{"_id":"6a895ceacde5e87b6e0f0e27","slug":"s-jaishankar-russia-visit-23-24-august-india-russia-relations-lavrov-meeting-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत-रूस संबंध: जयशंकर का दो दिवसीय मॉस्को दौरा, रूसी समकक्ष लावरोव करेंगे मुलाकात; किन मुद्दों पर होगी चर्चा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भारत-रूस संबंध: जयशंकर का दो दिवसीय मॉस्को दौरा, रूसी समकक्ष लावरोव करेंगे मुलाकात; किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
Sat, 22 Aug 2026 01:55 PM IST
Devesh Tripathi
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 22 Aug 2026 01:55 PM IST
विदेश मंत्री एस. जयशंकर अगस्त के अंत में रूस पहुंचेंगे, जहां दोनों देशों के बीच आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा होगी। यात्रा के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ उनकी बातचीत भी प्रस्तावित है। दोनों नेता द्विपक्षीय साझेदारी के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा कर सकते हैं।
विज्ञापन
23-24 अगस्त को रूस जाएंगे एस जयशंकर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर 23 और 24 अगस्त को रूस के आधिकारिक दौरे पर होंगे। इस दौरान आईआरआईजीसी-टीईसी के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे और अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात भी प्रस्तावित है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। इसके अनुसार, विदेश मंत्री 23-24 अगस्त को रूसी संघ के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर रूस की आधिकारिक यात्रा करेंगे। वे व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे।
रूसी समकक्ष लावरोव से मुलाकात करेंगे जयशंकर
बयान में कहा गया है कि इस यात्रा के दौरान, जयशंकर रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मिलेंगे और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जुलाई 2026 में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान बैठकों के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की थी।
विज्ञापन
बैठक का विवरण साझा करते हुए जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, "रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा की गई। क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के संबंध में हमने अपनी गहरी चिंता दोहराई।"
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
चर्चा में भारत-रूस साझेदारी के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया, जिनमें व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और गतिशीलता शामिल हैं। जयशंकर ने आगे कहा, "हमने व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा गतिशीलता सहित हमारी साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी देशों की स्थिति पर भी चर्चा की।"
एमईए के अनुसार, इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन एक ऐसा सिस्टम है जो दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में हुई प्रगति पर नियमित रूप से नजर रखता है। इसे मई 1992 में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन के समझौते के तहत बनाया गया था।
आईआरआईजीसी के तहत हो चुकी हैं 26 बैठकें
आईआरआईजीसी का पहला सत्र 13 और 14 सितंबर 1994 को हुआ था। अब तक आईआरआईजीसी की 26 बैठकें हो चुकी हैं। आईआरआईजीसी का 26वां सत्र 20 अगस्त 2025 को मास्को में हुआ था। वहीं 25वां नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। यह भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग और संबंधों की समीक्षा करने वाला एक प्रमुख शीर्ष मंच है। इस आयोग की बैठकों की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री (या नामित मंत्री) और रूसी संघ के उप प्रधानमंत्री करते हैं।
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। इसके अनुसार, विदेश मंत्री 23-24 अगस्त को रूसी संघ के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर रूस की आधिकारिक यात्रा करेंगे। वे व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे।
विज्ञापन
रूसी समकक्ष लावरोव से मुलाकात करेंगे जयशंकर
बयान में कहा गया है कि इस यात्रा के दौरान, जयशंकर रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मिलेंगे और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जुलाई 2026 में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान बैठकों के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की थी।
विज्ञापन
बैठक का विवरण साझा करते हुए जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, "रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा की गई। क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के संबंध में हमने अपनी गहरी चिंता दोहराई।"
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
चर्चा में भारत-रूस साझेदारी के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया, जिनमें व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और गतिशीलता शामिल हैं। जयशंकर ने आगे कहा, "हमने व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा गतिशीलता सहित हमारी साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी देशों की स्थिति पर भी चर्चा की।"
एमईए के अनुसार, इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन एक ऐसा सिस्टम है जो दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में हुई प्रगति पर नियमित रूप से नजर रखता है। इसे मई 1992 में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन के समझौते के तहत बनाया गया था।
आईआरआईजीसी के तहत हो चुकी हैं 26 बैठकें
आईआरआईजीसी का पहला सत्र 13 और 14 सितंबर 1994 को हुआ था। अब तक आईआरआईजीसी की 26 बैठकें हो चुकी हैं। आईआरआईजीसी का 26वां सत्र 20 अगस्त 2025 को मास्को में हुआ था। वहीं 25वां नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। यह भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग और संबंधों की समीक्षा करने वाला एक प्रमुख शीर्ष मंच है। इस आयोग की बैठकों की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री (या नामित मंत्री) और रूसी संघ के उप प्रधानमंत्री करते हैं।