कन्नौज सोना तस्करी: ‘रूट तय, प्लान भी पक्का, सात जिलों की पुलिस को चकमा, कोड से होनी थी डिलीवरी, ऐसे खुला खेल
Kannauj Gold Smuggling News: गोरखपुर से दिल्ली की ओर जा रही सोने की तस्करी से भरी एक कार सात जिलों की पुलिस को चकमा देते हुए कन्नौज पहुंची, जहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सकरावा थानाध्यक्ष की सरकारी जीप से उसकी टक्कर हो गई। इस मामूली हादसे ने 16 करोड़ रुपये की गोल्ड स्मगलिंग का पर्दाफाश कर दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कन्नौज जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार देर रात सड़क हादसे से सोने की तस्करी की परतें खुल गईं। रात करीब दो बजे ड्यूटी से लौट रहे सकरावा थानाध्यक्ष की सरकारी जीप में पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार (ब्रेजा) ने निकवा गांव के पास टक्कर मार दी। हादसे में पुलिसकर्मी सुरक्षित बच गए। पुलिस ने टक्कर मारने वाली कार की तलाशी ली तो उसमें सोने के 10 ईंटे मिलीं।
जिनका वजन 10.37 किलोग्राम और कीमत 16 करोड़ रुपये है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनमें एक महराजगंज का और दूसरा नेपाल का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक यह सोना महराजगंज और गोरखपुर से दिल्ली ले जाया जा रहा था। सोना मिलने की सूचना पर जीएसटी उपायुक्त हरेकृष्ण राय और लखनऊ से कस्टम एवं सीमा शुल्क निवारण विभाग के अधीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे।
दोनों को पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाया गया
कस्टम अधिकारियों ने कार चला रहे महारागंज के गांव ठूटीबाड़ी के संदीप जायसवाल और उसके साथ नेपाल के जिला पाल्पा के गांव हुंगी निवासी सरोज पंथ को हिरासत में ले लिया। दोनों सोने के संबंध में कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके। आरोपियों ने बताया कि यह सोना दिल्ली के दरियागंज ले जाया जा रहा था। दोनों को पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाया गया है।
कार नंबर और कोड से होनी थी डिलीवरी
कार चालक संदीप ने बताया कि उसे महाराजगंज में ठूठीबारी सीमा पर परचून दुकान चलाने वाले रियाज ने फोन कर गोरखपुर पहुंचने को कहा। यहां पहुंचते ही नेपाल के पल्पा जिला के हुगी गांव का रहने वाला सरोज पंथ मिला। सरोज के पास सोने से भरा बैग था। संदीप को कहा गया कि वह कार से सरोज को दिल्ली के दरियागंज पहुंचाए। यहां सिर्फ कार का नंबर और कोड देखकर अज्ञात शख्स को यह सोने की खेप सौंपनी थी।
बरामद सोने की 10 ईंटों का वजन (ग्राम में)
1102.83, 889.96, 964.05, 1008.73, 1055.91, 1026.43, 907.65, 1077.83, 882.91 और 1121.02 ग्राम।
तस्करी से जुड़ा मामला है। इसलिए इसकी जांच कस्टम व राज्यकर विभाग को सौंपी गई है। कस्टम ही प्राथमिकी दर्ज कर इसकी विवेचना करेगा। -विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक
सात जिलों को चकमा, टक्कर से खुला सोना तस्करी का राज
गोरखपुर से दिल्ली की राह पर सात जिलों की पुलिस को चकमा देकर फर्राटे भर रही गोल्डन कार चालक की किस्मत कन्नौज में दगा दे गई। सकरावा थानाध्यक्ष भागमल सिंह की सरकारी जीप से हुई मामूली टक्कर ने 16 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय गोल्ड स्मगलिंग रैकेट का खुलासा कर दिया। सोने की 10 चमचमाती ईंटों के बारे में पता लगाने में कस्टम विभाग के अधिकारी जुटे हैं।
तस्करों का प्लान बिल्कुल सटीक था
सकरावा थाना प्रभारी भागमल सिंह रात दो बजे हमराह सिपाहियों योगेंद्र कुमार, मोहन दिवाकर और महिला सिपाही रितु चाहर के साथ कन्नौज में कांवड़ यात्रा की ड्यूटी से लौट रहे थे। गाड़ी सिपाही लोकेंद्र सिंह चला रहे थे। एक्सप्रेसवे पर निकवा गांव के पास ब्रेजा कार की टक्कर से यह राज खुला। तस्करों का प्लान बिल्कुल सटीक था। कार गोरखपुर से निकली और संतकबीरनगर, बस्ती, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर नगर जैसे छह बड़े जिलों को लांघती हुई कन्नौज सीमा में दाखिल हो चुकी थी।
कार में मिला मेड इन नेपाल एनर्जी ड्रिंक
सफर लंबा था और तस्कर पूरी तैयारी में थे। कार की तलाशी के दौरान सोने की ईंटों के साथ मेड इन नेपाल लिखे एनर्जी ड्रिंक के दो कैन भी मिले हैं। माना जा रहा है कि ढाबे पर रुकने से बचने के लिए यह एनर्जी ड्रिंक रखे थे। कस्टम विभाग के अधीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी, मदन गोपाल शुक्ला, अशोक कुमार निरीक्षक सचिन द्विवेदी की जांच पड़ताल की। वहीं, सीओ सिटी शिल्पा वर्मा ने बताया कि सोना कहां से लाया गया था और दिल्ली में किसे सप्लाई किया जाना था, इसकी साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर जांच की जा रही है। मामले को कस्टम विभाग के सुपुर्द किया गया है।