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Gurugram News: बच्चों के पढ़ने, बोलने और समझने की क्षमता का होगा आकलन
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निपुण हरियाणा के तहत पीरियोडिक असेसमेंट-1 होंगे आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में अब बच्चों की पढ़ाई का आकलन केवल परीक्षा में मिले अंकों से नहीं होगा। निपुण हरियाणा के तहत पहली बार पीरियोडिक असेसमेंट-1 के माध्यम से बच्चों की वास्तविक सीखने की क्षमता जांची जाएगी। इसमें पढ़ने, सुनने, बोलने, लिखने और विषय को समझने की क्षमता को भी आकलन में शामिल किया गया है।
मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमित ने बताया कि निपुण हरियाणा टीचर एप पर असेसमेंट का पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।निदेशालय की ओर से बाल वाटिका से कक्षा तीसरी तक के बच्चों के लिए अलग-अलग असेसमेंट मॉड्यूल जारी किए गए हैं। इनके माध्यम से भाषा और गणित से जुड़ी दक्षताओं की जांच होगी। कक्षा तीसरी में हिंदी विषय के तहत बच्चों की पढ़ने की रफ्तार और शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षक मौखिक रूप से पाठ पढ़वाकर यह देखेंगे कि बच्चा कितनी आसानी और शुद्धता से पढ़ पाता है और पाठ को कितना समझ रहा है। इससे शिक्षकों को बच्चों की वास्तविक सीखने की स्थिति का पता लगाने में मदद मिलेगी।
असेसमेंट का उद्देश्य बच्चों को केवल अंक देना नहीं, बल्कि उनकी कमजोरियों को पहचान कर पढ़ाई में सुधार करना है। इससे शिक्षक जरूरत के अनुसार बच्चों को अतिरिक्त अभ्यास और सहयोग दे सकेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में अब बच्चों की पढ़ाई का आकलन केवल परीक्षा में मिले अंकों से नहीं होगा। निपुण हरियाणा के तहत पहली बार पीरियोडिक असेसमेंट-1 के माध्यम से बच्चों की वास्तविक सीखने की क्षमता जांची जाएगी। इसमें पढ़ने, सुनने, बोलने, लिखने और विषय को समझने की क्षमता को भी आकलन में शामिल किया गया है।
मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमित ने बताया कि निपुण हरियाणा टीचर एप पर असेसमेंट का पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।निदेशालय की ओर से बाल वाटिका से कक्षा तीसरी तक के बच्चों के लिए अलग-अलग असेसमेंट मॉड्यूल जारी किए गए हैं। इनके माध्यम से भाषा और गणित से जुड़ी दक्षताओं की जांच होगी। कक्षा तीसरी में हिंदी विषय के तहत बच्चों की पढ़ने की रफ्तार और शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षक मौखिक रूप से पाठ पढ़वाकर यह देखेंगे कि बच्चा कितनी आसानी और शुद्धता से पढ़ पाता है और पाठ को कितना समझ रहा है। इससे शिक्षकों को बच्चों की वास्तविक सीखने की स्थिति का पता लगाने में मदद मिलेगी।
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असेसमेंट का उद्देश्य बच्चों को केवल अंक देना नहीं, बल्कि उनकी कमजोरियों को पहचान कर पढ़ाई में सुधार करना है। इससे शिक्षक जरूरत के अनुसार बच्चों को अतिरिक्त अभ्यास और सहयोग दे सकेंगे।
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