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Meerut News: संशोधित<bha>--</bha>झुलसे जगबीर की मौत, महिला अपहरण के विरोध का आरोप
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- पीर की देखरेख करता था, बुधवार को संदिग्ध हालात में झुलसा था
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। राफन गांव के पास एक पीर पर रहने वाले जगबीर की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में झुलसने के बाद बृहस्पतिवार को मौत हो गई। उसे इलाज के लिए मेरठ रेफर किया गया था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि एक मूक-बधिर महिला को जबरन ले जाने का विरोध करने पर उसे जलाया गया था।
मवाना थाना प्रभारी ब्रह्मकुमार त्रिपाठी ने जगबीर की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ पंकज लवानिया का कहना है कि जगबीर ने स्वयं आग लगाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि महिला के अपहरण के आरोपों की जांच कराई जाएगी। जगबीर ने 14 जुलाई को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एक मूक-बधिर महिला के अपहरण और दबंगों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पत्र में उसने थाने में सुनवाई न होने की बात कही थी। उसने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और महिला की सकुशल बरामदगी की मांग की थी।
मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र
जगबीर ने अपने पत्र में आरोप लगाया था कि 3 जुलाई को गांव का एक व्यक्ति उस दिव्यांग महिला को जबरदस्ती ले जा रहा था। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी थी। उसने यह भी बताया था कि कुछ महीने पहले कुछ असामाजिक तत्वों ने महिला का अपहरण कर दुष्कर्म किया था। बाद में उसे एक नहर के पास छोड़ दिया गया था। वहां से एक व्यक्ति उसे वापस जगबीर के पास छोड़ गया था। उसने पत्र में अपहृत महिला की बरामदगी और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। राफन गांव के पास एक पीर पर रहने वाले जगबीर की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में झुलसने के बाद बृहस्पतिवार को मौत हो गई। उसे इलाज के लिए मेरठ रेफर किया गया था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि एक मूक-बधिर महिला को जबरन ले जाने का विरोध करने पर उसे जलाया गया था।
मवाना थाना प्रभारी ब्रह्मकुमार त्रिपाठी ने जगबीर की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ पंकज लवानिया का कहना है कि जगबीर ने स्वयं आग लगाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि महिला के अपहरण के आरोपों की जांच कराई जाएगी। जगबीर ने 14 जुलाई को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एक मूक-बधिर महिला के अपहरण और दबंगों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पत्र में उसने थाने में सुनवाई न होने की बात कही थी। उसने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और महिला की सकुशल बरामदगी की मांग की थी।
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मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र
जगबीर ने अपने पत्र में आरोप लगाया था कि 3 जुलाई को गांव का एक व्यक्ति उस दिव्यांग महिला को जबरदस्ती ले जा रहा था। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी थी। उसने यह भी बताया था कि कुछ महीने पहले कुछ असामाजिक तत्वों ने महिला का अपहरण कर दुष्कर्म किया था। बाद में उसे एक नहर के पास छोड़ दिया गया था। वहां से एक व्यक्ति उसे वापस जगबीर के पास छोड़ गया था। उसने पत्र में अपहृत महिला की बरामदगी और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
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