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केदारताल ट्रैक: जीवन की उम्मीद के लिए खतरा बनी हुई है बर्फबारी, लापता पर्वतारोहियों की तलाश में मुश्किलें

Tue, 03 Nov 2026 03:01 PM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: Renu Saklani Updated Tue, 03 Nov 2026 03:01 PM IST
सार
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हिमस्खलन के बाद लापता पर्वतारोहियों तक पहुंचने की कोशिशों के बीच मौसम भी चुनौती बन गया है। टेंट और बैग मिलने से तलाश कर रही टीमों को उम्मीद जरूर बंधी है, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी ने रेस्क्यू अभियान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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Kedartal avalanche rescue fresh snowfall creates major challenge in search for eight missing mountaineers
केदारताल ट्रैक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

केदारताल ट्रैक पर बीते दिनों हुए हिमस्खलन में फंसे आठ पर्वतारोहियों की तलाश में खोज-बचाव अभियान कर रही टीमों के सामने उस क्षेत्र में हो रही बर्फबारी बड़ी मुसीबत बन रही है। हालांकि सोमवार को टीम को टेंट और बैग मिलने के बाद कुछ उम्मीद बनी है लेकिन पर्वतारोहण से जुड़े लोगों का कहना है कि हिमस्खलन के बाद अगर क्षेत्र में सोमवार की तरह बर्फबारी लगातार होती है तो वहां फंसे लोगों को तलाशना बहुत मुश्किल हो जाएगा।

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स्क्यू टीम के सामने मुश्किल
केदारताल ट्रैक पर पांच दिन पूर्व हुए हिमस्खलन के कारण कच्ची ढांग के समीप पश्चिम बंगाल के पांच और उत्तर प्रदेश के दो और जनपद के उत्तरों गांव निवासी गाइड फंस गए थे। उनकी तलाश में पहुंची टीमों को सोमवार को दोपहर बाद केदारताल ट्रैक पर हुई बर्फबारी के कारण रेस्क्यू अभियान को रोकना पड़ा था। गढ़वाल मांउटनियरिंग व ट्रेकिंग एसोसिएशन के सचिव मनोज रावत का कहना है कि अगर इसी प्रकार बर्फबारी जारी रही तो रेस्क्यू टीम को बहुत अधिक मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।
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क्योंकि उस क्षेत्र में पहले ही हिमस्खलन के कारण बहुत अधिक बर्फ है। बर्फबारी के बीच खोज बचाव अभियान चलाना बड़ी चुनौती है। बता दें कि पिछले पांच से छह वर्षों में जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन से पर्वतारोहियों के फंसने और अन्य घटनाएं लगातार हो रही है। इसमें मौसम के पूर्वानुमान की कम जानकारी सहित पोर्टर व गाइड आदि की कम संख्या होना मुख्य कारण बताया जा रहा है।

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