MP Assembly Session: विधानसभा में फायर सेफ्टी कानून पास, कैलाश विजयवर्गीय बोले- जन-धन की हानि होगी कम
Madhya Pradesh Assembly Monsoon Session: मध्य प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक सहिंता विधेयक 2026 पारित हो गया है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि एमपी में अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं होगा,राम से रहीम तक सब एक होंगे ।
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फायर सेफ्टी पर नया कानून पारित
मध्य प्रदेश विधानसभा में मध्य प्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित हो गया। विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस और सत्ता पक्ष के बीच फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर तीखी बहस हुई। बाद में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक नारायण सिंह पट्टा ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त फायर स्टेशन नहीं हैं और फायर कर्मियों की भी भारी कमी है। उन्होंने सरकार से पूछा कि वर्तमान में प्रदेश में कितने फायर स्टेशन संचालित हो रहे हैं और पिछले पांच वर्षों में कितने नए फायर स्टेशन खोले गए हैं। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाएं।
विधेयक पर जवाब देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नए कानून से जनहानि और धनहानि दोनों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण और औद्योगीकरण के कारण फायर सेफ्टी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की आवश्यकता थी। कई बार इमारतों या चलती गाड़ियों में आग लगने जैसी घटनाएं होती हैं, इसलिए फायर सेफ्टी से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक विशेष फायर सेफ्टी फोर्स का गठन किया जाएगा, जिसे आधुनिक तकनीक के अनुरूप नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। तकनीकी अधिकारियों की अलग टीम बनाई जाएगी। आग की प्रकृति के अनुसार किस प्रकार के रसायन और संसाधनों का उपयोग किया जाए, इसका भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि कई राज्यों के फायर सेफ्टी कानूनों का अध्ययन करने के बाद यह विधेयक तैयार किया गया है और उनका दावा है कि यह देश के सर्वश्रेष्ठ फायर सेफ्टी कानूनों में शामिल होगा। पूरे प्रदेश की मैपिंग कर यह तय किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में नए फायर स्टेशन खोले जाने की आवश्यकता है। यह प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। साथ ही आधुनिक फायर मशीनें और उपकरण भी खरीदे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने में लगभग छह माह लगेंगे। इसके तहत हर वर्ष थर्ड पार्टी निरीक्षण अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था 24 घंटे और सातों दिन कार्य करेगी। मंत्रालय स्तर पर एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में पूरा प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जाएगा। फायर सेफ्टी टीम बाढ़ और अन्य आपदाओं में भी राहत एवं बचाव कार्य करेगी।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और एनओसी जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी तथा सभी के लिए समय-सीमा तय रहेगी। यदि किसी आग की घटना में संबंधित भवन में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फायर सेफ्टी से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक परिस्थितियों में मजिस्ट्रियल शक्तियां भी दी जाएंगी, ताकि राहत और बचाव कार्य में बाधा बनने वाले अवरोधों को तत्काल हटाया जा सके।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय भवन संहिता और भूमि विकास नियमों के प्रावधानों को भी इस कानून में शामिल किया गया है। अधिकारियों के खिलाफ शिकायत के लिए अपील मंच का भी प्रावधान रहेगा। फायर सेफ्टी व्यवस्था के संचालन के लिए शुल्क और राज्य सरकार के वार्षिक बजट से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसी दौरान कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन का मुद्दा सदन में उठाया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह राज्य का विषय नहीं है, इसलिए इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
8.5 करोड़ लोगों के लिए सचमुच एक सुनहरा दिन-सीएम मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड बिल का पास होना मध्य प्रदेश के 8.5 करोड़ लोगों के लिए सचमुच एक सुनहरा दिन है। मध्य प्रदेश विधानसभा में इस कानून का लागू होना 'एक देश, एक संविधान, एक झंडा, एक नेता' के उस विज़न के प्रति हमारी सच्ची प्रतिबद्धता को दिखाता है, जिसे डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आगे बढ़ाया था। यह कदम महिलाओं को बहुविवाह से होने वाली तकलीफ़ों से आज़ाद करेगा और उनके अधिकारों के लिए सरकारी समर्थन सुनिश्चित करेगा।
