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Mohali News: 480 सफाई कर्मचारी होंगे नियमित, 33 बस शेल्टर टेंडर रद्द करने का प्रस्ताव पास
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मोहाली। नगर निगम एसएएस नगर की 24 अगस्त को हाउस बैठक होगी। इसमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इनमें 480 सफाई कर्मियों को नियमित करने और 33 बस क्यू शेल्टर के विज्ञापन अधिकारों का पुराना टेंडर रद्द कर नया जारी करने जैसे बड़े फैसले शामिल हैं। यह बैठक शहर की सफाई व्यवस्था, निगम की आय और यातायात प्रबंधन में सुधार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में सफाई व्यवस्था, पार्किंग, मैकेनिकल स्वीपिंग और विज्ञापन से जुड़े मामलों पर चर्चा होगी। इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने पर शहर की सफाई व्यवस्था सुधरेगी और निगम की आय में वृद्धि होगी। साथ ही, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
480 सफाई कर्मियों को नियमित करने की तैयारी
जनवरी 2022 में ड्यूटी जॉइन करने वाले 627 सफाई सेवकों में से इस समय 480 कर्मचारी नगर निगम में कार्यरत हैं। इनमें से एक कर्मचारी लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर है, जिसकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद 479 सफाई सेवकों की सेवाएं नियमित करने संबंधी कार्रवाई प्रस्तावित है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक सफाई सेवकों को नियमित करने के संबंध में कोई अधिनियम या स्पष्ट पत्र जारी नहीं हुआ है। प्रस्ताव में कहा गया है कि भविष्य में सरकार की हिदायतों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। हाउस की मंजूरी को कर्मचारियों के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
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33 बस क्यू शेल्टर टेंडर विवाद का समाधान
निगम के लिए आय का एक बड़ा स्रोत बन सकने वाले 33 बस क्यू शेल्टर के विज्ञापन अधिकारों का मामला भी बैठक में आएगा। वर्ष 2024 में ई-टेंडर/ई-नीलामी नंबर 2903 जारी किया गया था। इसकी आरक्षित कीमत करीब 1.04 करोड़ रुपये रखी गई थी। नीलामी के दौरान बोली 1.67 करोड़ रुपये तक पहुंची, लेकिन अचानक एक बोली करीब 16.85 करोड़ रुपये लग गई। इसके बाद तकनीकी गलती का मामला सामने आया और टेंडर विवाद में फंस गया। मामला वित्त एवं ठेका समिति तक पहुंचा और सरकार से दिशा-निर्देश मांगे गए। करीब डेढ़ साल बाद भी स्पष्ट निर्णय नहीं मिलने से निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है। अब प्रस्ताव है कि पुराना टेंडर रद्द कर करीब 1.50 करोड़ रुपये की आरक्षित कीमत या हाउस द्वारा तय नई कीमत पर तत्काल नया ई-टेंडर/ई-नीलामी की जाए। फिलहाल निगम को इन 33 शेल्टरों से सिर्फ करीब 10 लाख रुपये सालाना आय हो रही है, जबकि प्रतिस्पर्धी बोली से इससे कहीं अधिक आय की उम्मीद है।
अवैध पार्किंग और मैकेनिकल स्वीपिंग में बदलाव
नगर निगम की सीमा में बाजार क्षेत्रों में निजी बसों और अन्य वाणिज्यिक वाहनों की अवैध पार्किंग का मुद्दा भी हाउस में रखा जाएगा। निगम का उद्देश्य बाजारों की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर मनमाने ढंग से खड़े किए जाने वाले वाहनों को नियंत्रित करना है। इससे यातायात जाम, पैदल यात्रियों की परेशानी और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर भी रोक लगाने की योजना है। हाउस से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभाग नियमों के तहत कार्रवाई और पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठा सकेगा। शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चल रही मैकेनिकल स्वीपिंग परियोजना के तहत कुछ निर्धारित रूटों के मंजूर टेंडर अनुसूची में संशोधन का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। निगम का प्रयास है कि मशीनों की उपलब्धता और शहर की जरूरत के अनुसार सफाई रूटों को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
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बैठक में सफाई व्यवस्था, पार्किंग, मैकेनिकल स्वीपिंग और विज्ञापन से जुड़े मामलों पर चर्चा होगी। इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने पर शहर की सफाई व्यवस्था सुधरेगी और निगम की आय में वृद्धि होगी। साथ ही, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
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480 सफाई कर्मियों को नियमित करने की तैयारी
जनवरी 2022 में ड्यूटी जॉइन करने वाले 627 सफाई सेवकों में से इस समय 480 कर्मचारी नगर निगम में कार्यरत हैं। इनमें से एक कर्मचारी लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर है, जिसकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद 479 सफाई सेवकों की सेवाएं नियमित करने संबंधी कार्रवाई प्रस्तावित है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक सफाई सेवकों को नियमित करने के संबंध में कोई अधिनियम या स्पष्ट पत्र जारी नहीं हुआ है। प्रस्ताव में कहा गया है कि भविष्य में सरकार की हिदायतों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। हाउस की मंजूरी को कर्मचारियों के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
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33 बस क्यू शेल्टर टेंडर विवाद का समाधान
निगम के लिए आय का एक बड़ा स्रोत बन सकने वाले 33 बस क्यू शेल्टर के विज्ञापन अधिकारों का मामला भी बैठक में आएगा। वर्ष 2024 में ई-टेंडर/ई-नीलामी नंबर 2903 जारी किया गया था। इसकी आरक्षित कीमत करीब 1.04 करोड़ रुपये रखी गई थी। नीलामी के दौरान बोली 1.67 करोड़ रुपये तक पहुंची, लेकिन अचानक एक बोली करीब 16.85 करोड़ रुपये लग गई। इसके बाद तकनीकी गलती का मामला सामने आया और टेंडर विवाद में फंस गया। मामला वित्त एवं ठेका समिति तक पहुंचा और सरकार से दिशा-निर्देश मांगे गए। करीब डेढ़ साल बाद भी स्पष्ट निर्णय नहीं मिलने से निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है। अब प्रस्ताव है कि पुराना टेंडर रद्द कर करीब 1.50 करोड़ रुपये की आरक्षित कीमत या हाउस द्वारा तय नई कीमत पर तत्काल नया ई-टेंडर/ई-नीलामी की जाए। फिलहाल निगम को इन 33 शेल्टरों से सिर्फ करीब 10 लाख रुपये सालाना आय हो रही है, जबकि प्रतिस्पर्धी बोली से इससे कहीं अधिक आय की उम्मीद है।
अवैध पार्किंग और मैकेनिकल स्वीपिंग में बदलाव
नगर निगम की सीमा में बाजार क्षेत्रों में निजी बसों और अन्य वाणिज्यिक वाहनों की अवैध पार्किंग का मुद्दा भी हाउस में रखा जाएगा। निगम का उद्देश्य बाजारों की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर मनमाने ढंग से खड़े किए जाने वाले वाहनों को नियंत्रित करना है। इससे यातायात जाम, पैदल यात्रियों की परेशानी और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर भी रोक लगाने की योजना है। हाउस से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभाग नियमों के तहत कार्रवाई और पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठा सकेगा। शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चल रही मैकेनिकल स्वीपिंग परियोजना के तहत कुछ निर्धारित रूटों के मंजूर टेंडर अनुसूची में संशोधन का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। निगम का प्रयास है कि मशीनों की उपलब्धता और शहर की जरूरत के अनुसार सफाई रूटों को अधिक प्रभावी बनाया जाए।