{"_id":"6a876cb97c857233050e3105","slug":"fir-will-be-lodged-against-those-who-sell-royal-land-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-166155-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: राजघराने की जमीन बेचने वालों पर दर्ज होगी प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: राजघराने की जमीन बेचने वालों पर दर्ज होगी प्राथमिकी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुशीनगर। रानी रेवती देवी की 1,503 एकड़ जमीन सरकार के खाते में दर्ज होने के बाद खतौनी में दर्ज नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए चारों एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। फर्जीवाड़ा कर राजघराने की जमीन बेचने वालों पर प्राथमिकी दर्ज होगी।
राजस्वकर्मियों की ओर से दी गई रिपोर्ट में खड्डा, पडरौना और कसया तहसील क्षेत्र की जमीनों की प्लाटिंग कर भू माफिया ने बेच दी है। और लोगों ने मकान भी बनवा लिया है। कई राजनीतिक दलों के नेताओं और प्रभावशाली लोगों का भी इन जमीनों पर कब्जा है।
पडरौना की रानी रेवती देवी की जमीन का मामला वर्षों से न्यायालय में लंबित था। इसी बीच रानी रेवती की फर्जी वसीयत के आधार पर राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर जालसाजों ने नाम दर्ज करा लिया और प्रभावशाली व राजनीतिक लोगों की शह पर प्लाटिंग कर जमीन बेच दी गई।
विज्ञापन
कुछ लोग रानी रेवती देवी की जमीन पर कब्जा कर खेती किसानी भी कर रहे हैं। 18.04 एकड़ जमीन को छोड़ बाकी जमीन पर सिलिंग घोषित होने ंके बाद पूरा मामला पलट गया।
डीएम के निर्देश पर खतौनी से लोगों का नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डीएम ने खड्डा, पडरौना, कसया और कप्तानगंज के एसडीएम व तहसीलदार के साथ बैठक की। उम्मीद है कि दस दिन के अंदर खतौनी से अवैध कब्जेदारों का नाम हट जाएगा। जमीन से बेदखली की कार्रवाई भी शुरू हो गई है।
राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रशासन की ओर से खाका तैयार किया जा रहा है। फर्जी तरीके से जमीन बेचने वालों के खिलाफ क्रेता प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं।
पहले कब्जेदारों को नोटिस जारी होगा। उसके बाद अवैध तरीके से बने मकानों पर बुलडोजर चलेगा। पडरौना और खड्डा में 200 से अधिक लोगों ने रानी रेवती की जमीन पर मकान बनवा लिया है। उन लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं रानी रेवती से जुड़े उनके लोग भी इस विषय पर कुछ कहने से परहेज कर रहे हैं।
विज्ञापन
राजस्वकर्मियों की ओर से दी गई रिपोर्ट में खड्डा, पडरौना और कसया तहसील क्षेत्र की जमीनों की प्लाटिंग कर भू माफिया ने बेच दी है। और लोगों ने मकान भी बनवा लिया है। कई राजनीतिक दलों के नेताओं और प्रभावशाली लोगों का भी इन जमीनों पर कब्जा है।
विज्ञापन
पडरौना की रानी रेवती देवी की जमीन का मामला वर्षों से न्यायालय में लंबित था। इसी बीच रानी रेवती की फर्जी वसीयत के आधार पर राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर जालसाजों ने नाम दर्ज करा लिया और प्रभावशाली व राजनीतिक लोगों की शह पर प्लाटिंग कर जमीन बेच दी गई।
विज्ञापन
कुछ लोग रानी रेवती देवी की जमीन पर कब्जा कर खेती किसानी भी कर रहे हैं। 18.04 एकड़ जमीन को छोड़ बाकी जमीन पर सिलिंग घोषित होने ंके बाद पूरा मामला पलट गया।
डीएम के निर्देश पर खतौनी से लोगों का नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डीएम ने खड्डा, पडरौना, कसया और कप्तानगंज के एसडीएम व तहसीलदार के साथ बैठक की। उम्मीद है कि दस दिन के अंदर खतौनी से अवैध कब्जेदारों का नाम हट जाएगा। जमीन से बेदखली की कार्रवाई भी शुरू हो गई है।
राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रशासन की ओर से खाका तैयार किया जा रहा है। फर्जी तरीके से जमीन बेचने वालों के खिलाफ क्रेता प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं।
पहले कब्जेदारों को नोटिस जारी होगा। उसके बाद अवैध तरीके से बने मकानों पर बुलडोजर चलेगा। पडरौना और खड्डा में 200 से अधिक लोगों ने रानी रेवती की जमीन पर मकान बनवा लिया है। उन लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं रानी रेवती से जुड़े उनके लोग भी इस विषय पर कुछ कहने से परहेज कर रहे हैं।