{"_id":"6a873a714564cc81cb0173d9","slug":"under-the-guise-of-work-from-home-jobs-narnol-news-c-198-1-sroh1010-243931-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 8.80 लाख ठगे, दो आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 8.80 लाख ठगे, दो आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर युवक से 8.80 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान उत्तराखंड के रुड़की निवासी मोहित भट्ट और गांव मतलबपुर निवासी प्रशन्नवीर सिंह उर्फ प्रिंस के रूप में हुई है। दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कोसली निवासी यशस्वी ने 20 दिसंबर 2025 को वर्क फ्रॉम होम के लिए आवेदन किया था। अगले दिन उसके मोबाइल पर टेलीग्राम के जरिए संदेश आया। इसके बाद व्हाट्सएप पर दीक्षा नाम की युवती ने संपर्क किया और उसे चैंपियन कंपनी में काम देने का झांसा दिया। आरोपियों ने उसे ऑनलाइन ऑर्डर पूरा करने का काम बताया और पहले डेमो कराया। डेमो पूरा करने पर उसके खाते में 750 रुपये जमा किए गए।
इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई के माध्यम से उससे रकम जमा करवानी शुरू कर दी। 26 से 29 दिसंबर के बीच कई बार रकम जमा कराई गई। इस दौरान मास फिलिपिंग के नाम पर भी उससे 2 लाख 34 हजार 718 रुपये जमा करवाए गए। कुल 8 लाख 80 हजार 62 रुपये जमा कराने के बाद आरोपियों ने और रकम मांगी। इस पर युवक को ठगी का पता चला।
विज्ञापन
पुलिस जांच में सामने आया कि मोहित भट्ट के बैंक खाते में ठगी की रकम में से 50 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। वहीं, प्रशन्नवीर सिंह ने आरोपियों को बैंक खाता उपलब्ध कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
विज्ञापन
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कोसली निवासी यशस्वी ने 20 दिसंबर 2025 को वर्क फ्रॉम होम के लिए आवेदन किया था। अगले दिन उसके मोबाइल पर टेलीग्राम के जरिए संदेश आया। इसके बाद व्हाट्सएप पर दीक्षा नाम की युवती ने संपर्क किया और उसे चैंपियन कंपनी में काम देने का झांसा दिया। आरोपियों ने उसे ऑनलाइन ऑर्डर पूरा करने का काम बताया और पहले डेमो कराया। डेमो पूरा करने पर उसके खाते में 750 रुपये जमा किए गए।
विज्ञापन
इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई के माध्यम से उससे रकम जमा करवानी शुरू कर दी। 26 से 29 दिसंबर के बीच कई बार रकम जमा कराई गई। इस दौरान मास फिलिपिंग के नाम पर भी उससे 2 लाख 34 हजार 718 रुपये जमा करवाए गए। कुल 8 लाख 80 हजार 62 रुपये जमा कराने के बाद आरोपियों ने और रकम मांगी। इस पर युवक को ठगी का पता चला।
विज्ञापन
पुलिस जांच में सामने आया कि मोहित भट्ट के बैंक खाते में ठगी की रकम में से 50 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। वहीं, प्रशन्नवीर सिंह ने आरोपियों को बैंक खाता उपलब्ध कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।