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Kannauj News: गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई, कासिमपुर में घुसा पानी
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फोटो :01: कासिमपुर गांव में पानी से घिरी झोपड़ी।संवाद
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कन्नौज। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांवों में चिंता बढ़ने लगी है। कासिमपुर गांव में बाढ़ का पानी झोपड़ियों तक पहुंच गया है, जबकि गांव को जोड़ने वाली पुलिया पर भी पानी बहने लगा है। ग्रामीण हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अभी गंगा खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन बढ़ते जलस्तर ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
शुक्रवार को गंगा का पानी कासिमपुर गांव की झोपड़ियों तक पहुंच गया। पुलिया पर पानी आने से आवाजाही प्रभावित होने लगी है। यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो निचले इलाकों के परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गंगा की चाल तेज हुई है। खेतों के बाद अब पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन ने अभी राहत और बचाव की तैयारियों पर नजर बनाए रखी है, लेकिन कासिमपुर के लोगों को डर है कि अगर जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी जय लक्ष्मी पांडेय ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की टीम हालात पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव के कदम उठाए जाएंगे।
इनसेट
राहत की गाड़ियां पहले पहुंचेंगी या बाढ़ का पानी
गंगा दरवाजे पर, राहत अभी रास्ते में...कासिमपुर में गंगा का पानी झोपड़ियों तक पहुंच चुका है और पुलिया पर भी बहाव शुरू हो गया है। खतरा धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन फिलहाल निगरानी और रिपोर्टों के भरोसे नजर आ रहा है। ग्रामीणों के सामने बड़ा सवाल है कि राहत की गाड़ियां पहले पहुंचेंगी या बाढ़ का पानी।
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इनसेट
अफसर तो आए पर राहत नहीं लाए
कासिमपुर गांव के रहने वाले संतोष और जगदीश बताते हैं गंगा की बढ़ती लहरें में दस्तक दे चुकी हैं। झोपड़ियां पानी से घिर रही हैं, पुलिया डूबने की कगार पर है, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत और बचाव की कोई हलचल नजर नहीं आ रही। सरकारी फाइलों में निगरानी जारी है, जबकि गांव वाले बढ़ते पानी के बीच अपने हाल पर छोड़ दिए गए हैं। ग्रामीण का कहना है कि अफसर तो कई बार आए लेकिन राहत नहीं लाए।
इनसेट
गंगा की आंकड़ों में स्थिति
-महादेवी घाट पर गंगा का जलस्तर: 125.020 मीटर।
-24 घंटे में बढ़ोतरी: 0.040 मीटर (चार सेंटीमीटर)।
-खतरे का निशान: 125.970 मीटर।
-खतरे के निशान से दूरी: 0.950 मीटर (95 सेंटीमीटर)।
-अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर: 126.780 मीटर।
-गंगा बैराज से डिस्चार्ज: 1,34,584 क्यूसेक।
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शुक्रवार को गंगा का पानी कासिमपुर गांव की झोपड़ियों तक पहुंच गया। पुलिया पर पानी आने से आवाजाही प्रभावित होने लगी है। यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो निचले इलाकों के परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गंगा की चाल तेज हुई है। खेतों के बाद अब पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन ने अभी राहत और बचाव की तैयारियों पर नजर बनाए रखी है, लेकिन कासिमपुर के लोगों को डर है कि अगर जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी जय लक्ष्मी पांडेय ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की टीम हालात पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव के कदम उठाए जाएंगे।
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राहत की गाड़ियां पहले पहुंचेंगी या बाढ़ का पानी
गंगा दरवाजे पर, राहत अभी रास्ते में...कासिमपुर में गंगा का पानी झोपड़ियों तक पहुंच चुका है और पुलिया पर भी बहाव शुरू हो गया है। खतरा धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन फिलहाल निगरानी और रिपोर्टों के भरोसे नजर आ रहा है। ग्रामीणों के सामने बड़ा सवाल है कि राहत की गाड़ियां पहले पहुंचेंगी या बाढ़ का पानी।
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अफसर तो आए पर राहत नहीं लाए
कासिमपुर गांव के रहने वाले संतोष और जगदीश बताते हैं गंगा की बढ़ती लहरें में दस्तक दे चुकी हैं। झोपड़ियां पानी से घिर रही हैं, पुलिया डूबने की कगार पर है, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत और बचाव की कोई हलचल नजर नहीं आ रही। सरकारी फाइलों में निगरानी जारी है, जबकि गांव वाले बढ़ते पानी के बीच अपने हाल पर छोड़ दिए गए हैं। ग्रामीण का कहना है कि अफसर तो कई बार आए लेकिन राहत नहीं लाए।
इनसेट
गंगा की आंकड़ों में स्थिति
-महादेवी घाट पर गंगा का जलस्तर: 125.020 मीटर।
-24 घंटे में बढ़ोतरी: 0.040 मीटर (चार सेंटीमीटर)।
-खतरे का निशान: 125.970 मीटर।
-खतरे के निशान से दूरी: 0.950 मीटर (95 सेंटीमीटर)।
-अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर: 126.780 मीटर।
-गंगा बैराज से डिस्चार्ज: 1,34,584 क्यूसेक।

फोटो :01: कासिमपुर गांव में पानी से घिरी झोपड़ी।संवाद