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रिश्वत लेते पकड़ी प्राचार्या: पराग डेयरी में प्रबंधक रह चुकी हैं वंदना सिंह, इस काम के लिए ले रही थीं रिश्वत
Mon, 24 Aug 2026 11:20 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Mon, 24 Aug 2026 11:20 PM IST
Meerut News: भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते ने सहकारी डेयरी संस्थान की प्राचार्या को उनके ही कार्यालय में रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोप है कि ठेकेदार अमित सिवाच से उनकी फर्म के भुगतान के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी।
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एंटी करप्शन टीम की गिरफ्त में वंदना सिंह और शिकायतकर्ता अमित सिवाच।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते ने सोमवार को सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की प्राचार्या वंदना सिंह को 1.35 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत संस्थान के एक ठेकेदार अमित सिवाच से ली गई थी। परतापुर थाने में वंदना सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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आरोपी वंदना सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
यह कार्रवाई सोमवार दोपहर एक बजे वंदना सिंह के कार्यालय में हुई। ठेकेदार अमित सिवाच से उनकी फर्म सिवाच ट्रेडर्स के बकाया भुगतान के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी। उनकी शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते की इंस्पेक्टर अर्चना सिंह और प्रभारी दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा। टीम ने वंदना सिंह को रिश्वत के साथ मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्रवाई से विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कई अधिकारी अपनी सीट छोड़कर भाग खड़े हुए। गिरफ्तारी के बाद वंदना सिंह का सीएचसी भूड़बराल परतापुर में चिकित्सा परीक्षण कराया गया। उन्हें थाना परतापुर ले जाया गया और बाद में महिला थाने भेजा गया। वंदना सिंह को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस कार्रवाई से विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कई अधिकारी अपनी सीट छोड़कर भाग खड़े हुए। गिरफ्तारी के बाद वंदना सिंह का सीएचसी भूड़बराल परतापुर में चिकित्सा परीक्षण कराया गया। उन्हें थाना परतापुर ले जाया गया और बाद में महिला थाने भेजा गया। वंदना सिंह को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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पराग डेयरी की प्रबंधक प्रशासन भी रह चुकी हैं वंदना
वंदना सिंह मूल रूप से 1428 सेक्टर आईएलडी कॉलोनी कानपुर रोड, लखनऊ की निवासी हैं। वर्तमान में वह नोएडा के लेटिना टावर, महागुना, मीराबेला, सेक्टर 79 बिसरख में रहती हैं। जुलाई माह में उन्हें प्रशिक्षण शोध संस्थान में प्राचार्या की जिम्मेदारी मिली थी। इससे पहले वह मेरठ पराग दुग्ध डेयरी में प्रबंधक प्रशासन के पद पर तैनात रही थीं।
वंदना सिंह मूल रूप से 1428 सेक्टर आईएलडी कॉलोनी कानपुर रोड, लखनऊ की निवासी हैं। वर्तमान में वह नोएडा के लेटिना टावर, महागुना, मीराबेला, सेक्टर 79 बिसरख में रहती हैं। जुलाई माह में उन्हें प्रशिक्षण शोध संस्थान में प्राचार्या की जिम्मेदारी मिली थी। इससे पहले वह मेरठ पराग दुग्ध डेयरी में प्रबंधक प्रशासन के पद पर तैनात रही थीं।
भोजन आपूर्ति के बिलों के भुगतान के लिए प्राचार्य ने मांगी थी रिश्वत
वंदना सिंह से भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते के अधिकारियों ने सोमवार देर रात तक पूछताछ की। इससे पहले के भुगतान के मामलों पर भी वंदना सिंह से जानकारी ली। ठेकेदार अमित सिवाच से प्रशिक्षण लेने वाले किसानों को की गई भोजन की आपूर्ति के बिलों के भुगतान के लिए रिश्वत की मांग की गई थी।
वंदना सिंह से भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते के अधिकारियों ने सोमवार देर रात तक पूछताछ की। इससे पहले के भुगतान के मामलों पर भी वंदना सिंह से जानकारी ली। ठेकेदार अमित सिवाच से प्रशिक्षण लेने वाले किसानों को की गई भोजन की आपूर्ति के बिलों के भुगतान के लिए रिश्वत की मांग की गई थी।
ठेकेदार अमित सिवाच की फर्म ने संस्थान में ट्रेनिंग करने वाले किसानों को भोजन आपूर्ति की थी। इस आपूर्ति के लिए विभाग पर 3 लाख 87 हजार रुपये बकाया थे। वंदना सिंह ने 16 जुलाई को प्राचार्या का पदभार ग्रहण किया था। अमित सिवाच ने 20 जुलाई को भुगतान के लिए उनसे संपर्क किया। अमित का आरोप है कि वंदना सिंह ने बकाया भुगतान के एवज में 1.35 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत न देने पर उन्होंने भुगतान रोकने की धमकी भी दी थी। अमित सिवाच ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत एंटी करप्शन विभाग में की थी।
इंस्पेक्टर अर्चना सिंह ने बताया कि शिकायत शुक्रवार को मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर टीम ने सोमवार दोपहर कार्रवाई की योजना बनाई। वंदना सिंह ने अमित सिवाच को सोमवार दोपहर एक बजे रिश्वत के रुपये लेकर कार्यालय बुलाया था। जैसे ही अमित ने रुपये दिए, एंटी करप्शन की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
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