आयुर्वेद-यूनानी में फर्जीवाड़ा: 41 फर्जी चिकित्सकों की सूची में अमरोहा के तीन, मुरादाबाद का एक डॉक्टर शामिल
फर्जी डिग्री के सहारे आयुर्वेद-यूनानी चिकित्सा में पंजीयन कराने वाले 41 डॉक्टरों की सूची में अमरोहा के तीन और मुरादाबाद के एक व्यक्ति का नाम सामने आया है। सभी ने कुरुक्षेत्र के श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल की फर्जी डिग्री प्रस्तुत की थी। एनसीआईएसएम की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी।
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फर्जी डिग्री के सहारे आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में पंजीयन कराने वाले 41 डॉक्टरों की सूची में अमरोहा के तीन और मुरादाबाद से एक का नाम शामिल है। अमरोहा निवासी फर्जी चिकित्सकों में सैदनगली निवासी सत्यपाल सिंह, अमरोहा नगर के मोहल्ला अहमदनगर वारी सराय निवासी देवेंद्र कुमार और हसनपुर के मोहल्ला कनैटा रोड वार्ड-14 निवासी मुन्तजिम का नाम शामिल है।
इनमें देवेंद्र कुमार क्षेत्रीय सभासद भी हैं। वहीं मुरादाबाद में पाकबड़ा निवासी तनवीर अहमद का भी नाम है। आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति से मरीजों का उपचार करने के लिए बीएएमएस या बीयूएमएस की मान्य डिग्री हासिल करने के बाद संबंधित बोर्ड में पंजीयन कराना अनिवार्य होता है।
वर्ष 2025 में फर्जी डिग्री के सहारे पांच डॉक्टरों के पंजीयन का मामला सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू हुई थी। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) की टीम ने लखनऊ पहुंचकर पड़ताल की तो कुल 41 डॉक्टरों की डिग्रियां फर्जी पाईं गईं हैं।
इन सभी ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल की डिग्री प्रस्तुत की थी। अमरोहा के आयुष विभाग में इन तीनों लोगों के संबंध में फिलहाल कोई रजिस्ट्रेशन उपलब्ध नहीं हैं।
डिग्री और पंजीकरण से झाड़ा पल्ला
सभासद देवेंद्र कुमार मेडिकल स्टोर भी संचालित करते हैं। विभागीय टीम उनके पास जांच के सिलसिले में पहुंची थी। देवेंद्र कुमार ने विभाग को शपथ पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले मुकेश नाम का एक व्यक्ति उनसे मिला था, जिसने डिग्री दिलाने का झांसा दिया था।
उन्होंने न तो कभी कोई डिग्री ली और न ही अपने नाम से पंजीकरण कराया। उनके नाम से आयुर्वेदिक डिग्री और पंजीकरण कैसे हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
तीन वर्ष पहले लखनऊ से ही पंजीकरण निरस्त
फर्जी डॉक्टरों की सूची में अमरोहा के तीन लोगों के नाम शामिल हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर इनमें से कोई भी चिकित्सा कार्य नहीं कर रहा है। न ही वर्तमान में किसी का पंजीकरण है। हमारे स्तर से क्लीनिक या अस्पताल खोलने के लिए आवेदन करने वाले चिकित्सकों के पंजीकरण का ऑनलाइन सत्यापन किया जाता है। तीनों के पंजीकरण करीब तीन वर्ष पहले ही लखनऊ स्तर से निरस्त किए जा चुके हैं। -डॉ. अमर दीप सिंह नायक, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, मुरादाबाद