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Almora News: तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया पिंजरे, फंस गया शावक
Sat, 22 Aug 2026 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 22 Aug 2026 10:50 PM IST
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अल्मोड़ा। तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में एक शावक फंस गया। शावक के पिंजरे में कैद होने की खबर फैलते ही वहां लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
बाड़ेछीना स्थित छानी गांव में बीते बुधवार की सुबह करीब 6:30 बजे घर से दुकान की ओर जा रहे दीवान सिंह पर घात लगाए बैठे एक तेंदुए ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। तब वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायल को उपचार के लिए अल्मोड़ा जिला अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद अलर्ट मोड पर आए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर तेंदुए की सक्रियता जानने के लिए ट्रैप कैमरे स्थापित किए। इसके साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया। घटना के तीन दिन बाद शुक्रवार देर शाम आठ बजे तेंदुआ तो नहीं लेकिन एक चार माह का शावक पिंजरे में फंस गया। शावक के पिंजरे में कैद होने की खबर फैलते ही वहां लोगों की भारी भीड़ जुट गई। यह शावक लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना गया। लोगों ने पिंजरे में कैद शावक का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। लंबे समय तक शावक कैद से आजाद होने की जद्दोजहद करता रहा लेकिन वह इसमें नाकाम साबित हुआ। सूचना मिलते हुए वन विभाग की टीम फौरन मौके पर पहुंची जहां वनकर्मियों ने शावक का रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
वन क्षेत्राधिकारी हवालबाग मोहन राम आर्या ने बताया कि शासक की मौजूदगी से आशंका है कि हमलावर मादा तेंदुआ रही होगी। इसे देखते हुए वन विभाग ने गांव में गश्त और भी बढ़ा दी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अब अधिक सतर्क रहने की अपील की है।
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बाड़ेछीना स्थित छानी गांव में बीते बुधवार की सुबह करीब 6:30 बजे घर से दुकान की ओर जा रहे दीवान सिंह पर घात लगाए बैठे एक तेंदुए ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। तब वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायल को उपचार के लिए अल्मोड़ा जिला अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद अलर्ट मोड पर आए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर तेंदुए की सक्रियता जानने के लिए ट्रैप कैमरे स्थापित किए। इसके साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया। घटना के तीन दिन बाद शुक्रवार देर शाम आठ बजे तेंदुआ तो नहीं लेकिन एक चार माह का शावक पिंजरे में फंस गया। शावक के पिंजरे में कैद होने की खबर फैलते ही वहां लोगों की भारी भीड़ जुट गई। यह शावक लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना गया। लोगों ने पिंजरे में कैद शावक का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। लंबे समय तक शावक कैद से आजाद होने की जद्दोजहद करता रहा लेकिन वह इसमें नाकाम साबित हुआ। सूचना मिलते हुए वन विभाग की टीम फौरन मौके पर पहुंची जहां वनकर्मियों ने शावक का रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
वन क्षेत्राधिकारी हवालबाग मोहन राम आर्या ने बताया कि शासक की मौजूदगी से आशंका है कि हमलावर मादा तेंदुआ रही होगी। इसे देखते हुए वन विभाग ने गांव में गश्त और भी बढ़ा दी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अब अधिक सतर्क रहने की अपील की है।
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