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Bihar: साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा, ठगी के लिए सिम जारी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार; 80 नंबरों पर 125 मामले

Sat, 22 Aug 2026 10:50 PM IST
मुंगेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई Published by: मुंगेर ब्यूरो Updated Sat, 22 Aug 2026 10:50 PM IST
सार
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जमुई साइबर थाना पुलिस ने चकाई के सरौन गांव स्थित शुभ सीएससी सेंटर से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, संबंधित पीओएस आईडी से चार महीने में करीब 100 सिम जारी किए गए, जिनमें 80 नंबरों के खिलाफ एनसीआरपी पर शिकायतें मिलीं। इन नंबरों से जुड़े करीब 125 साइबर ठगी के मामलों में लगभग 13 लाख रुपये की ठगी सामने आई है।
 

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Bihar news : cyber thagi sim card two arrested 80 numbers 125 cases
मामले की जानकारी देते साइबर डीएसपी।

विस्तार

बिहार में साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हो रहे मोबाइल सिम कार्ड जारी करने के मामले में जमुई साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने चकाई थाना क्षेत्र के सरौन गांव स्थित शुभ सीएससी सेंटर से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरौन गांव निवासी राजकपूर यादव और अरविंद कुमार के रूप में हुई है। दोनों के पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
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पुलिस के अनुसार, जमुई के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने खुफिया सूचना विकसित कर कार्रवाई की। पुलिस को जानकारी मिली थी कि सरौन गांव स्थित शुभ सीएससी सेंटर के माध्यम से जारी किए गए कुछ सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर ठगी की घटनाओं में किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद साइबर थाना की टीम ने संबंधित सीएससी केंद्र पर छापेमारी की।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उक्त पीओएस आईडी का इस्तेमाल राजकपूर यादव और अरविंद कुमार द्वारा किया जा रहा था। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पीओएस आईडी से जारी किए गए सिम कार्डों और उनसे जुड़ी शिकायतों की जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
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पुलिस जांच में पता चला कि पिछले चार महीनों के दौरान उक्त पीओएस आईडी से करीब 100 मोबाइल सिम कार्ड जारी किए गए थे। इनमें से 80 मोबाइल नंबरों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायतें दर्ज मिलीं। इन 80 मोबाइल नंबरों से जुड़े करीब 125 साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में लगभग 13 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।


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पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल करने वाले साइबर अपराधियों से गिरफ्तार आरोपियों का किस तरह का संपर्क था। साथ ही सिम जारी करने की प्रक्रिया में नियमों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक प्रक्रिया के लिए न्यायालय भेज दिया गया है। 

 

मामले की जानकारी देते साइबर डीएसपी

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

 

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