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यूपी: एमएलसी चुनाव में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई: आगरा के दो सेक्टर मजिस्ट्रेट और चार पुलिस अफसर निलंबित
Mon, 26 Oct 2026 09:28 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Mon, 26 Oct 2026 09:28 PM IST
एमएलसी चुनाव में लापरवाही पर निर्वाचन आयोग की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। आगरा के छह कर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें चार पुलिस अधिकारी और दो सेक्टर मजिस्ट्रेट हैं।
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निलंबित
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन में सामने आई गंभीर लापरवाही और धांधली के आरोपों पर भारत निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने सैंया और फतेहाबाद में प्रभावी पर्यवेक्षण में नाकाम रहे छह प्रशासनिक व पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही दोनों केंद्रों पर तैनात पांच मतदान अधिकारियों और 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं। आयोग के सचिव सुमन कुमार दास की ओर से सोमवार को जारी पत्र के अनुसार, यह कार्रवाई मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर नगेंद्र प्रताप की 25 अक्तूबर की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जिलाधिकारी मनीष बंसल और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार से मिली जानकारी के आधार पर आयोग ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी मतदान केंद्रों पर प्रभावी निगरानी, शांति और पारदर्शी नियंत्रण सुनिश्चित करने में विफल रहे। इसे गंभीर शासकीय लापरवाही माना गया।
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इसके साथ ही दोनों केंद्रों पर तैनात पांच मतदान अधिकारियों और 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं। आयोग के सचिव सुमन कुमार दास की ओर से सोमवार को जारी पत्र के अनुसार, यह कार्रवाई मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर नगेंद्र प्रताप की 25 अक्तूबर की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जिलाधिकारी मनीष बंसल और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार से मिली जानकारी के आधार पर आयोग ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी मतदान केंद्रों पर प्रभावी निगरानी, शांति और पारदर्शी नियंत्रण सुनिश्चित करने में विफल रहे। इसे गंभीर शासकीय लापरवाही माना गया।
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इन पर गिरी गाज
बूथ नंबर-21 (सैंया)- सेक्टर मजिस्ट्रेट सह जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ओपी चक, क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर व सेक्टर पुलिस अधिकारी हरिशरण सिंह और एत्माद्दौला थाने के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार।
बूथ नंबर-26 (फतेहाबाद)- सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी विशाल राठौर, फतेहाबाद के अतिरिक्त निरीक्षक पुरुषोत्तम पाल और एकता थाने के सब-इंस्पेक्टर सुमित त्यागी शामिल हैं।
बूथ नंबर-21 (सैंया)- सेक्टर मजिस्ट्रेट सह जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ओपी चक, क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर व सेक्टर पुलिस अधिकारी हरिशरण सिंह और एत्माद्दौला थाने के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार।
बूथ नंबर-26 (फतेहाबाद)- सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी विशाल राठौर, फतेहाबाद के अतिरिक्त निरीक्षक पुरुषोत्तम पाल और एकता थाने के सब-इंस्पेक्टर सुमित त्यागी शामिल हैं।
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21 अन्य कर्मचारियों पर भी विभागीय कार्रवाई
आयोग ने राज्य सरकार और संबंधित उच्चाधिकारियों को निर्देश दिया है कि निलंबित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। आरोपपत्र जारी होने के 10 दिनों के भीतर उसकी प्रति आयोग को भेजें। इसके अलावा, दोनों बूथों पर तैनात 2 पीठासीन अधिकारियों, 3 मतदान अधिकारियों और 16 पुलिसकर्मियों (5 हेड कांस्टेबल और 11 कांस्टेबल) के खिलाफ भी नियमानुसार विभागीय व अनुशासनात्मक जांच के आदेश दिए गए हैं।
आयोग ने राज्य सरकार और संबंधित उच्चाधिकारियों को निर्देश दिया है कि निलंबित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। आरोपपत्र जारी होने के 10 दिनों के भीतर उसकी प्रति आयोग को भेजें। इसके अलावा, दोनों बूथों पर तैनात 2 पीठासीन अधिकारियों, 3 मतदान अधिकारियों और 16 पुलिसकर्मियों (5 हेड कांस्टेबल और 11 कांस्टेबल) के खिलाफ भी नियमानुसार विभागीय व अनुशासनात्मक जांच के आदेश दिए गए हैं।