{"_id":"6a893d338b38434aee065a22","slug":"sawan-jyot-processions-to-be-taken-out-today-in-karnal-city-and-indri-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"करनाल: कर्ण नगरी और इंद्री में आज निकलेगी सावन ज्योत शोभायात्रा, हरिद्वार में गंगा आरती के साथ होगा विसर्जन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करनाल: कर्ण नगरी और इंद्री में आज निकलेगी सावन ज्योत शोभायात्रा, हरिद्वार में गंगा आरती के साथ होगा विसर्जन
Sat, 22 Aug 2026 11:39 AM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Sat, 22 Aug 2026 11:39 AM IST
राष्ट्रीय पंजाबी महासभा इंद्री के प्रधान डॉ. गौरव प्रिंस धूड़िया और सावन ज्योत सभा करनाल के अध्यक्ष किशोर नागपाल ने बताया कि सावन ज्योत महोत्सव की परंपरा लगभग 116 वर्ष पुरानी है, जिसकी शुरुआत मुलतान (अब पाकिस्तान) से भगत लाला रूपचंद जी ने की थी।
विज्ञापन
सावन जोत महोत्सव
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सावन जोत महोत्सव के अवसर पर कर्ण नगरी और इंद्री में शनिवार को भव्य शोभायात्राओं का आयोजन किया जाएगा। दोनों जगह धार्मिक श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। मंदिरों और बाजारों को आकर्षक रूप से सजाया गया है तथा शोभायात्रा मार्गों पर स्वागत द्वार बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह भंडारे और जलपान की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
करनाल में श्री सावन ज्योत सभा की ओर से 28वें सावन ज्योत महोत्सव के तहत शाम 6 बजे मंदिर मार्ग स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर से शोभायात्रा निकलेगी। यह यात्रा प्रमुख बाजारों से होते हुए सेवा समिति आश्रम अर्जुन गेट पर पहुंचेगी, जहां भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां विशेष आकर्षण रहेंगी।
विज्ञापन
इसी प्रकार इंद्री में सावन ज्योत महोत्सव सभा द्वारा नौवें सावन ज्योत महोत्सव के तहत दोपहर 3 बजे श्री सनातन धर्म गीता मंदिर से शोभायात्रा शुरू होगी। यह शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पश्चिमी यमुना नहर पर ज्योत प्रवाहित कर संपन्न होगी। इसमें रथ, बग्गी, बैंड-बाजे और आकर्षक झांकियां शामिल रहेंगी।
विज्ञापन
दोनों ही स्थानों से 23 अगस्त को श्रद्धालु हरिद्वार के लिए रवाना होंगे, जहां पवित्र ज्योत का गंगा आरती के बाद विसर्जन किया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी रहेगी।
मुलतान से हुई थी शुरुआत
राष्ट्रीय पंजाबी महासभा इंद्री के प्रधान डॉ. गौरव प्रिंस धूड़िया और सावन ज्योत सभा करनाल के अध्यक्ष किशोर नागपाल ने बताया कि सावन ज्योत महोत्सव की परंपरा लगभग 116 वर्ष पुरानी है, जिसकी शुरुआत मुलतान (अब पाकिस्तान) से भगत लाला रूपचंद जी ने की थी। विभाजन से पहले इसे मुलतान सावन ज्योत के नाम से जाना जाता था। उस समय श्रद्धालु पैदल यात्रा कर हरिद्वार में ज्योत विसर्जन के लिए पहुंचते थे। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है।