{"_id":"6a876c2d123533d2d70d02c7","slug":"kanungo-patwari-on-strike-people-come-looking-for-work-ambala-news-c-18-knl1018-974156-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: हड़ताल पर कानूनगो-पटवारी, काम के लिए ढूढ़ने पहुंचे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: हड़ताल पर कानूनगो-पटवारी, काम के लिए ढूढ़ने पहुंचे लोग
विज्ञापन
हड़ताल पर कानूनगो-पटवारी, काम के लिए ढूढ़ने पहुंचे लोग
- फोटो : हड़ताल पर कानूनगो-पटवारी, काम के लिए ढूढ़ने पहुंचे लोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- पटवारखाने पर लटका ताला, तसदीक, रिपोर्ट समेत 15 तरह के कार्य रुके
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। ऑटो म्यूटेशन सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी से परेशान पटवारियों व कानूनगो ने वीरवार को हड़ताल शुरू कर दी है और सेक्टर-12 फव्वारा पार्क में धरना दे दिया है, जोकि शुक्रवार को भी जारी रहेगा। पटवारियों व कानूनगो के हड़ताल पर जाने के कारण जिलेभर में जमाबंदी, इंतकाल, लोन चढ़ाने, एग्रीस्टैक आईडी, गिरदावरी, ततीमा अपडेशन, फर्द निकलवाने जैसे 15 तक के काम ठप रहे। वहीं कुछ जरूरतमंद लोग अपने काम के लिए पटवारियों के धरने पर भी पहुंच गए।
वीरवार को लोग अपने काम के लिए पटवारखानों में इंतजार करते रहे, मगर पटवारखाने पर ताला लगाकर पटवारी धरने पर चले गए। घंटों इंतजार के बाद काम न होने पर लोगों को निराश लौटना पड़ा। पहले दिन हड़ताल से निशानदेही के 12, डोमिसाइल 100, लोन 150, इंतकाल 450 व शिकायतें संबंधित कई कार्य प्रभावित हुए। जबकि कुछ रजिस्ट्री और लोन संबंधित काम भी अटके। पूरे जिले में वीरवार को महज 90 रजिस्ट्री ही हो पाई। जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा करीब 200 का होता है। करनाल तहसील में महज 35 और निगदू में एक और बल्ला उपतहसील में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई।
किसी का इंतकाल नहीं चढ़ा तो किसी की वारिसनामा रिपोर्ट नहीं हुई
- नीलोखेड़ी के सतेंद्र ने बताया कि उन्होंने वारिसनामा की रिपोर्ट करवानी थी मगर पटवारियों की हड़ताल के कारण कार्य नहीं हो पाया। इस वजह से उनकी लाल डोरे की रजिस्ट्री का कार्य अटका है।
विज्ञापन
- प्रेम कॉलोनी के शंकर ने बताया कि शिव कॉलोनी में उन्होंने मकान लिया है। उन्होंने इंतकाल अपने नाम करवाना है। हड़ताल के कारण उनका कार्य नहीं हो सका।
- प्रेम नगर के अर्जुन ने बताया कि उन्हें अपने मकान के इंतकाल और जमाबंदी की डिटेल निकलवानी थी। जिसकी बैंक लोन के लिए जरूरत है पर हड़ताल के कारण उनका काम नहीं हो पाया।
-- -
फोटो--
मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी
करनाल। पटवारी और कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर करनाल के पटवारियों और कानूनगो ने भी काम छोड़ दिया। फव्वारा पार्क में धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान कश्मीरी लाल ने की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि दो दिन में उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है। प्रधान ने कहा कि ऑटो म्यूटेशन सॉफ्टवेयर बिना किसी ट्रायल के और खामियों के साथ बनाया है। सॉफ्टवेयर बनाने का उद्देश्य जनता की परेशानियों को कम करना है बल्कि इस सॉफ्टवेयर ने परेशानियों को कम न करके और बढ़ा दिया है। इस कारण जाना परेशान होकर तहसीलों के चक्कर काट रही है। सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान सुशील गुर्जर ने भी धरने का समर्थन किया। इस अवसर पर सेवा राम बड़सर महासचिव, धीरज सेठी, परमोद, राजबीर नैन, अमित कालिया और जसबीर मौजूद रहे। ब्यूरो
नए सॉफ्टवेयर से बरसात में ई-गिरदावरी संभव नहीं : महासचिव
