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Pithoragarh News: उच्च शिक्षा पूरी करने गए डॉक्टर बिगाड़ रहे जिले के स्वास्थ्य का गणित
Thu, 20 Aug 2026 12:19 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:19 AM IST
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पिथौरागढ़। जिले से पीजी करने के लिए गए डॉक्टर पढ़ाई पूरी करने के बाद भी वापस नहीं लौटे। डॉक्टरों के वापस नहीं लौटने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जिले में तैनात डॉक्टरों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
पहले से ही डॉक्टरों की भारी किल्लत झेल रहे सीमांत जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उच्च शिक्षा (पीजी) के लिए जिले से 45 डॉक्टर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में गए। इसमें से 22 डॉक्टरों की पीजी पूरी हो चुकी है। पीजी के बाद भी ये डॉक्टर जिले में तैनाती लेने नहीं आ रहे हैं। अस्पतालों में वापस नहीं लौटने वाले इन डॉक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय जनता की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। जिले में डॉक्टरों के 174 पद स्वीकृत हैं और इनमें से 75 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। पिछले चार वर्षों के दौरान शासन से अनुमति लेकर डॉक्टर एक-एक कर पीजी के लिए बाहर गए थे। डॉक्टरों के सीमांत जनपद में नहीं लौटने से अस्पतालों में मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं और विभाग लाचार नजर आ रहा है।
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कागजों में हैं तैनाती अस्पताल से गायब
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले के अस्पतालों में तैनात डॉक्टर बीते चार साल के भीतर शासन से अनुमति लेकर पीजी के लिए गए। ये डॉक्टर कागजों में तो बांड पर जिले में तैनात हैं लेकिन अस्पतालों से गायब हैं। ये डॉक्टर वापस लौटेंगे या नहीं विभाग को भी इसकी जानकारी नहीं है।
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कोट-कई डॉक्टरों की पीजी पूरी हो चुकी है। कुछ लौट रहे हैं तो कई इससे हाथ पीछे खींच रहे हैं। उम्मीद है नई नियुक्ति के बाद डॉक्टरों की कमी दूर होगी।
डॉ. जेएस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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पहले से ही डॉक्टरों की भारी किल्लत झेल रहे सीमांत जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उच्च शिक्षा (पीजी) के लिए जिले से 45 डॉक्टर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में गए। इसमें से 22 डॉक्टरों की पीजी पूरी हो चुकी है। पीजी के बाद भी ये डॉक्टर जिले में तैनाती लेने नहीं आ रहे हैं। अस्पतालों में वापस नहीं लौटने वाले इन डॉक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय जनता की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। जिले में डॉक्टरों के 174 पद स्वीकृत हैं और इनमें से 75 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। पिछले चार वर्षों के दौरान शासन से अनुमति लेकर डॉक्टर एक-एक कर पीजी के लिए बाहर गए थे। डॉक्टरों के सीमांत जनपद में नहीं लौटने से अस्पतालों में मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं और विभाग लाचार नजर आ रहा है।
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कागजों में हैं तैनाती अस्पताल से गायब
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले के अस्पतालों में तैनात डॉक्टर बीते चार साल के भीतर शासन से अनुमति लेकर पीजी के लिए गए। ये डॉक्टर कागजों में तो बांड पर जिले में तैनात हैं लेकिन अस्पतालों से गायब हैं। ये डॉक्टर वापस लौटेंगे या नहीं विभाग को भी इसकी जानकारी नहीं है।
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कोट-कई डॉक्टरों की पीजी पूरी हो चुकी है। कुछ लौट रहे हैं तो कई इससे हाथ पीछे खींच रहे हैं। उम्मीद है नई नियुक्ति के बाद डॉक्टरों की कमी दूर होगी।
डॉ. जेएस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़