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फतेहपुर: चार मांगें पूरी, विज्ञान की मान्यता और जर्जर भवन पर फिर छात्रों ने किया प्रदर्शन
Mon, 28 Sep 2026 10:35 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 28 Sep 2026 10:35 AM IST
सर्वोदय इंटर कॉलेज किशनपुर में 950 विद्यार्थी पहुंचे। करीब 50 विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया। अफसरों ने पहुंचकर जायजा लिया।
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प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चार मांगें पूरी होने के बावजूद सर्वोदय इंटर कॉलेज किशनपुर में छात्रों (जेन-अल्फा) का असंतोष सोमवार को फिर विद्यालय के गेट तक पहुंच गया। 28 जुलाई के प्रदर्शन में उठाई गई आठ मांगों में से पंखे, शौचालय, वाटर कूलर और मिड-डे मील से जुड़ी मांगें पूरी हो चुकी हैं, जबकि इंटर स्तर पर विज्ञान वर्ग की मान्यता और जर्जर भवन का मुद्दा अब भी लंबित है।
सर्वोदय इंटर कॉलेज में करीब 1200 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। सोमवार को करीब 950 विद्यार्थी विद्यालय पहुंचे। सुबह करीब आठ बजे कक्षा 12 के छात्र अंकुर ने पुरानी मांगों का हवाला देते हुए विद्यार्थियों को प्रदर्शन के लिए एकत्र करना शुरू किया। इसके बाद करीब 50 छात्र विद्यालय के गेट पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कक्षाओं में मौजूद अन्य विद्यार्थियों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की, लेकिन अधिकांश छात्र कक्षाओं से बाहर नहीं निकले। अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने के कारण आंदोलन ज्यादा देर तक आगे नहीं बढ़ सका।
सूचना पर किशनपुर थानाध्यक्ष मनीष सिंह और खखरेरू थानाध्यक्ष टीम के साथ विद्यालय पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए विद्यालय के बाहर एक कंपनी पीएसी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
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बाद में जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार, एसडीएम खागा अश्वनी सिंह और सीओ खागा रवि सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और छात्रों से उनकी मांगों की जानकारी ली। पुलिस-पीएसी की तैनाती और अधिकारियों के समझाने के बाद छात्र शांत हुए। करीब ढाई घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।
प्रधानाचार्य बोले- शनिवार को होगी बैठक
प्रधानाचार्य लाल बहादुर सिंह ने बताया कि विद्यार्थी रोज की तरह प्रार्थना के बाद कक्षाओं में चले गए थे। प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने अन्य विद्यार्थियों को आंदोलन में शामिल करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश ने पढ़ाई को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से शनिवार को बैठक रखी गई है, जिसमें सभी मांगों और समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, उनका कहना है कि छात्र पूरे विद्यालय को जर्जर बता रहे हैं, ऐसे में पूरे विद्यालय का निर्माण करा पाना संभव नहीं है।
विज्ञान की मान्यता शासन से, भवन का निर्माण तत्काल संभव नहीं
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि छात्रों की कुछ मांगें पहले ही पूरी हो चुकी हैं। शौचालय, पंखे और मिड-डे मील से संबंधित मांगों पर कार्रवाई की गई है। विद्यालय भवन का नवीनीकरण या नए भवन का निर्माण तत्काल संभव नहीं है। इंटर स्तर पर विज्ञान वर्ग की मान्यता के लिए शासन स्तर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, इसलिए इसे तुरंत देना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण खेल गतिविधियां नहीं हो सकी हैं, जिन्हें आगे कराया जाएगा।
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सर्वोदय इंटर कॉलेज में करीब 1200 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। सोमवार को करीब 950 विद्यार्थी विद्यालय पहुंचे। सुबह करीब आठ बजे कक्षा 12 के छात्र अंकुर ने पुरानी मांगों का हवाला देते हुए विद्यार्थियों को प्रदर्शन के लिए एकत्र करना शुरू किया। इसके बाद करीब 50 छात्र विद्यालय के गेट पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कक्षाओं में मौजूद अन्य विद्यार्थियों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की, लेकिन अधिकांश छात्र कक्षाओं से बाहर नहीं निकले। अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने के कारण आंदोलन ज्यादा देर तक आगे नहीं बढ़ सका।
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सूचना पर किशनपुर थानाध्यक्ष मनीष सिंह और खखरेरू थानाध्यक्ष टीम के साथ विद्यालय पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए विद्यालय के बाहर एक कंपनी पीएसी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
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बाद में जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार, एसडीएम खागा अश्वनी सिंह और सीओ खागा रवि सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और छात्रों से उनकी मांगों की जानकारी ली। पुलिस-पीएसी की तैनाती और अधिकारियों के समझाने के बाद छात्र शांत हुए। करीब ढाई घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।
प्रधानाचार्य बोले- शनिवार को होगी बैठक
प्रधानाचार्य लाल बहादुर सिंह ने बताया कि विद्यार्थी रोज की तरह प्रार्थना के बाद कक्षाओं में चले गए थे। प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने अन्य विद्यार्थियों को आंदोलन में शामिल करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश ने पढ़ाई को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से शनिवार को बैठक रखी गई है, जिसमें सभी मांगों और समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, उनका कहना है कि छात्र पूरे विद्यालय को जर्जर बता रहे हैं, ऐसे में पूरे विद्यालय का निर्माण करा पाना संभव नहीं है।
विज्ञान की मान्यता शासन से, भवन का निर्माण तत्काल संभव नहीं
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि छात्रों की कुछ मांगें पहले ही पूरी हो चुकी हैं। शौचालय, पंखे और मिड-डे मील से संबंधित मांगों पर कार्रवाई की गई है। विद्यालय भवन का नवीनीकरण या नए भवन का निर्माण तत्काल संभव नहीं है। इंटर स्तर पर विज्ञान वर्ग की मान्यता के लिए शासन स्तर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, इसलिए इसे तुरंत देना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण खेल गतिविधियां नहीं हो सकी हैं, जिन्हें आगे कराया जाएगा।