केंद्रीय विद्यालय 4: आठ करोड़ का भवन, निर्माण में 21 कमियां; संस्था-विद्यालय के बीच लटकी हैंडओवर प्रकिया
केंद्रीय विद्यालय बीएलडब्ल्यू के नए भवन के निर्माण में आठ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस भवन के निर्माण में 21 गंभीर कमियां हैं। जांच के बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन को सौंपी गई रिपोर्ट में यह कमियां और अधूरे कार्य उजागर हुए हैं।
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बाबतपुर से पहले जमालपुर में केंद्रीय विद्यालय बीएलडब्ल्यू के नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। आठ करोड़ रुपये खर्च कर चार एकड़ जमीन में बनाए जा रहे इस विद्यालय भवन में एक दो नहीं 21 गंभीर कमियां हैं। केंद्रीय विद्यालय बीएलडब्ल्यू के प्रभारी प्रधानाचार्य मेवा लाल की ओर से जांच के बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन को सौंपी गई रिपोर्ट में यह कमियां और अधूरे कार्य उजागर हुए हैं।
प्रधानाचार्य ने कार्यदायी संस्था से विद्यालय को हैंडओवर लेने से साफ मना कर दिया है। प्रधानाचार्य का कहना है कि काम मानकों के अनुरूप पूरा होगा तभी विद्यालय का भवन हैंडओवर लिया जाएगा। इस साल से ही इस विद्यालय में सत्र शुरू होना था जो कि काम में लापरवाही की वजह से नहीं हो पाया।
केंद्रीय विद्यालय बीएलडब्ल्यू को जमालपुर में बन रहे परिसर में शिफ्ट किया जाना है। सतोमहुआ में इस भवन और परिसर का निर्माण कार्य साल 2018 में शुरू हुआ। निर्माण की जिम्मेदारी हिंदुस्तान स्टीलवर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को दी गई है। इसमें दो सेक्शन में कुल 1500 बच्चों के पढ़ने की व्यवस्था होगी।
योजना के तहत परिसर में चार एकड़ जमीन में जी प्लस एक के दो विद्यालय भवन, विज्ञान, गणित, कंप्यूटर की लैब, बच्चों के लिए खेल मैदान, पार्किंग, कैंटीन, लाइब्रेरी, पुरुष व महिला शौचालय का निर्माण कराया जाना है। इसके अलावा नौ स्टाफ क्वार्टर भी बनाए जा रहे हैं। एक प्रधानाचार्य, 4 पीजीटी और 4 टीजीटी स्टाफ के लिए हैं।
जुलाई 2025 में ही इस भवन का काम पूरा होना था और कार्यदायी संस्था की ओर से बीएलडब्ल्यू केवि को पूरी परियोजना को हैंडओवर किया जाना था। केवि बीएलडल्ब्यू के प्राचार्य का आरोप है कि जब निर्माण कार्यों की जांच की गई तो इसमें 21 गंभीर कमियां और अधूरे कार्य मिले। इस कारण इसे हैंडओवर नहीं लिया गया।
प्रधानाचार्य ने बताया कि खेल मैदान के ऊपर हाईटेंशन का तार गुजरा है। इसे हटवाने के लिए 5 बार बिजली निगम से पत्राचार किया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जांच में ये मिलीं कमियां
प्राचार्य ने बताया कि उनके व शिक्षक प्रमोद कुमार राय की ओर से बीते दिनों निर्माण कार्यों की जांच की गई। इसमें सामने आया कि विद्यालय की दीवारों पर सीलन थी। पूरे विद्यालय में फिनिशिंग का काम अधूरा है। मिट्टी कहीं नहीं पाटी गई है, जिससे जमीन धंसने की आशंका है। स्टाफ क्वार्टर में बाथरूम नहीं बने हैं। कहीं भी टैंक नहीं बने हैं। परिसर में कहीं भी स्ट्रीट लाइट नहीं है। दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप नहीं है। खो-खो और वॉलीबाल के लिए ग्राउंड नहीं बना है। विद्यालय भवन में जलनिकासी की सुविधा नहीं है। भवन में लगी खिड़कियों व दरवाजों की लकड़ी की गुणवत्ता खराब है। 21 कमियां जांच रिपोर्ट में बताई गई हैं।
हाईटेंशन तार हटाने के लिए पांच वार से ज्यादा बार पत्राचार किया गया
प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय की सबसे बड़ी कमी यह है कि खेल मैदान के ठीक ऊपर से हाईटेंशन का तार गुजरा है। इसे हटवाने के लिए कम से कम 5 बार बिजली निगम के अधिकारियों से पत्राचार किया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस तार से खतरा है। विद्यालय में इस कारण भी पठन-पाठन शुरू नहीं हो सकता है।
निर्माण में 21 कमियां पाई गईं हैं। मानक के अनुरूप काम नहीं कराया गया है। कार्यदायी संस्था परियोजना को हैंडओवर करना चाह रही जिसे अधूरा और मानक के अनुसार न होने के कारण नहीं लिया जा रहा है। जांच रिपोर्ट में मिली कमियों की रिपोर्ट केंद्रीय विद्यालय संगठन वाराणसी संभाग को भेजी गई है। वहां के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। -मेवा लाल, प्रभारी प्रधानाचार्य, केंद्रीय विद्यालय बीएलडब्ल्यू, वाराणसी