'बॉस, याद है जब मैं आपके साथ था': ट्रंप-कोहेन की दुश्मनी खत्म, रेडियो शो में फिर दिखी 15 साल पुरानी दोस्ती
डोनाल्ड ट्रंप और माइकल कोहेन, जो कभी बेहद करीबी सहयोगी थे और बाद में एक-दूसरे के कटु विरोधी बन गए थे, अब फिर करीब आते नजर आ रहे हैं। कोहेन ने ट्रंप के खिलाफ अदालत और कांग्रेस में गवाही दी थी तथा जेल की सजा भी काटी, लेकिन हाल के महीनों में उन्होंने अपनी पुरानी गवाही और अभियोजन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। दोनों की रेडियो शो में हुई दोस्ताना बातचीत इस बदले रिश्ते का सार्वजनिक संकेत है।
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विस्तार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को अपने पुराने सहयोगी और बाद में कट्टर आलोचक बने माइकल कोहेन के रेडियो शो में शामिल हुए। यह मुलाकात इसलिए बेहद चौंकाने वाली रही, क्योंकि कभी कोहेन ने ट्रंप को 'चीटो-डस्टेड कार्टून विलेन' तक कहा था और अदालत तथा कांग्रेस के सामने उनके खिलाफ गवाही दी थी। लेकिन अब दोनों के बीच रिश्ते फिर से सामान्य होते दिखाई दे रहे हैं। कोहेन ने ट्रंप के 'गंदे कामों' को छिपाने में अपनी भूमिका के लिए जेल की सजा काटी थी। ऐसे में कुछ साल पहले तक इस तरह की सार्वजनिक सुलह की कल्पना करना भी मुश्किल था।
रेडियो शो में दिखी पुरानी दोस्ती की झलक
कोहेन के 77 WABC रेडियो कार्यक्रम पर यह इंटरव्यू गुरुवार शाम प्रसारित हुआ, जबकि इसका पूरा प्रसारण रविवार को होना है। बातचीत का माहौल बेहद दोस्ताना रहा और दोनों ने अपने उतार-चढ़ाव भरे अतीत का केवल हल्के अंदाज में जिक्र किया। ट्रंप ने कोहेन से कहा, 'उन्होंने तुम्हें एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया, जैसा शायद ही किसी और के साथ हुआ हो।' उन्होंने आगे कहा,'मैं इस बात का सम्मान करता हूं कि तुमने अपनी कही हर बात वापस ले ली। तुमने बहुत बड़ी बात की है।'
कोहेन ने मांगी फिर से माफी
रेडियो इंटरव्यू से कुछ समय पहले सीएनएन से बातचीत में कोहेन ने बताया कि उन्होंने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति से माफी के लिए फिर से आवेदन किया है। पिछली सरकार ने उनका आवेदन खारिज कर दिया था, लेकिन इस बार अभी तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है। कोहेन ने कहा कि शुक्रवार को इस मुद्दे पर फिर बातचीत होने की उम्मीद है। ट्रंप के साथ सुलह ने कोहेन को उन पूर्व सहयोगियों की लंबी सूची में ला खड़ा किया है, जिनके राष्ट्रपति से कभी तीखे मतभेद हुए, लेकिन बाद में रिश्ते फिर सुधर गए। एलन मस्क और फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस इसके हालिया उदाहरण हैं।
15 साल की दोस्ती फिर आई सामने
कोहेन और ट्रंप का रिश्ता हालांकि इन सभी मामलों से कहीं ज्यादा व्यक्तिगत रहा है। कभी कोहेन कहा करते थे कि वह राष्ट्रपति के लिए 'गोली खा सकते हैं'। ट्रंप के राजनीतिक सफर के दौरान वह उनके बेहद भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल थे। बाद में दोनों के बीच ऐसा टकराव हुआ कि 2024 के आपराधिक हश-मनी मामले में कोहेन की गवाही ट्रंप को दोषी ठहराने में महत्वपूर्ण साबित हुई। उस समय ट्रंप अपनी राजनीतिक वापसी की कोशिश कर रहे थे। कोहेन ने गुरुवार को कहा कि पिछले एक साल में उनकी और राष्ट्रपति की कई बार बातचीत हुई है। उन्होंने अपने फैसले को समझाते हुए कहा,'माफ करने का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ भूल जाना। इसका मतलब यह भी नहीं है कि जो हुआ, वह हुआ ही नहीं। इसका अर्थ है यह तय करने की हिम्मत रखना कि बीता हुआ कल आने वाले कल को तय नहीं करेगा।'
'बॉस, याद है जब मैं आपके साथ था?'
