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नेपाल में बाढ़ से तबाही: कई गांव और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बहे, सात की मौत, 105 भारतीयों समेत 291 विदेशी लापता
Wed, 26 Aug 2026 01:40 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Wed, 26 Aug 2026 01:40 PM IST
उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ से भारी तबाही हुई। तिमुरे और स्याब्रुबेसी में घर, वाहन और पुल बह गए। इसमें अब तक सात लोगों की मौत हुई है। वहीं, 384 यात्री लापता है। इसमें से 105 भारतीय शामिल है।
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नेपाल में बाढ़ ने मचाई तबाई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
उत्तरी नेपाल की भोटे कोशी नदी में बुधवार को अचानक भीषण बाढ़ आ गई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक सात लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 291 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनमें 105 भारतीय और 93 नेपाली नागरिक हैं। नेपाल पर्यटन विभाग के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। इस बाढ़ के कारण तिब्बत सीमा से लगे सिंधुपालचोक जिले के कई इलाके बुरी तरह तबाह हो गए हैं। अभी तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, 17 लोगों की मौत हुई है, जबकि 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन कर जानकारी ली है।
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| पर्यटन एजेंसी | कुल यात्री | विदेशी नागरिक | नेपाली नागरिक |
|---|---|---|---|
| सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स | 71 | 59 (भारत) | 12 |
| काठमांडू हॉलिडे टूर्स एंड ट्रैवल्स | 17 | 2 (1 ऑस्ट्रेलिया, 1 नीदरलैंड) | 15 |
| लीफ हॉलिडे | 55 | 46 (भारत) | 9 |
| कैलाश जर्नी | 31 | 26 (राष्ट्रीयता की पुष्टि बाकी) | 5 |
| एक्सप्लोर वेकेशन | 7 | — | 7 |
| ट्रेकर्स सोसाइटी | 92 | 77 (राष्ट्रीयता की पुष्टि बाकी) | 15 |
| रिचा टूर्स एंड ट्रैवल्स | 12 | 8 (राष्ट्रीयता की पुष्टि बाकी) | 4 |
| फिशटेल टूर्स एंड ट्रैवल्स | 27 | 20 (3 अमेरिका, 17 मलेशिया) | 7 |
| हिमालयन ग्लेशियर | 52 | 37 (एनआरआई) | 15 |
| अल्पाइन इको ट्रेक | 20 | 16 (12 ब्रिटेन, 4 दक्षिण अफ्रीका) | 4 |
| कुल | 384 | 291 | 93 |
नेपाल में तबाही का मंजर
- फोटो : पीटीआई
इस तबाही में घरों, गाड़ियों, पुलों और बुनियादी ढांचे और कई परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। यह जानकारी अधिकारियों ने दी है। स्थानीय मीडिया के अनुसार बाढ़ में सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं, जिसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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नेपाल में तबाही का मंजर
- फोटो : पीटीआई
उत्तरी रसुवा में एक सीमा चौकी पर तैनात नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के चार जवान अचानक आई बाढ़ के कारण लापता हो गए हैं। इसके अलावा, स्थानीय मीडिया के अनुसार, रसुवा सीमा शुल्क कार्यालय के 14 के अलावा, नेपाल पुलिस के 32 जवान भी संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। नेपाल के स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ के अनुसार, बाढ़ से 15 हाइड्रो पावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें से 10 चालू हैं और पांच निर्माणाधीन हैं।
सबसे ज्यादा कौन सा क्षेत्र प्रभावित हुआ?
नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की सूचना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे मिली। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आया प्रतीत होता है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में तिमुरे और स्याब्रुबेसी की सीमावर्ती बस्तियां शामिल हैं।
सबसे ज्यादा कौन सा क्षेत्र प्रभावित हुआ?
नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की सूचना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे मिली। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आया प्रतीत होता है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में तिमुरे और स्याब्रुबेसी की सीमावर्ती बस्तियां शामिल हैं।
नेपाल में तबाही का मंजर
- फोटो : पीटीआई
अधिकारियों ने अभी तक नुकसान के बारे में कोई जानकारी नही दी है, क्योंकि आकलन दल अभी भी प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी एकत्र कर रहे हैं।
नेपाल में तबाही का मंजर
- फोटो : पीटीआई
रसुवा प्रशासन ने क्या कहा?
रसुवा जिले के प्रशासन नरेंद्र परियार ने रॉयटर्स को बताया,’ हमें गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजना स्थलों के बह जाने की खबरें मिली हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘भारी जानमाल का नुकसान हो सकता है। लेकिन मैं अभी निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकता।’
रसुवा जिले के प्रशासन नरेंद्र परियार ने रॉयटर्स को बताया,’ हमें गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजना स्थलों के बह जाने की खबरें मिली हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘भारी जानमाल का नुकसान हो सकता है। लेकिन मैं अभी निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकता।’
नेपाल में तबाही का मंजर
- फोटो : पीटीआई
नेपाल सेना ने क्या बताया?
नेपाल सेना ने कहा कि बाढ़ के कारण तिमुरे और स्याब्रुबेसी क्षेत्र में व्यापक तबाही हुई है, जिसमें वाहन, व्यावसायिक सामान और अन्य संपत्ति पानी में बह गई है। रसुआ के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान बह गए। हाल ही में निर्मित एक पुल भी नष्ट हो गया। काठमांडू से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित और तिब्बत से सटे पहाड़ी जिले रसुवा की आबादी लगभग 50,000 है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन ने क्या चेतावनी दी?
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा में नदी तटों के पास रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की चेतावनी दी है।
नेपाल सेना ने कहा कि बाढ़ के कारण तिमुरे और स्याब्रुबेसी क्षेत्र में व्यापक तबाही हुई है, जिसमें वाहन, व्यावसायिक सामान और अन्य संपत्ति पानी में बह गई है। रसुआ के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान बह गए। हाल ही में निर्मित एक पुल भी नष्ट हो गया। काठमांडू से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित और तिब्बत से सटे पहाड़ी जिले रसुवा की आबादी लगभग 50,000 है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन ने क्या चेतावनी दी?
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा में नदी तटों के पास रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की चेतावनी दी है।
नेपाल में तबाही का मंजर
- फोटो : पीटीआई
प्रधानमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक और निर्देश
बाढ़ की हालात को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सिंह दरबार में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन के संघीय सांसदों के साथ बचाव और राहत कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन राष्ट्रीय परिषद की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि निचले तटीय इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए और विस्थापितों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
बाढ़ की हालात को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सिंह दरबार में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन के संघीय सांसदों के साथ बचाव और राहत कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन राष्ट्रीय परिषद की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि निचले तटीय इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए और विस्थापितों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
नेपाल में तबाही का मंजर
- फोटो : पीटीआई
WHO की मदद और चिकित्सा व्यवस्था
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बाढ़ पीड़ितों के लिए आपातकालीन सहायता की घोषणा की है। स्वास्थ्य और खाद्य स्वच्छता मंत्री निशा मेहता के अनुसार, संगठन 1,000 लोगों के लिए बुनियादी दवाएं, स्वास्थ्य उपकरण और 24 वर्ग मीटर के 15 इमरजेंसी टेंट भेज रहा है। इसके अलावा, काठमांडू के बीर अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में बाढ़ पीड़ितों के लिए 100 इमरजेंसी बेड आरक्षित किए गए हैं। अब तक तीन गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट कर काठमांडू लाया गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बाढ़ पीड़ितों के लिए आपातकालीन सहायता की घोषणा की है। स्वास्थ्य और खाद्य स्वच्छता मंत्री निशा मेहता के अनुसार, संगठन 1,000 लोगों के लिए बुनियादी दवाएं, स्वास्थ्य उपकरण और 24 वर्ग मीटर के 15 इमरजेंसी टेंट भेज रहा है। इसके अलावा, काठमांडू के बीर अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में बाढ़ पीड़ितों के लिए 100 इमरजेंसी बेड आरक्षित किए गए हैं। अब तक तीन गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट कर काठमांडू लाया गया है।
नेपाल में तबाही का मंजर
- फोटो : पीटीआई
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
बाढ़ की वजह में अब तक सात लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, चार शव नुवाकोट में और तीन शव धाडिंग जिले में मिले हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की संयुक्त टीमें तैनात हैं। तलाशी अभियान में 14 हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है, जिनकी मदद से बुधवार दोपहर तक 25 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।
बाढ़ की वजह में अब तक सात लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, चार शव नुवाकोट में और तीन शव धाडिंग जिले में मिले हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की संयुक्त टीमें तैनात हैं। तलाशी अभियान में 14 हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है, जिनकी मदद से बुधवार दोपहर तक 25 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।