जाने का फैसला कियाए लेकिन इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि पादरी के कहने पर तीन लोगों ने उसे पीटते हुए जान से मारने की धमकी दी। इससे डरकर पवन ने बबीना पुलिस को शिकायत दी। कई दिनों तक बबीना पुलिस के कार्रवाई न करने पर उसने एसएसपी से शिकायत की। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच एसपी सिटी प्रीति सिंह को सौंप दी। थाना प्रभारी राहुल राठौर का कहना है कि शिकायतकर्ता से अभी संपर्क नहीं हो सका है। उससे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
संवेदनशील मामला होने के बावजूद एक माह में जांच नहीं हुई पूरी
योगी सरकार ने धर्मांतरण को बेहद संवेदनशील मामला मानते हुए विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद पुलिस अफसरों पर इन निर्देशों का कोई भी प्रभाव होता नहीं दिखता। शिकायकर्ता पवन कुमार ने जान का खतरा देखते हुए 22 जुलाई को एसएसपी के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। तत्कालीन एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने 23 जुलाई को एसपी सिटी प्रीति सिंह को इस मामले की जांच के निर्देश दिए। एसपी सिटी प्रीति सिंह ने 1 अगस्त को पवन को बयान दर्ज कराने के लिए बुलायाए लेकिन खतरे को देखते हुए पवन हाजिर नहीं हुआ। उसके बाद पुलिस ने भी मामले को फाइल में ही बंद कर दिया। एसपी सिटी प्रीति सिंह एवं सीओ सदर प्रिया सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों अफसरों ने फोन नहीं उठाया।
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युवक का कहना है कि नौकरी देने के नाम पर चर्च में धर्म परिवर्तन कराने का खेल हो रहा है। इसमें विदेशों से आए पैसों का सहारा लिया जा रहा है। शिकायती पत्र मिलने के बाद एसपी सिटी प्रीति सिंह ने मामले की जांच शुरू कर दी। युवक भी अपना बयान दर्ज करा चुका हैए हालांकि आरोपियों के खिलाफ अब तक पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।
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शिकायतकर्ता पवन कुमार ने पुलिस को बताया कि नौकरी की तलाश में वह झांसी आया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात बबीना में एक पादरी से हुई। आरोप है कि अच्छी नौकरी दिला देने के बहाने पादरी उसे अपने घर ले गया। यहां प्रार्थना सभा चल रही थी। वहां उसके सिर पर हाथ रखकर प्रार्थना की गई। पवित्र जल डालने के साथ अन्य धार्मिक प्रक्रिया कराई गई। वहां अन्य लोग भी मौजूद थे। आरोप है कि पादरी ने उसे चर्च में बुलाकर ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार से संबंधित पुस्तकें दीं और उसे अपने मित्रों व रिश्तेदारों को यह पुस्तक देने के लिए कहा गया।
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शिकायतकर्ता का कहना है कि नौकरी दिलाने के बहाने धोखे से उसका धर्म परिवर्तन कर दिया गया। इसकी जानकारी घरवालों को होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। पवन के मुताबिक उसने ईसाई धर्म अपनाने से इन्कार करके वापस जाने का फैसला कियाए लेकिन इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि पादरी के कहने पर तीन लोगों ने उसे पीटते हुए जान से मारने की धमकी दी। इससे डरकर पवन ने बबीना पुलिस को शिकायत दी। कई दिनों तक बबीना पुलिस के कार्रवाई न करने पर उसने एसएसपी से शिकायत की। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच एसपी सिटी प्रीति सिंह को सौंप दी। थाना प्रभारी राहुल राठौर का कहना है कि शिकायतकर्ता से अभी संपर्क नहीं हो सका है। उससे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
संवेदनशील मामला होने के बावजूद एक माह में जांच नहीं हुई पूरी
योगी सरकार ने धर्मांतरण को बेहद संवेदनशील मामला मानते हुए विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद पुलिस अफसरों पर इन निर्देशों का कोई भी प्रभाव होता नहीं दिखता। शिकायकर्ता पवन कुमार ने जान का खतरा देखते हुए 22 जुलाई को एसएसपी के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। तत्कालीन एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने 23 जुलाई को एसपी सिटी प्रीति सिंह को इस मामले की जांच के निर्देश दिए। एसपी सिटी प्रीति सिंह ने 1 अगस्त को पवन को बयान दर्ज कराने के लिए बुलायाए लेकिन खतरे को देखते हुए पवन हाजिर नहीं हुआ। उसके बाद पुलिस ने भी मामले को फाइल में ही बंद कर दिया। एसपी सिटी प्रीति सिंह एवं सीओ सदर प्रिया सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों अफसरों ने फोन नहीं उठाया।