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‘ये न्याय का पहला कदम’: पैलेट गन पीड़ित की FIR दर्ज होने पर बोले राहुल गांधी, धरने के बाद पुलिस ने मानी मांग

Fri, 21 Aug 2026 05:41 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Fri, 21 Aug 2026 05:41 PM IST
सार
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करीब एक महीने पहले छात्र आंदोलन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल से शुरू हुआ विवाद अब कानूनी जांच तक पहुंच गया है। राहुल गांधी घायल छात्र साहिल लोचव के साथ थाने पहुंचे और एफआईआर की मांग को लेकर धरने पर बैठे। अब अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है। 

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rahul gandhi pellet gun row fir sahil lochab student protest FIR against unknown
राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर पैलेट लगने से घायल हुए साहिल लोचव के मामले में आखिरकार एफआईआर दर्ज हो गई है। एफआईआर दर्ज कराने के लिए कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संसद मार्ग थाने में करीब आठ घंटे तक बैठना पड़ा। एफआईआर दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि साहिल की शिकायत पर कार्रवाई ऊपर से रोकी जा रही थी।
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राहुल गांधी ने क्या-क्या कहा? 
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह न्याय की दिशा में पहला कदम है। केस दर्ज हो गया है। पीड़ित साहिल लोचव को पैलेट लगे हुए एक महीना हो गया है। उसके शरीर में अभी भी छर्रे फंसे हुए हैं, तीन उसकी आंख में हैं और वह उससे देख नहीं पा रहा है। तीन या चार उसके दिल के पास हैं। इस नौजवान के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। हम आज सुबह 11:30 बजे संसद मार्ग थाने पहुंचे थे।
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राहुल गांधी ने कहा कि हम इतने समय से यहीं हैं। अब लगभग पौने सात बज रहे हैं और अब जाकर एफआईआर दर्ज हुई है। जरा सोचिए कि इस देश में कितनी ही महिलाओं के साथ रेप होता है, कितने ही बच्चे मारे जाते हैं, कितने ही लोगों को गोली मारी जाती है और कितने ही लोगों के शरीर में छर्रे फंसे होते हैं। यह पुलिस स्टेशन दिल्ली के बीचों-बीच है, फिर भी यहां न्याय नहीं मिल रहा है। सोचिए कि किसी गांव या छोटे शहर के पुलिस स्टेशन में क्या होता होगा। हमने यहां कुछ गलत नहीं किया। 
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यह भी पढ़ें: पहले 21 जुलाई और अब 21 अगस्त: राहुल गांधी के दो धरने, मुद्दा एक; धरना करने की जगहों में क्या नया क्या पुराना?

अमित शाह और होम सेक्रेटरी पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि हमने बस एक भारतीय नागरिक उसके माता-पिता के लिए न्याय मांगा और इसमें आठ घंटे लग गए। आखिरी मंजूरी होम सेक्रेटरी और खुद अमित शाह से आनी थी। तो, आप समझ सकते हैं कि एफआईआर दर्ज होने से को कौन रोक रहा था। ये पुलिस अधिकारी एफआईआर दर्ज करना चाहते थे, लेकिन न्याय की प्रक्रिया को ऊपर से रोका जा रहा था। 

क्या है पूरा मामला?
यह मामला 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा है। छात्र नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी कर रही थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। इसी कार्रवाई के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगे। छात्र साहिल लोचव का आरोप है कि वह पैलेट लगने से घायल हुआ था। राहुल गांधी और कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। राहुल गांधी ने सवाल किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया।

पहले शिकायत दी, लेकिन एफआईआर नहीं हुई
कांग्रेस का कहना है कि साहिल लोचव ने दिल्ली पुलिस को शिकायत दी थी। लेकिन लंबे समय तक उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद राहुल गांधी 21 अगस्त को साहिल और उसकी मां के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने मांग की कि साहिल की शिकायत पर मामला दर्ज किया जाए। जब तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो राहुल गांधी थाने में ही धरने पर बैठ गए।

कांग्रेस के अनुसार, साहिल लोचव ने 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। पार्टी का आरोप था कि शिकायत पर न तो जांच अधिकारी का नंबर दिया गया और न ही कोई औपचारिक पावती मिली। कांग्रेस का यह भी कहना था कि 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए फिर संपर्क किया गया, लेकिन तब भी मामले में कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 21 अगस्त को राहुल गांधी खुद साहिल और उसकी मां के साथ पुलिस के पास पहुंचे। संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में नई दिल्ली जिले के डीसीपी का कार्यालय भी है। जब राहुल गांधी की मांग नहीं मानी गई तो वह धरने पर बैठ गए। करीब पांच घंटे के बाद अब दिल्ली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 


इमरान प्रतापगढ़ी ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि अगर देश के नेता प्रतिपक्ष को किसी पीड़ित की एफआईआर दर्ज कराने के लिए खुद थाने में धरना देना पड़े तो यह गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आती है। ऐसे में संसद के पास जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन चलने का आरोप बेहद गंभीर है।

एफआईआर के बाद साहिल ने राहुल को कहा धन्यवाद
एफआईआर दर्ज होने के बाद साहिल लोचव ने राहुल गांधी का धन्यवाद किया। राहुल गांधी के धरने और दबाव के बाद उसकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। अब इस मामले की जांच होगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि साहिल को चोट कैसे लगी, कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ या नहीं और इस मामले में जिम्मेदारी किसकी है?
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