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Una News: जर्जर पुलों पर सफर, हर कदम हादसे का खतरा
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सुरेश कुमार भारद्वाज, कुनेरन।
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तलवाड़ा-दौलतपुर-मरवाड़ी-मुबारिकपुर मार्ग के सात पुल बदहाल, गड्ढों और बाहर निकले सरियों से बढ़ा जोखिम
राजिंद्र शर्मा
मुबारिकपुर (ऊना)। तलवाड़ा-दौलतपुर-मरवाड़ी-मुबारिकपुर मार्ग पर करीब सात पुलों की खस्ता हालत से राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नकड़ोह, चलेट और मवा समेत विभिन्न स्थानों पर पुलों की तारकोल उखड़ चुकी है, कंक्रीट टूट गई है और कई जगह सरिये बाहर निकल आए हैं। इससे हादसों का खतरा बना हुआ है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार करीब 55 वर्ष पुराने इन पुलों की लंबे समय से उचित मरम्मत नहीं हुई है। बारिश में विभाग की ओर से गड्ढों में मिट्टी भरकर काम चलाया जाता है, लेकिन पानी के साथ यह मरम्मत भी बह जाती है। गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं और चार पहिया वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है।
लोगों का कहना है कि गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक सड़क के दोनों ओर जाने का प्रयास करते हैं, जिससे आमने-सामने टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जर्जर पुलों का पुनर्निर्माण करवाने और सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।
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ये पुल 60 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं। विभाग ईंट-रोड़े डालकर मरम्मत करता है, जो दो दिन भी नहीं टिकती। कई जगह सरिये बाहर निकल आए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।- सुरेश कुमार भारद्वाज, कुनेरन
बारिश में पुलों के गड्ढों में पानी भर जाता है और उनकी गहराई का पता नहीं चलता। इससे वाहनों को नुकसान होता है। कई बार दोपहिया चालक अनियंत्रित होकर गिर चुके हैं। विभाग को पुलों की जर्जर हालत पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। डॉ. अर्जुन वर्तिया, भद्रकाली
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राजिंद्र शर्मा
मुबारिकपुर (ऊना)। तलवाड़ा-दौलतपुर-मरवाड़ी-मुबारिकपुर मार्ग पर करीब सात पुलों की खस्ता हालत से राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नकड़ोह, चलेट और मवा समेत विभिन्न स्थानों पर पुलों की तारकोल उखड़ चुकी है, कंक्रीट टूट गई है और कई जगह सरिये बाहर निकल आए हैं। इससे हादसों का खतरा बना हुआ है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार करीब 55 वर्ष पुराने इन पुलों की लंबे समय से उचित मरम्मत नहीं हुई है। बारिश में विभाग की ओर से गड्ढों में मिट्टी भरकर काम चलाया जाता है, लेकिन पानी के साथ यह मरम्मत भी बह जाती है। गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं और चार पहिया वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है।
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लोगों का कहना है कि गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक सड़क के दोनों ओर जाने का प्रयास करते हैं, जिससे आमने-सामने टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जर्जर पुलों का पुनर्निर्माण करवाने और सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।
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ये पुल 60 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं। विभाग ईंट-रोड़े डालकर मरम्मत करता है, जो दो दिन भी नहीं टिकती। कई जगह सरिये बाहर निकल आए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।- सुरेश कुमार भारद्वाज, कुनेरन
बारिश में पुलों के गड्ढों में पानी भर जाता है और उनकी गहराई का पता नहीं चलता। इससे वाहनों को नुकसान होता है। कई बार दोपहिया चालक अनियंत्रित होकर गिर चुके हैं। विभाग को पुलों की जर्जर हालत पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। डॉ. अर्जुन वर्तिया, भद्रकाली

सुरेश कुमार भारद्वाज, कुनेरन।