फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

co2 in Blood: खून में बढ़ रहा है कार्बन डाइऑक्साइड, विशेषज्ञों ने चेताया; जानिए क्या होता है इसका असर

Fri, 21 Aug 2026 04:54 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 21 Aug 2026 04:54 PM IST
सार
Register For Event

ऑक्सीजन शरीर की कोशिकाओं के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन सांस की प्रक्रिया में कार्बन डाई ऑक्साइड को बाहर निकालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। शरीर में कार्बन डाई ऑक्साइड का स्तर बढ़ने पर सिरदर्द, उनींदापन, भ्रम और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

विज्ञापन
carbon dioxide in blood bicarbonate levels increased by 7 percent over a two-decade study
शरीर में कार्बन डाई ऑक्साइड का बढ़ना - फोटो : Adobe Stock

सांस लेना हमारे लिए इतना सामान्य काम है कि हम अक्सर इसके पीछे छिपे पूरे साइंस को भूल जाते हैं। हर सांस के साथ शरीर में प्राणवायु ऑक्सीजन जाती है और  कार्बन डाई ऑक्साइड गैस बाहर निकलती है। दिलचस्प बात यह है कि शरीर में ऑक्सीजन की कमी की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन कार्बन डाई ऑक्साइड बढ़ने की समस्या पर अपेक्षाकृत कम बात होती है। जबकि खून में कार्बन डाई ऑक्साइड का स्तर बढ़ना भी शरीर के लिए परेशानी का संकेत हो सकता है।



सामान्य परिस्थितियों में हमारे फेफड़े कार्बन डाई ऑक्साइड को बाहर निकालते रहते हैं। जब सांस लेने की प्रक्रिया प्रभावित होती है या फेफड़े पर्याप्त मात्रा में गैसों का आदान-प्रदान नहीं कर पाते, तो यह गैस शरीर में जमा होने लग सकती है। शरीर में कार्बन डाई ऑक्साइड बढ़ने पर सिरदर्द, भ्रम-थकान और सांस लेने में परेशानी जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं। कुछ गंभीर स्थितियों में इसका असर मस्तिष्क और दूसरे महत्वपूर्ण अंगों के कामकाज पर भी पड़ सकता है।

एक हालिया रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि हमारे शरीर में अब कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर भी बढ़ने लगा है।

carbon dioxide in blood bicarbonate levels increased by 7 percent over a two-decade study
शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड का बढ़ना - फोटो : Adobe Stock Images

अध्ययन में क्या पता चला?

वातावरण में लगातार बढ़ रही कार्बन डाइऑक्साइड का असर मानव शरीर की रसायनिकी में भी दिखाई देने लगा है। दो दशक से अधिक के अमेरिकी स्वास्थ्य आंकड़ों के विश्लेषण में शोधकर्ताओं ने रक्त में ऐसे बदलाव पाए हैं, जो वातावरण में बढ़ती कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा के साथ मेल खाते हैं।

द किड्स रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑस्ट्रेलिया, कर्टिन यूनिवर्सिटी और ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अमेरिकी नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एग्जामिनेशन सर्वे के 1999 से 2020 तक के आंकड़ों का अध्ययन किया। 
 

  • करीब 7,000 लोगों के रक्त परीक्षणों के विश्लेषण में पाया गया कि इस अवधि में सीरम बाइकार्बोनेट का औसत स्तर करीब 7 फीसदी बढ़ा, जबकि कैल्शियम और फॉस्फोरस के स्तर में गिरावट आई। यह अध्ययन जर्नल एयर क्वालिटी, एटमॉस्फियर एंड हेल्थ में प्रकाशित हुआ है। 
  • वर्ष 2000 में इसका स्तर करीब 369 पार्ट्स पर मिलियन था, जो अब 420 पार्ट्स पर मिलियन से अधिक हो चुका है।
carbon dioxide in blood bicarbonate levels increased by 7 percent over a two-decade study
सांस की समस्याओं का खतरा - फोटो : Freepik.com

अम्ल-क्षार संतुलन और श्वसन तंत्र पर प्रभाव

यदि बढ़ती वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड के साथ रक्त में बाइकार्बोनेट का स्तर लंबे समय तक बढ़ता रहा और कैल्शियम-फॉस्फोरस घटते रहे, तो शरीर के अम्ल-क्षार संतुलन, श्वसन तंत्र और खनिज संतुलन पर असर पड़ सकता है।

बाइकार्बोनेट मुख्य रूप से शरीर में अम्ल-क्षार संतुलन बनाए रखने वाला महत्वपूर्ण घटक है। गंभीर या लंबे समय के बदलावों की स्थिति में सांस लेने की प्रक्रिया, रक्त का पीएच संतुलन, हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़े कार्य प्रभावित होने की आशंका हो सकती है। इस बारे में आगे और गहन अध्ययन की जरूरत है।





--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed