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Kaithal News: बरसे बादल, मौसम हुआ सुहावना पर शहर के कई इलाकों में भरा पानी
Fri, 21 Aug 2026 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 21 Aug 2026 02:04 AM IST
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लोक निर्माण विभाग कार्यालय के आगे भरा पानी। संवाद
- फोटो : Archive
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में बुधवार के बाद वीरवार को भी करीब एक घंटे झमाझम बारिश हुई। बारिश होने से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। वहीं, प्रशासनिक दावों की पोल भी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। हालांकि, यह बारिश क्षेत्र के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए किसी सुनहरे वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।
शहर में दोपहर के समय हुई महज एक घंटे की बारिश ने नगर परिषद के ड्रेनेज और जल निकासी के दावों को पूरी तरह धोकर रख दिया। बारिश का वेग इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में शहर की मुख्य सड़कों और वीआईपी इलाकों में पानी जमा हो गया। शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण माने जाने वाले लघु सचिवालय के मुख्य गेट के सामने पानी भर गया, जिससे वहां आने-जाने वाले लोगों और सरकारी कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, पीडब्लूडी कार्यालय के ठीक आगे की सड़कें भी पूरी तरह जलमग्न हो गईं। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को पानी से निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बारिश के बाद निकली धूप
एक घंटे की बारिश के बाद बादलों की आवाजाही कम हुई और आसमान साफ होते ही धूप निकल आई। धूप निकलने के कारण मौसम में हल्की उमस दोबारा महसूस की गई। बारिश के बाद शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, हवाओं की रफ्तार करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटा रही। ठंडी हवाएं न चलने और बाद में तेज धूप खिलने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा, लेकिन सुबह और रात के तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
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कृषि क्षेत्र के लिए लाभदायक
ग्रामीण इलाकों और कृषि क्षेत्र के लिए यह लाभदायक साबित हुई है। इस समय खेतों में धान की फसल खड़ी है, जिसे पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। किसानों में क्योड़क के महेंद्र, विक्रम कसाना ने कहा कि इस बारिश ने धान की फसल को नया जीवन दे दिया है। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. हरमीत के अनुसार, इस समय होने वाली बारिश धान की उपज और पैदावार के लिए बेहद फायदेमंद है।
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कैथल। जिले में बुधवार के बाद वीरवार को भी करीब एक घंटे झमाझम बारिश हुई। बारिश होने से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। वहीं, प्रशासनिक दावों की पोल भी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। हालांकि, यह बारिश क्षेत्र के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए किसी सुनहरे वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।
शहर में दोपहर के समय हुई महज एक घंटे की बारिश ने नगर परिषद के ड्रेनेज और जल निकासी के दावों को पूरी तरह धोकर रख दिया। बारिश का वेग इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में शहर की मुख्य सड़कों और वीआईपी इलाकों में पानी जमा हो गया। शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण माने जाने वाले लघु सचिवालय के मुख्य गेट के सामने पानी भर गया, जिससे वहां आने-जाने वाले लोगों और सरकारी कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, पीडब्लूडी कार्यालय के ठीक आगे की सड़कें भी पूरी तरह जलमग्न हो गईं। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को पानी से निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बारिश के बाद निकली धूप
एक घंटे की बारिश के बाद बादलों की आवाजाही कम हुई और आसमान साफ होते ही धूप निकल आई। धूप निकलने के कारण मौसम में हल्की उमस दोबारा महसूस की गई। बारिश के बाद शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, हवाओं की रफ्तार करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटा रही। ठंडी हवाएं न चलने और बाद में तेज धूप खिलने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा, लेकिन सुबह और रात के तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
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कृषि क्षेत्र के लिए लाभदायक
ग्रामीण इलाकों और कृषि क्षेत्र के लिए यह लाभदायक साबित हुई है। इस समय खेतों में धान की फसल खड़ी है, जिसे पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। किसानों में क्योड़क के महेंद्र, विक्रम कसाना ने कहा कि इस बारिश ने धान की फसल को नया जीवन दे दिया है। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. हरमीत के अनुसार, इस समय होने वाली बारिश धान की उपज और पैदावार के लिए बेहद फायदेमंद है।