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Palwal News: तहसील कार्यालय में अब सुनाई देगी वीर शहीद हसन खां की कहानी
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21 करोड़ से बदलेगी पुरानी तहसील की तस्वीर, ऑडिटोरियम में गूंजेंगी मेवात की संस्कृति
शेरसिंह डागर
नूंह। जिस पुरानी तहसील की इमारत में कभी अंग्रेजी हुकूमत के दौर में प्रशासनिक कामकाज हुआ करता था, अब वही ऐतिहासिक इमारत मेवात के गौरवशाली इतिहास की गवाह बनेगी। नूंह शहर की इस ऐतिहासिक इमारत को शहीद राजा हसन खां मेवाती संग्रहालय और आधुनिक ऑडिटोरियम के रूप में विकसित करने की योजना तैयार हो चुकी है। करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस कायाकल्प के बाद यहां आने वाला हर व्यक्ति मेवात के इतिहास और शहीद हसन खां मेवाती के संघर्ष से रूबरू हो सकेगा।
परियोजना को लेकर जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और संबंधित विभागों से भी मंजूरी मिल चुकी है। अब ऐतिहासिक इमारत को नया स्वरूप देने की दिशा में अगला कदम उठाया जाना है। योजना के तहत पुरानी इमारत के ऐतिहासिक स्वरूप को सहेजते हुए यहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
प्रस्तावित संग्रहालय की सबसे खास बात यह होगी कि यहां मेवात के इतिहास को केवल किताबों या तस्वीरों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे आकर्षक तरीके से लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। शहीद हसन खां मेवाती के जीवन, उनके संघर्ष और ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ी सामग्री को संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।
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तीन संस्थाएं मिलकर उठाएंगी खर्च
संग्रहालय के साथ बनने वाला ऑडिटोरियम भी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। परियोजना पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें 65 प्रतिशत राशि दिव्य नगर योजना, जबकि साढ़े 17-17 प्रतिशत राशि मेवात विकास अभिकरण (एमडीए) और नगर परिषद की ओर से खर्च की जाएगी।
पुरानी तहसील का यह कायाकल्प नूंह की ऐतिहासिक पहचान को संजोने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कोट
सभी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। सभी विभागों से एनओसी मिल गई है। अब इसका टेंडर लगाया जाना है। इस पुरानी और ऐतिहासिक इमारत को नया स्वरूप दिया जाएगा जो एक भव्य व इतिहास का बोध कराने वाला होगा। -शमीम अहमद, प्रोजेक्ट ऑफिसर एमडीए
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शेरसिंह डागर
नूंह। जिस पुरानी तहसील की इमारत में कभी अंग्रेजी हुकूमत के दौर में प्रशासनिक कामकाज हुआ करता था, अब वही ऐतिहासिक इमारत मेवात के गौरवशाली इतिहास की गवाह बनेगी। नूंह शहर की इस ऐतिहासिक इमारत को शहीद राजा हसन खां मेवाती संग्रहालय और आधुनिक ऑडिटोरियम के रूप में विकसित करने की योजना तैयार हो चुकी है। करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस कायाकल्प के बाद यहां आने वाला हर व्यक्ति मेवात के इतिहास और शहीद हसन खां मेवाती के संघर्ष से रूबरू हो सकेगा।
परियोजना को लेकर जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और संबंधित विभागों से भी मंजूरी मिल चुकी है। अब ऐतिहासिक इमारत को नया स्वरूप देने की दिशा में अगला कदम उठाया जाना है। योजना के तहत पुरानी इमारत के ऐतिहासिक स्वरूप को सहेजते हुए यहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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प्रस्तावित संग्रहालय की सबसे खास बात यह होगी कि यहां मेवात के इतिहास को केवल किताबों या तस्वीरों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे आकर्षक तरीके से लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। शहीद हसन खां मेवाती के जीवन, उनके संघर्ष और ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ी सामग्री को संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।
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तीन संस्थाएं मिलकर उठाएंगी खर्च
संग्रहालय के साथ बनने वाला ऑडिटोरियम भी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। परियोजना पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें 65 प्रतिशत राशि दिव्य नगर योजना, जबकि साढ़े 17-17 प्रतिशत राशि मेवात विकास अभिकरण (एमडीए) और नगर परिषद की ओर से खर्च की जाएगी।
पुरानी तहसील का यह कायाकल्प नूंह की ऐतिहासिक पहचान को संजोने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कोट
सभी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। सभी विभागों से एनओसी मिल गई है। अब इसका टेंडर लगाया जाना है। इस पुरानी और ऐतिहासिक इमारत को नया स्वरूप दिया जाएगा जो एक भव्य व इतिहास का बोध कराने वाला होगा। -शमीम अहमद, प्रोजेक्ट ऑफिसर एमडीए