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'उनके साथ मिलकर नहीं बनाएं सरकार': बहुमत से दूर नेतन्याहू ने दिखाए तीखे तेवर, अरब पार्टियों को लेकर कही ये बात

Fri, 30 Oct 2026 02:27 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, यरूशलेम
एएनआई, यरूशलेम Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 30 Oct 2026 02:27 PM IST
सार
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इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अरब राजनीतिक नेताओं और विपक्षी सांसदों के बयानों का वीडियो साझा कर अरब पार्टियों के साथ गठबंधन का विरोध किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अरब दलों के साथ सरकार बनाना वर्जित है।

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Netanyahu, falling short of a majority, adopts a sharp tone and makes this remark regarding Arab parties.
बेंजमिन नेतन्याहू, इस्राइली पीएम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को अरब राजनीतिक नेताओं और विपक्षी सांसदों के बयानों का एक संकलन साझा किया। उन्होंने अरब पार्टियों के साथ सरकार बनाने के अपने विरोध को दोहराते हुए कहा, 'उनके साथ सरकार बनाना वर्जित है।'
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नेतन्याहू ने क्या कहा? 
एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में, नेतन्याहू ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें कई अरब राजनेताओं और सांसदों - जिनमें अहमद तिबी, ईमान खतीब-यासीन, मंसूर अब्बास, सामी अबू शेहादेह, ओफेर कासिफ, यूसुफ जबरीन और अयमान ओदेह शामिल हैं - के भाषणों और बयानों के अंश दिखाए गए हैं।
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वीडियो में क्या है? 
वीडियो में अरब नेताओं को फलस्तीनी मुद्दे का समर्थन करते हुए सुना जा सकता है, जिसे दक्षिणपंथी यहूदी गुट देश-विरोधी मानते हैं। भले ही नेतन्याहू ने तीखे बयान दिए हों, लेकिन उनके लिए सरकार बनाना मुश्किल हो सकता है। इस्राइल के N12 न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हारेदी (रूढ़िवादी यहूदी) समाचार पत्रों 'हमोडिया' और 'हमशबिज' ने बताया है कि हारेदी पार्टियां खुद को नेतन्याहू गुट का हिस्सा नहीं, बल्कि अलग इकाई के रूप में देखना चाहती हैं।
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तोराह यहूदी' पार्टी का क्या कहना है? 
इसके अलावा, 'तोराह यहूदी' पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि वे किसी भी गुट का हिस्सा नहीं हैं। अनुमान है कि नेसेट (इस्राइली संसद) में यूटीजे को सात सीटें और शस को छह सीटें मिल सकती हैं। वहीं, मौजूदा वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच के नेतृत्व वाली 'रिलिजियस जायोनिज्म और मंत्री इतामार बेन ग्विर के नेतृत्व वाली 'ओत्जमा येहुदित' जैसी अन्य हारेदी पार्टियों के नेतन्याहू से अलग होने की संभावना कम ही है।

उन्होंने कहा, 'अब सबसे मुश्किल काम आता है। सरकार बनाने की कोशिश करना। यह उन लोगों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है जो मंगलवार को कतारों में खड़े रहे, जो खास तौर पर यात्रा करके आए, और जो आठ घंटे तक मतदान केंद्र के बाहर खड़े रहकर लोगों को मनाते रहे।'

चुनाव समिति ने अंतिम परिणाम जारी किए
यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्राइल की केंद्रीय चुनाव समिति ने शुक्रवार को राष्ट्रीय चुनावों के अंतिम परिणाम जारी किए। इससे 26वीं नेसेट (संसद) में सीटों के बंटवारे की पुष्टि हो गई है, जिसका शपथ ग्रहण समारोह 10 नवंबर को होना है। नेतन्याहू समर्थक गुट को 53 सीटें मिली हैं, जो सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से कम हैं।


'द टाइम्स ऑफ इस्राइल' के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली लिकुड पार्टी 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि यशार को 21 सीटें मिली हैं। बी'याचाद  को 12 सीटें मिलीं, जबकि जॉइंट लिस्ट ने 11 सीटें जीतीं। डेमोक्रेट्स और रा'अम को 8-8 सीटें मिलीं, वहीं इस्राइल बेतेनु, यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म और ओत्जमा येहुदित को 7-7 सीटें मिलीं। शस और रिलिजियस जायोनिज्म को 6-6 सीटें हासिल हुईं। 'द टाइम्स ऑफ इस्राइल' के मुताबिक, अंतिम नतीजों के बाद नेतन्याहू समर्थक गुट के पास 53 सीटें, नेतन्याहू विरोधी गुट के पास 48 सीटें और अरब गुटों के पास 19 सीटें हैं।
 
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