इंटरव्यू के दौरान कोहेन कई बार अपने पुराने दिनों को याद करते नजर आए। एक भावुक क्षण में उन्होंने ट्रंप से कहा, 'बॉस, याद है जब मैं आपके साथ था?' इस मुलाकात को खास अंदाज में पेश किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत 1975 के बैंड वॉर के गीत “व्हाई कांट वी बी फ्रेंड्स” से हुई और अंत 1978 के पीचेस एंड हर्ब के मशहूर गीत 'रीयूनाइटेड एंड इट फील्स सो गुड' की पंक्तियों के साथ हुआ।
कभी ट्रंप के खिलाफ बने थे अहम गवाह
न्यूयॉर्क में ट्रंप के खिलाफ चले हश-मनी मुकदमे में कोहेन एक महत्वपूर्ण गवाह थे। 2024 में उन्होंने अदालत में गवाही दी कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप ने उन प्रयासों में अहम भूमिका निभाई थी, जिनका उद्देश्य एक एडल्ट फिल्म अभिनेत्री और पूर्व प्लेबॉय मॉडल के उन दावों को दबाना था, जिनमें उन्होंने ट्रंप के साथ यौन संबंध होने की बात कही थी। कोहेन ने गवाही दी थी कि ट्रंप ने उन्हें पहले किए गए भुगतानों की भरपाई का भरोसा दिया था और उन प्रयासों की जानकारी रखते थे। उन्होंने कहा था, 'मैं जो कुछ भी कर रहा था, वह मिस्टर ट्रंप के कहने पर और उनके फायदे के लिए कर रहा था।'
FBI छापे से जेल तक पहुंचा रिश्ता
दोनों के रिश्ते में निर्णायक दरार 2018 में पड़ी, जब FBI एजेंटों ने कोहेन के कार्यालय, घर और होटल के कमरे की तलाशी ली। इसके बाद कोहेन ने रूस में ट्रंप टॉवर परियोजना को लेकर कांग्रेस से झूठ बोलने और कैंपेन फंडिंग नियमों के उल्लंघन का अपराध स्वीकार किया। इन मामलों में स्टॉर्मी डेनियल्स और कैरेन मैकडौगल को किए गए भुगतानों का भी जिक्र आया। उन्हें तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई। बाद में कोहेन ने कहा कि ट्रंप के खिलाफ गवाही देने के लिए उन पर दबाव डाला गया था। जनवरी में उन्होंने एक सबस्टैक पोस्ट में लिखा कि सरकार की इच्छा के मुताबिक ट्रंप के खिलाफ मामला बनाने और उन्हें दोषी ठहराने के लिए उन्हें ऐसी जानकारी और गवाही देने के लिए मजबूर किया गया, जो अभियोजन के पक्ष में जाती थी।
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किताब में ट्रंप को बताया था 'मास्टर मैनिपुलेटर'
2019 में कांग्रेस के सामने कोहेन ने आरोप लगाया था कि ट्रंप ने बेहतर कर्ज शर्तों और टैक्स लाभ हासिल करने के लिए अपनी संपत्तियों की कीमत बढ़ा-चढ़ाकर बताई। 2023 के न्यूयॉर्क सिविल फ्रॉड ट्रायल में भी उन्होंने इसी तरह की गवाही दी थी। उस मामले में ट्रंप और उनकी कंपनियों पर वर्षों तक संपत्तियों का मूल्य बढ़ाकर पेश करने का आरोप साबित हुआ। बाद में अपील अदालत ने मामले में लगाए गए 550 मिलियन डॉलर के फैसले को रद्द कर दिया, जबकि ट्रंप ने मामले के बाकी हिस्सों को भी खत्म करने की अपील की। 2020 की अपनी किताब डिसलॉयल: द ट्रू स्टोरी ऑफ द फॉर्मर पर्सनल अटॉर्नी टू प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप में कोहेन ने ट्रंप को 'ऑर्गनाइज्ड क्राइम डॉन' और 'मास्टर मैनिपुलेटर' कहा था। लेकिन उसी किताब में उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें ट्रंप की परवाह थी और अब भी है। उन्होंने लिखा था,'मुझे उनके लिए बहुत लगाव था और अब भी है। गुरुवार को कोहेन ने अपने ऑनलाइन न्यूजलेटर में लिखा कि भले ही उनका रिश्ता राजनीतिक लड़ाई में बदल गया था, लेकिन दोनों के बीच 15 साल की गहरी दोस्ती थी। उन्होंने कहा,'अच्छे समय का अस्तित्व इसलिए खत्म नहीं हो जाता क्योंकि उसके बाद बुरा समय आया।' फिर उन्होंने इस रिश्ते को दो शब्दों में समेट दिया-'हमने माफ कर दिया।'