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Chitrakoot News: नदी-नाले उफानाए, 11 गांवों का संपर्क बंद
Fri, 21 Aug 2026 10:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 21 Aug 2026 10:48 PM IST
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फोटो 21 सीकेटीपी 19 ग्रामीणों से बातचीत करने डीएम व अन्य। संवाद
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चित्रकूट/मानिकपुर। लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
मानिकपुर क्षेत्र में बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। चमरौहा गांव के पास रपटे के ऊपर से बरदहा नदी का पानी बह रहा है। इसके चलते करीब 11 दिनों से एक दर्जन गांवों का मुख्यालय से संपर्क बाधित है।
लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए नाव और मोटर बोट का सहारा लिया जा रहा है। 42वीं बटालियन एसडीआरएफ की टीम बरदहा नदी पर तैनात की गई है। टीम मोटर बोट से ग्रामीणों तक जरूरी सामग्री, दवाइयां पहुंचाने के साथ नदी पार कराने में मदद कर रही है।
स्वास्थ्य टीम भी प्रभावित गांवों में बीमारों का इलाज कर रही है। शुक्रवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। डीएम ने बताया कि बरदहा का जलस्तर बढ़ने से चमरौहा रपटे पर आवागमन बंद है। पीएसी जवानों को मोटर बोट के साथ तैनात किया गया है।
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बरदहा में हर साल बाढ़ से आवागमन बाधित होने के सवाल पर डीएम ने कहा कि चमरौहा रपटा क्षेत्र में दीर्घ सेतु योजना को जिले की वार्षिक कार्ययोजना में प्राथमिकता पर रखा गया है। उम्मीद है एक माह में शासन से स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों को आवागमन की स्थायी सुविधा मिल सकेगी।
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रामघाट के रास्तों में भरा कीचड़, परेशानी
चित्रकूट। मंदाकिनी दो दिनों से खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। बृहस्पतिवार रात को नदी का पानी थोड़ा कम हुआ था, लेकिन शुक्रवार सुबह फिर से बढ़ गया। बाढ़ का पानी मुख्य मार्ग तक पहुंच गया था। वहां से पानी तो उतर गया है लेकिन सड़क पर मोटी परत में कीचड़ जमा हो गई है।
कीचड़ के कारण राहगीरों और दुकानदारों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। कीचड़ हटाने के लिए शाम को सफाई कर्मियों की टीम मौके पर सफाई का काम शुरू किया।
स्थानीय अजीत सिंह और बीपी सिंह पटेल ने बताया कि बाढ़ का पानी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। जहां पानी कम हुआ है वहां कीचड़ हो गई है। कर्मचारी सफाई में जुटे हैं। अंदेशा है कि अगर बारिश जारी रही तो मंदाकिनी का जलस्तर फिर बढ़ सकता है। प्रशासन ने निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। (संवाद)
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मानिकपुर क्षेत्र में बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। चमरौहा गांव के पास रपटे के ऊपर से बरदहा नदी का पानी बह रहा है। इसके चलते करीब 11 दिनों से एक दर्जन गांवों का मुख्यालय से संपर्क बाधित है।
लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए नाव और मोटर बोट का सहारा लिया जा रहा है। 42वीं बटालियन एसडीआरएफ की टीम बरदहा नदी पर तैनात की गई है। टीम मोटर बोट से ग्रामीणों तक जरूरी सामग्री, दवाइयां पहुंचाने के साथ नदी पार कराने में मदद कर रही है।
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स्वास्थ्य टीम भी प्रभावित गांवों में बीमारों का इलाज कर रही है। शुक्रवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। डीएम ने बताया कि बरदहा का जलस्तर बढ़ने से चमरौहा रपटे पर आवागमन बंद है। पीएसी जवानों को मोटर बोट के साथ तैनात किया गया है।
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बरदहा में हर साल बाढ़ से आवागमन बाधित होने के सवाल पर डीएम ने कहा कि चमरौहा रपटा क्षेत्र में दीर्घ सेतु योजना को जिले की वार्षिक कार्ययोजना में प्राथमिकता पर रखा गया है। उम्मीद है एक माह में शासन से स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों को आवागमन की स्थायी सुविधा मिल सकेगी।
रामघाट के रास्तों में भरा कीचड़, परेशानी
चित्रकूट। मंदाकिनी दो दिनों से खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। बृहस्पतिवार रात को नदी का पानी थोड़ा कम हुआ था, लेकिन शुक्रवार सुबह फिर से बढ़ गया। बाढ़ का पानी मुख्य मार्ग तक पहुंच गया था। वहां से पानी तो उतर गया है लेकिन सड़क पर मोटी परत में कीचड़ जमा हो गई है।
कीचड़ के कारण राहगीरों और दुकानदारों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। कीचड़ हटाने के लिए शाम को सफाई कर्मियों की टीम मौके पर सफाई का काम शुरू किया।
स्थानीय अजीत सिंह और बीपी सिंह पटेल ने बताया कि बाढ़ का पानी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। जहां पानी कम हुआ है वहां कीचड़ हो गई है। कर्मचारी सफाई में जुटे हैं। अंदेशा है कि अगर बारिश जारी रही तो मंदाकिनी का जलस्तर फिर बढ़ सकता है। प्रशासन ने निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। (संवाद)

फोटो 21 सीकेटीपी 19 ग्रामीणों से बातचीत करने डीएम व अन्य। संवाद