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Kannauj News: हाईस्कूल के दो प्रमाणपत्र लगाने वाले अभ्यर्थी पर प्राथमिकी
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कन्नौज। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की परीक्षा में एक अभ्यर्थी को संदिग्ध दस्तावेज के साथ पकड़ा गया। 19 अगस्त 2026 को पुलिस लाइन सभागार में दस्तावेज सत्यापन के दौरान यह मामला सामने आया। अभ्यर्थी ने दो अलग-अलग हाईस्कूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे।
मैनपुरी के पुलंदर बगिया निवासी अमन शर्मा ने ये स्वप्रमाणित प्रतियां बोर्ड के सामने पेश कीं। बोर्ड के अध्यक्ष उपजिलाधिकारी राजेश कुमार थे। सदस्यों में क्षेत्राधिकारी मयंक मिश्रा, प्रधानाचार्य सदस्य, निरीक्षक दिनेश कुमार और धीरेंद्र शामिल थे। एक प्रमाण पत्र हाईस्कूल परीक्षा 2014 का था, जिसमें जन्मतिथि 19 सितंबर 2000 दर्ज थी। दूसरा प्रमाण पत्र हाईस्कूल परीक्षा 2022 का था, जिसमें जन्मतिथि 15 अक्तूबर 2004 थी। दोनों प्रमाण पत्रों में जन्मतिथि अलग-अलग पाई गई। बोर्ड ने इसे भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी माना।
बोर्ड ने प्रभारी निरीक्षक सदर कोतवाली को तहरीरदेकर विधिक कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन
सरकारी नौकरी में दो जन्मतिथि या फर्जी अंकपत्र लगाना धोखाधड़ी और कूटरचना का गंभीर अपराध है। नौकरी तो जाएगी ही, जेल और भविष्य की सभी भर्तियों से प्रतिबंध भी लग सकता है। उम्र कम करने के लिए दूसरा हाईस्कूल प्रमाणपत्र बनवाना अब संभव नहीं है। बोर्ड डिजीलॉकर, यूपी बोर्ड के डेटाबेस से तुरंत सत्यापन कर लेता है। -विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक कन्नौज
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मैनपुरी के पुलंदर बगिया निवासी अमन शर्मा ने ये स्वप्रमाणित प्रतियां बोर्ड के सामने पेश कीं। बोर्ड के अध्यक्ष उपजिलाधिकारी राजेश कुमार थे। सदस्यों में क्षेत्राधिकारी मयंक मिश्रा, प्रधानाचार्य सदस्य, निरीक्षक दिनेश कुमार और धीरेंद्र शामिल थे। एक प्रमाण पत्र हाईस्कूल परीक्षा 2014 का था, जिसमें जन्मतिथि 19 सितंबर 2000 दर्ज थी। दूसरा प्रमाण पत्र हाईस्कूल परीक्षा 2022 का था, जिसमें जन्मतिथि 15 अक्तूबर 2004 थी। दोनों प्रमाण पत्रों में जन्मतिथि अलग-अलग पाई गई। बोर्ड ने इसे भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी माना।
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बोर्ड ने प्रभारी निरीक्षक सदर कोतवाली को तहरीरदेकर विधिक कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सरकारी नौकरी में दो जन्मतिथि या फर्जी अंकपत्र लगाना धोखाधड़ी और कूटरचना का गंभीर अपराध है। नौकरी तो जाएगी ही, जेल और भविष्य की सभी भर्तियों से प्रतिबंध भी लग सकता है। उम्र कम करने के लिए दूसरा हाईस्कूल प्रमाणपत्र बनवाना अब संभव नहीं है। बोर्ड डिजीलॉकर, यूपी बोर्ड के डेटाबेस से तुरंत सत्यापन कर लेता है। -विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक कन्नौज