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Shahjahanpur News: संविदा चालक का चिकित्सीय प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर सीएमओ ने गठित की जांच कमेटी
Fri, 21 Aug 2026 01:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 21 Aug 2026 01:21 AM IST
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शाहजहांपुर। परिवहन निगम के संविदा चालक मोर सिंह का चिकित्सीय प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर सीएमओ ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। वहीं, संबंधित चिकित्सक ने उनके नाम और मुहर का फर्जी तरीके से इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाते हुए गढ़ियारंगीन थाने में तहरीर दी है।
संविदा चालक मोर सिंह के हरियाणा के रोहतक में मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में जेल जाने की शिकायत एआरएम को प्राप्त हुई थी। आरोप है कि चालक ने यह तथ्य छिपाते हुए बीमारी का बहाना बनाया और जेल से जमानत पर छूटने के बाद गढ़ियारंगीन स्थित आरोग्य मंदिर का चिकित्सीय प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर दिया।
डीएम से शिकायत मिलने के बाद एआरएम ने गढि़या रंगीन स्थित आरोग्य मंदिर से जारी चिकित्सीय प्रमाण पत्र की जांच के लिए सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा से पत्राचार किया। जांच के दौरान आरोग्य मंदिर के डॉ. यूसुफ ने प्रमाणपत्र पर लिखावट अपनी होने से इन्कार करते हुए उसे फर्जी बताया। सीएमओ के अनुसार, डॉ. यूसुफ ने उनके नाम और मुहर का दुरुपयोग कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए जाने की शिकायत पुलिस से की है। मामले की जांच के लिए एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव और डॉ. सोमेश अग्निहोत्री की दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षक जैतीपुर को पत्र भेजा है। पत्र में बताया कि मोर सिंह 23 जून से रोहतक की जिद चौक जेल में बंद था और 30 जुलाई को उसकी जमानत हुई। ऐसे में उसका उपचार और चिकित्सीय प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी हुआ, इस संबंध में दो दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। उसके बाद संंबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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संविदा चालक मोर सिंह के हरियाणा के रोहतक में मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में जेल जाने की शिकायत एआरएम को प्राप्त हुई थी। आरोप है कि चालक ने यह तथ्य छिपाते हुए बीमारी का बहाना बनाया और जेल से जमानत पर छूटने के बाद गढ़ियारंगीन स्थित आरोग्य मंदिर का चिकित्सीय प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर दिया।
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डीएम से शिकायत मिलने के बाद एआरएम ने गढि़या रंगीन स्थित आरोग्य मंदिर से जारी चिकित्सीय प्रमाण पत्र की जांच के लिए सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा से पत्राचार किया। जांच के दौरान आरोग्य मंदिर के डॉ. यूसुफ ने प्रमाणपत्र पर लिखावट अपनी होने से इन्कार करते हुए उसे फर्जी बताया। सीएमओ के अनुसार, डॉ. यूसुफ ने उनके नाम और मुहर का दुरुपयोग कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए जाने की शिकायत पुलिस से की है। मामले की जांच के लिए एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव और डॉ. सोमेश अग्निहोत्री की दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षक जैतीपुर को पत्र भेजा है। पत्र में बताया कि मोर सिंह 23 जून से रोहतक की जिद चौक जेल में बंद था और 30 जुलाई को उसकी जमानत हुई। ऐसे में उसका उपचार और चिकित्सीय प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी हुआ, इस संबंध में दो दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। उसके बाद संंबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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