डिप्टी सीएम के भाई की बढ़ीं मुश्किलें: एसीबी के बाद अब ईडी का शिकंजा, इंस्पेक्टर विजय पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस
आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी की कार्रवाई के बाद अब डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी के भाई निलंबित इंस्पेक्टर विजय चौधरी पर ईडी ने पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।
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जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के भाई और निलंबित पुलिस इंस्पेक्टर विजय चौधरी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से दर्ज एफआईआर के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।
ईडी की जांच में अब उन संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन को खंगाला जाएगा, जिनका जिक्र एसीबी की जांच में सामने आया था।एसीबी ने फरवरी में विजय चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। जांच में आरोप सामने आया था कि अलग-अलग स्थानों पर तैनाती के दौरान उन्होंने अपनी ज्ञात आय के मुकाबले करोड़ों रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं। एसीबी के अनुसार 10 से अधिक संपत्तियों में मकान, दुकानें और जमीन शामिल हैं। इनमें करीब 100 कनाल जमीन भी बताई गई है। जांच एजेंसी के अनुसार इनमें से कई संपत्तियां परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और अन्य लोगों के नाम पर हैं।
अब ईडी यह पता लगाएगी कि इन संपत्तियों को खरीदने में इस्तेमाल धन का स्रोत क्या था और क्या कथित तौर पर बेनामी नामों से की गई संपत्ति खरीद या अन्य लेनदेन से अर्जित धन का इस्तेमाल हुआ। मामले में वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज की जांच की जा सकती है।राजोरी के पैतृक घर से लेकर कारोबारी ठिकानों तक तलाशी
एसीबी ने जांच के दौरान विशेष अदालत से तलाशी वारंट हासिल कर जम्मू और राजोरी में कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। इनमें जम्मू के संतोष विहार और कालूचक स्थित आवास, राजोरी के नौशेरा स्थित पैतृक घर तथा टूटे दी खुई, बजालता स्थित स्टोन क्रशर और टाइल फैक्टरी शामिल थीं। अन्य स्थानों पर भी तलाशी ली गई थी। एसीबी ने कार्रवाई के दौरान जांच से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद कर जब्त करने की बात कही थी। एसीबी की कार्रवाई के बाद अब ईडी के मामले ने जांच का दायरा वित्तीय लेनदेन तक बढ़ा दिया है।प्रमोशन को लेकर भी रहा है विवाद
विजय चौधरी ने कैट में अपनी याचिका में कहा था कि आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की सिफारिश की गई थी, लेकिन उन्हें इंस्पेक्टर के पद पर समय पर प्रमोशन नहीं मिला। कैट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित 2008 के आदेश को रद्द किया और उन्हें सिफारिश की तारीख से आउट ऑफ टर्न प्रमोशन का लाभ देने का निर्देश दिया। एसीबी के अनुसार विजय चौधरी को सितंबर 2025 में प्रतिनियुक्ति पर लद्दाख भेजा गया था।मुझे न्यायालय पर भरोसा, मेरा भाई निर्दोष- डिप्टी सीएम
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अपने भाई पर हुई कार्रवाई पर कहा कि पुलिस विभाग में कुछ अधिकारी गलत तरीके से निशाना बना रहे हैं। वक्त आने पर उनका हिसाब भी किया जाएगा। फरवरी में एसीबी ने भाई के घर पर छापा मारा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वहां से क्या मिला। उन्होंने अपने परिवार और भाई पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया। कहा कि मामला जांच एजेंसियों के पास है और उन्हें न्यायालय पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि मेरा भाई निर्दोष है।
कोई भी हो, जांच से बचना मुश्किल
भाजपा ईडी अपना काम कर रही है। इंस्पेक्टर विजय चौधरी निलंबित चल रहे हैं। ईडी बड़ी एजेंसी है। उसने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है, मामले में जो भी कुछ होगा वह सामने आएगा। कोई भी हो, किसी भी दल का हो वह नियम-कानून से अलग नहीं है। डॉ ताहिर चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा