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उत्तराखंड में औषधीय वनस्पतियों की अपार संभावनाएं : सतपाल महाराज

Sun, 23 Aug 2026 05:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 05:18 PM IST
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Immense potential for medicinal plants in Uttarakhand
यूपी के ध्यानार्थ...
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फोटो

- हिमालयन एमएसएमई एक्सपो में पहुंचे कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज व धर्मपाल सिंह
- रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से खेतों की उर्वरता हो रही प्रभावित : धर्मपाल सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। प्रेमनगर आश्रम में वाइब्रेंट उत्तराखंड के जरिए भारतीय मीडिया एंड इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आयोजित चार दिवसीय हिमालयन एमएसएमई एक्सपो के तीसरे दिन रविवार को उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह पहुंचे। इस दौरान जैविक खेती पर आयोजित सेमिनार में सतपाल महाराज ने उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों, जैविक खेती और औषधीय पौधों की संभावनाओं पर जोर दिया।
सतपाल महाराज ने कहा कि हिमालयन एमएसएमई एक्सपो स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है। प्रदर्शनी के माध्यम से उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में तैयार किए जा रहे उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सकता है। बाहर से आने वाले व्यापारी भी यहां पहुंचकर उत्तराखंड में तैयार हो रहे नए उत्पादों की जानकारी ले रहे हैं।
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कहा कि उत्तराखंड का इतिहास प्राचीन काल से ही जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा रहा है। राज्य में यारसागुम्बा (कीड़ा जड़ी), सी-बकथॉर्न, जटामासी और सलाम पंजा जैसी औषधीय वनस्पतियों की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान को लेकर चिंता जताते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
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यूपी के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से खेतों की उर्वरता प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही पॉलिथीन का बढ़ता इस्तेमाल पर्यावरण और कृषि दोनों के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने जैविक खेती, कंपोस्ट खाद और विशेष रूप से गोबर से तैयार जैविक खाद के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही। कहा कि गो-आधारित जैविक खाद के इस्तेमाल से खेतों की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है।
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