एसोसिएशन के महासचिव पंकज बैनीवाल ने बताया कि सरकार ई-गिरदावरी के स्थान पर केंद्र द्वारा बनाए गए सॉफ्टवेयर डीसीएस के माध्यम से गिरदावरी करवाना चाहती है जो इस बरसात के मौसम में संभव नहीं है। डीसीएस के माध्यम से प्रत्येक किले की फोटो लेना संभव नहीं है क्योंकि इस मौसम में डोलो पर पानी होता है। सरकार डीसीएस के माध्यम से फ़ोटो लेने का दायरा 20 मीटर से बढ़ा कर 150 मीटर करे।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। ऑटो म्यूटेशन सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी से परेशान पटवारियों व कानूनगो ने वीरवार को हड़ताल शुरू कर दी है और सेक्टर-12 फव्वारा पार्क में धरना दे दिया है, जोकि शुक्रवार को भी जारी रहेगा। पटवारियों व कानूनगो के हड़ताल पर जाने के कारण जिलेभर में जमाबंदी, इंतकाल, लोन चढ़ाने, एग्रीस्टैक आईडी, गिरदावरी, ततीमा अपडेशन, फर्द निकलवाने जैसे 15 तक के काम ठप रहे। वहीं कुछ जरूरतमंद लोग अपने काम के लिए पटवारियों के धरने पर भी पहुंच गए।
वीरवार को लोग अपने काम के लिए पटवारखानों में इंतजार करते रहे, मगर पटवारखाने पर ताला लगाकर पटवारी धरने पर चले गए। घंटों इंतजार के बाद काम न होने पर लोगों को निराश लौटना पड़ा। पहले दिन हड़ताल से निशानदेही के 12, डोमिसाइल 100, लोन 150, इंतकाल 450 व शिकायतें संबंधित कई कार्य प्रभावित हुए। जबकि कुछ रजिस्ट्री और लोन संबंधित काम भी अटके। पूरे जिले में वीरवार को महज 90 रजिस्ट्री ही हो पाई। जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा करीब 200 का होता है। करनाल तहसील में महज 35 और निगदू में एक और बल्ला उपतहसील में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई।
विज्ञापन
किसी का इंतकाल नहीं चढ़ा तो किसी की वारिसनामा रिपोर्ट नहीं हुई
- नीलोखेड़ी के सतेंद्र ने बताया कि उन्होंने वारिसनामा की रिपोर्ट करवानी थी मगर पटवारियों की हड़ताल के कारण कार्य नहीं हो पाया। इस वजह से उनकी लाल डोरे की रजिस्ट्री का कार्य अटका है।
विज्ञापन
- प्रेम कॉलोनी के शंकर ने बताया कि शिव कॉलोनी में उन्होंने मकान लिया है। उन्होंने इंतकाल अपने नाम करवाना है। हड़ताल के कारण उनका कार्य नहीं हो सका।
- प्रेम नगर के अर्जुन ने बताया कि उन्हें अपने मकान के इंतकाल और जमाबंदी की डिटेल निकलवानी थी। जिसकी बैंक लोन के लिए जरूरत है पर हड़ताल के कारण उनका काम नहीं हो पाया।
फोटो
मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी
करनाल। पटवारी और कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर करनाल के पटवारियों और कानूनगो ने भी काम छोड़ दिया। फव्वारा पार्क में धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान कश्मीरी लाल ने की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि दो दिन में उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है। प्रधान ने कहा कि ऑटो म्यूटेशन सॉफ्टवेयर बिना किसी ट्रायल के और खामियों के साथ बनाया है। सॉफ्टवेयर बनाने का उद्देश्य जनता की परेशानियों को कम करना है बल्कि इस सॉफ्टवेयर ने परेशानियों को कम न करके और बढ़ा दिया है। इस कारण जाना परेशान होकर तहसीलों के चक्कर काट रही है। सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान सुशील गुर्जर ने भी धरने का समर्थन किया। इस अवसर पर सेवा राम बड़सर महासचिव, धीरज सेठी, परमोद, राजबीर नैन, अमित कालिया और जसबीर मौजूद रहे। ब्यूरो
नए सॉफ्टवेयर से बरसात में ई-गिरदावरी संभव नहीं : महासचिव
एसोसिएशन के महासचिव पंकज बैनीवाल ने बताया कि सरकार ई-गिरदावरी के स्थान पर केंद्र द्वारा बनाए गए सॉफ्टवेयर डीसीएस के माध्यम से गिरदावरी करवाना चाहती है जो इस बरसात के मौसम में संभव नहीं है। डीसीएस के माध्यम से प्रत्येक किले की फोटो लेना संभव नहीं है क्योंकि इस मौसम में डोलो पर पानी होता है। सरकार डीसीएस के माध्यम से फ़ोटो लेने का दायरा 20 मीटर से बढ़ा कर 150 मीटर करे।