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Hapur News: गांवों में बढ़ रहा लंपी वायरस, 20 गोवंश और मिले संक्रमित
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हापुड़। जिले में गोवंशों में लंपी वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। संक्रमण अब 25 गांवों तक पहुंच चुका है। रविवार को भी गांवों में पशुपालन विभाग की टीम पहुंची और गोवंशों की जांच की। इसके बाद उन्हें दवा दी गई। साथ ही संक्रमितों से अन्य दूसरे गोवंशों को अलग रखने की सलाह दी गई। इसके अलावा गोवंशों का टीकाकरण किया गया।
पशुपालन विभाग के अधिकारी अभी तक 120 गोवंशों का इलाज कर चुके हैं। इनमें से 50 से अधिक गोवंश अभी तक उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं। साथ ही गोवंशों के बीमारी से घाव भी उपचार के बाद कम हो गए हैं। वहीं, अब तक 140 के करीब संक्रमित गोवंश मिल चुके हैं। शेष का उपचार शुरू कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। बीमारी को नियंत्रित करने के लिए रविवार को सीवीओ डॉ. ओपी मिश्रा के नेतृत्व में पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर गोवंशों की जांच और निगरानी कर रही हैं। संक्रमित गोवंशों को दूसरे पशुओं से अलग रखने की सलाह दी गई है।
विभाग के अनुसार, अब गांव मीरपुर कलां, शेखपुर, धनौरा, मलकपुर, बनखंडा, नली हुसैनपुर, बक्सर, फुल्डेहरा, बड्ढा, मुरादपुर, सिंभावली, सैना, नवादा, भोवापुर, सिखैड़ा, सिकंदरपुर काकोड़ी, लुखराड़ा, नूरपुर, बछलौता, चमरी, सबली, पिलखुवा, खेड़ा और परतापुर आदि में संक्रमित गोवंश मिले हैं। इनके अलावा अन्य गांवों में भी गोवंशों की जांच की गई है, जिनकी रिपोर्ट जल्द मिल जाएगी। वहीं, इन गांवों में बीमारी को अन्य पशुओं में फैलने से रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। अभी तक जिले में किसी गोवंश की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है।
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सीवीओ डॉ. ओपी मिश्रा का कहना है कि इस बार वायरस कमजोर है। इसलिए गोवंश उपचार के बाद ठीक हो रहे हैं। वैक्सीनेशन का कार्य चल रहा है। गांवों में टीमें जाकर लगातार उपचार कर रही हैं। उपचार के बाद 50 से ज्यादा गोवंश ठीक हो चुके हैं।
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पशुपालन विभाग के अधिकारी अभी तक 120 गोवंशों का इलाज कर चुके हैं। इनमें से 50 से अधिक गोवंश अभी तक उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं। साथ ही गोवंशों के बीमारी से घाव भी उपचार के बाद कम हो गए हैं। वहीं, अब तक 140 के करीब संक्रमित गोवंश मिल चुके हैं। शेष का उपचार शुरू कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। बीमारी को नियंत्रित करने के लिए रविवार को सीवीओ डॉ. ओपी मिश्रा के नेतृत्व में पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर गोवंशों की जांच और निगरानी कर रही हैं। संक्रमित गोवंशों को दूसरे पशुओं से अलग रखने की सलाह दी गई है।
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विभाग के अनुसार, अब गांव मीरपुर कलां, शेखपुर, धनौरा, मलकपुर, बनखंडा, नली हुसैनपुर, बक्सर, फुल्डेहरा, बड्ढा, मुरादपुर, सिंभावली, सैना, नवादा, भोवापुर, सिखैड़ा, सिकंदरपुर काकोड़ी, लुखराड़ा, नूरपुर, बछलौता, चमरी, सबली, पिलखुवा, खेड़ा और परतापुर आदि में संक्रमित गोवंश मिले हैं। इनके अलावा अन्य गांवों में भी गोवंशों की जांच की गई है, जिनकी रिपोर्ट जल्द मिल जाएगी। वहीं, इन गांवों में बीमारी को अन्य पशुओं में फैलने से रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। अभी तक जिले में किसी गोवंश की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है।
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सीवीओ डॉ. ओपी मिश्रा का कहना है कि इस बार वायरस कमजोर है। इसलिए गोवंश उपचार के बाद ठीक हो रहे हैं। वैक्सीनेशन का कार्य चल रहा है। गांवों में टीमें जाकर लगातार उपचार कर रही हैं। उपचार के बाद 50 से ज्यादा गोवंश ठीक हो चुके हैं।