Shamali Ground Report: मॉडल विलेज से जिला अस्पताल तक, कितना बदला शामली? स्थानीय लोगों ने बताई जमीनी हकीकत
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट तेज हो गई है, और इस चुनावी बिगुल से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है। इस परिप्रेक्ष्य में, अमर उजाला की टीम जमीनी हकीकत को टटोलने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट तेज हो गई है, और इस चुनावी बिगुल से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है। इस परिप्रेक्ष्य में, अमर उजाला की टीम जमीनी हकीकत को टटोलने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है। इसी कड़ी में हमारी टीम ने शामली जिले में सरकारी योजनाओं के आम जनजीवन पर पड़े प्रभाव और विकास के दावों की असल तस्वीर को समझने का प्रयास किया। इस पड़ताल में मॉडल विलेज, जिला संयुक्त चिकित्सालय और कृषि विज्ञान केंद्र का हाल जाना।
अमर उजाला की टीम शामली के जसाला गांव पहुंची। इस गांव को मॉडल विलेज का दर्जा मिल चुका है। यहां छात्रों के लिए आधुनिक लाइब्रेरी बनी हुई है। वो गांव जो कभी पक्की सड़कों के लिए तरसते थे। वो गांव जो कभी बेहतर शिक्षा की तलाश में थे वहां अब तस्वीर बदल रही है। यहां के प्रधान शिव कुमार चौहान ने बताया कि वो सबसे पहले 2015 में प्रधान बने थे तब से लगातार प्रधान बने हुए हैं। शिव कुमार ने आगे कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार की जो योजनाएं होती हैं उसी के आधार पर काम किया जाता है लेकिन उनकी प्राथमिकता हमेशा शिक्षा पे रही है, स्वास्थ्य पे रही है। गांव में लाइब्रेरी बनाई है। सरकार की जो भी योजनाएं हैं उनको धरातल पर उतारने का काम किया। गांव के प्रधान शिव कुमार ने आगे बताया कि केंद्र सरकार का काफी पैसा हमें मिलता है और हम उसे बहुत अच्छी तरह से गांव में लगाते हैं। कई स्कूलों का जीर्णोद्धार कराया गया है, जैसे-जैसे सरकार ग्राम प्रधानों को बजट देती है उसी हिसाब से प्रधान 100% अपना लगाने की कोशिश करते हैं। प्रधान ने कहा कि योगी सरकार गांवों के विकास पर बहुत ध्यान देती है।
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बातचीत की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अमर उजाला की टीम शामली के जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंची। यहां सीएमएस किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि जिला संयुक्त चिकित्सालय नया बना है। अभी 2020 में ही शुरुआत हुई है और वो 2024 से यहां पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर हैं। सीएमएस ने कहा की सीएम योगी की सरकार में यह बहुत अच्छा कार्य हुआ है कि शामली के लोगों को यह सुविधा मिली है। जिला संयुक्त चिकित्सालय यहां पे बनाया गया है। शुरुआत में जरूर यहां पे थोड़ी सी दिक्कत थी क्योंकि शहर से दूर है। यहां पर ओपीडी भी कम थी और अन्य सुविधाएं नहीं थी लेकिन अब सरकार के प्रयासों से यहां पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जैसे एक्सरे उपलब्ध है, अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है, सिटी स्कैन की सुविधा, डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। पहले यहां पर प्रसव नहीं होते थे। अब 15 मई 2025 से नॉर्मल डिलीवरी और सिज़ेरियन भी यहां पर शुरू करा दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त और भी सारी सुविधाएं मरीजों को दी जा रही हैं। जो मरीज यहां पर भर्ती होते हैं उनके लिए प्रत्येक वार्ड में हमने एसी का इंतजाम कर रखा है। यह सारी सुविधाएं शुरू में नहीं थी। सीएमएस ने कहा कि शामली की जनता को अधिक से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं दे पाएं ताकि उनको कहीं दूर ना भटकना पड़े ऐसी कोशिश है।
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अमर उजाला की टीम शामली के कृषि विज्ञान केंद्र पहुंची। कृषि विज्ञान केंद्र शामली में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कृषि प्रधान क्षेत्र है। गन्ने की खेती यहां बहुत ज्यादा होती है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी संदीप चौधरी ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के लिए ही मक्का मदीना की तरह काम करता है। यहां पे किसानों के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन और किसान गोष्ठी वगैरह सारी आयोजित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त जितने भी लाइन डिपार्टमेंट हैं, कृषि विभाग है, पशुपालन विभाग है, गन्ना विभाग है, मत्स्य विभाग है, उनके द्वारा समय-समय पर जो जनपद में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, उसमें कृषि विज्ञान केंद्र की सहभागिता उसमें रहती है। वर्तमान में हमारी राज्य सरकार द्वारा, केंद्र सरकार द्वारा बहुत सी योजनाएं किसानों के लिए डायरेक्ट लाभदायक हो रही है। जिसमें अगर मैं बात करूं तो किसान क्रेडिट कार्ड है, आपका फसल बीमा योजना है, किसान जनधन योजना है, सिंचाई योजना है। इनके द्वारा जनपद के, प्रदेश के समस्त किसानों को एकदम सीधे लाभ पहुंच रहा है। जैसा कि उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार की योजनाओं में प्राकृतिक खेती एक मुख्य परियोजना है जो किसानों तक पहुंचाने के लिए जिस पर कार्य किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती गाय के ऊपर आधारित है। जो भी गाय का प्रोडक्ट है, गोबर है, गोमूत्र है, उसी से हम जीवामृत बनाते हैं और जीवामृत जो हमारी फसलें हैं, उसमें फर्टिलाइजर का काम करता है। एक तरह से पोषण का काम करता है।
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