बलरामपुर में तेंदुए का आतंक: चार भेंड़ों व एक पड़िया को मार डाला, दहशत में खेत जाने से डर रहे ग्रामीण
बलरामपुर के दो गांवों में तेंदुए ने हमलाकर चार भेड़ों व एक पड़िया को मार डाला। गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण शाम से ही घरों में दुबक जा रहे हैं और खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं।
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जंगल से निकलकर गांवों और खेतों तक पहुंच रहे तेंदुओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। दो अलग-अलग इलाकों में तेंदुए ने पशुओं को शिकार बनाया। निबोरिया में चार भेड़ों को मार डाला, जबकि रमनगरा-गनवरिया में नहर किनारे चर रही भैंस की करीब डेढ़ साल की पड़िया को दबोचकर मौत के घाट उतार दिया। घटनाओं के बाद दोनों क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण खेतों और सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की गतिविधियां लगातार आबादी के आसपास बढ़ रही हैं। शाम ढलते ही लोग घरों में दुबकने लगे हैं। पशुपालकों की चिंता सबसे ज्यादा है, क्योंकि खेतों और खुले स्थानों पर बंधे पशु तेंदुए के आसान शिकार बन रहे हैं। महराजगंज तराई क्षेत्र की निबोरिया ग्राम पंचायत में सोमवार देर शाम रमाशंकर बाग के पास छोटे, शांति और अतवारी अपनी भेड़ों के साथ थे। करीब 200 भेड़ों के झुंड के बीच तेंदुआ अचानक पहुंच गया। उसे देखते ही भेड़ों में भगदड़ मच गई। इसी दौरान तेंदुए ने चार भेड़ों पर हमला कर उन्हें मार डाला। इसमें छोटे की दो, शांति की एक और अतवारी की एक भेड़ तेंदुए का शिकार बनी। अचानक हुए हमले से पशुपालकों में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। लोगों ने काफी देर तक आसपास तेंदुए की तलाश की, लेकिन वह दिखाई नहीं दिया।
ग्रामीणों के अनुसार निबोरिया तालाब के आसपास तेंदुआ पिछले कई दिनों से दिखाई दे रहा है। इससे गांव में पहले से ही डर का माहौल था। भेड़ों पर हमले के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
नहर किनारे घात लगाकर बैठा था तेंदुआ
उधर, बनकटवा रेंज के रमनगरा-गनवरिया में सोमवार शाम नहर किनारे तेंदुए ने भैंस के करीब डेढ़ साल के पड़िया को निशाना बनाया। ग्रामीण गुरु दीन भैंस चरा रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक पड़िया पर झपट्टा मारा और उसे खींचकर झाड़ियों की ओर ले गया। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने तलाश की तो पड़िया का शव झाड़ियों में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर आसपास तेंदुए की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। रमनगरा के ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ लंबे समय से गांव और आसपास के खेतों में दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार कुत्तों और बकरियों को भी वह शिकार बना चुका है। कुछ लोगों ने खेत जाते समय तेंदुए के सामने आने की बात भी बताई। अनिल कुमार वर्मा के अनुसार खेत जाते समय तेंदुए ने उन्हें दौड़ाया था। कलावती, अनीता और सुरेखा ने भी खेत की ओर जाते समय तेंदुए की गतिविधि देखने की बात कही।
कैमरा लगाया, पिंजरा लगाने की तैयारी
बनकटवा रेंज के क्षेत्राधिकारी सत्रोहन लाल ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा लगाया गया है। पिंजरा लगाने की तैयारी की जा रही है। तुलसीपुर वन क्षेत्र के रेंजर प्रवीण तिवारी ने बताया कि वन दरोगा और कर्मचारियों को गांवों में लगातार भ्रमण के लिए लगाया गया है। ग्रामीणों को वन्यजीव से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। किसानों को अकेले खेतों में जाने से बचने और समूह में जाने की सलाह दी गई है।