कांग्रेस ने विधानसभा के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने कहा कि आज विधायकों का विरोध प्रदर्शन जनता से जुड़े उन कई मुद्दों को उजागर करता है जिन्हें बीजेपी नजर अंदाज कर रही है। फिर भी, जब भी मुद्दा सांप्रदायिक भेदभाव या हिंदू-मुस्लिम बंटवारे की ओर मुड़ता है, तो बीजेपी सक्रिय हो जाती है और बंटवारे को बढ़ावा देती है। युवा और Gen Z यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड की मांग नहीं कर रहे हैं वे एक ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जो पेपर लीक को खत्म करे, रोज़गार दे और युवाओं की तरक्की का रास्ता बनाए।
राज्य विधानसभा में पास हुए UCC बिल पर BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जैसे 1947 के बंटवारे के समय कांग्रेस मुसलमानों के दबाव में थी, वैसी ही स्थिति आज भी है। दो मुस्लिम विधायकों के असर में आकर पूरी कांग्रेस पार्टी ने आदिवासियों, हिंदुओं, सनातन धर्म को मानने वालों, जैन, बौद्ध, सिखों और सबसे अहम संविधान के निर्माता बाबासाहेब अंबेडकर की भावनाओं का अपमान किया है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि आज के UCC बिल का विरोध करना उनके लिए बहुत नुकसानदायक साबित होगा।
यूसीसी को पहले जनता के सामने ले जाना था-कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया
कांग्रेस की नीति तुष्टिकरण की-डिप्टी CM जगदीश देवड़ा
'हलाला' जैसी पुरानी और गलत प्रथाएं खत्म हो जाएंगी-विश्वास सारंग
राज्य विधानसभा में UCC बिल पास होने पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश में महिलाओं को अब अत्याचार या उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा। कोई भी पुरुष चार बार शादी नहीं कर पाएगा। 'हलाला' जैसी पुरानी और गलत प्रथाएं खत्म हो जाएंगी। एकरूपता और समानता आएगी।
संविधान का पालन नहीं हुआ-कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद
राज्य विधानसभा में UCC बिल पास होने पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि संशोधन पर चर्चा हुई। मौका भी दिया गया। उन्होंने अपने प्रस्ताव रखे। लेकिन दो घंटे बाद यह साफ़ हो गया कि यह सिर्फ़ ज़िद थी। अब न तो संविधान का पालन हो रहा है और न ही संसदीय नियमों का सम्मान किया जा रहा है। एकमात्र मकसद बस बिल को पास कराना था।
सभी प्रकार के अधिकार समान होंगे-सीएम मोहन यादव
सीएम मोहन यादव ने कहा कि जो पुरुषों का अधिकार हैं वही महिलाओं के अधिकार रहेंगे। सभी प्रकार के अधिकार समान होंगे। एक महीने से कम समय में सरकार ने यूसीसी पर पूरा अमल किया है। लिविंग रिलेशनशिप की व्यवस्था में जो दुरुपयोग करेगा उसे पांच साल की सजा होगी। इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के लोगों को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से मेरा प्रश्न है कि वो हिंदू मुसलमान में क्यों अंतर करती है। राम-रहीम को एक चश्मे से क्यों नहीं देखती है? क्यों भेदभाव करती है ? हम सब भारत मां के लाल हैं, भेदभाव का कहां सवाल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण का काम वर्षों तक किया है। देश का बंटवारा भी कांग्रेस की गलत मानसिकता से हुआ है। कांग्रेस ने विदेशी पद्धति के आधार पर शासन चलाने की पद्धति को अपनाया है। हम सरिया कानून नहीं बल्कि एक समान कानून चाहते हैं। कई मुस्लिम बहनों और भाइयों ने यूसीसी का समर्थन किया है और अपने सुझाव दिए हैं।विपक्ष के लगातार हंगामा करने पर सीएम यादव ने कहा कि हिंदू-मुसलमान को बांटकर वोट बैंक को देखना ठीक नहीं है। विपक्ष को बुलाया गया था लेकिन वे बैठक में नहीं आए। कांग्रेस तुष्टिकरण करना चाहती है। कांग्रेस आरिफ मसूद को आगे कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि हिंदू मुसलमान का फर्क का वोट पर पड़ेगा।
आदिवासियों के सवाल पर बोले सीएम
सीएम मोहन यादव ने कहा कि आदिवासी भाई बहन रीति रिवाज को हमने मुक्त रखा है लेकिन कांग्रेस बताए मुस्लिम बहनों के लिए ये कानून कैसा है? सिर्फ वोट बैंक के विषय में नहीं सोचना चाहिए।
विधानसभा में समान नागरिक संसोधन विधयक 2026 पारित
विधानसभा में समान नागरिक संसोधन विधयक 2026 पारित हो गया है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जय-जय सियाराम के नारे सदन में लगाए। मध्यप्रदेश राज मार्ग विधेयक विधानसभा मे चर्चा के लिए पेश किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधानसभा की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित की। इसके बाद फिर से कार्यवाही शुरू हो गई है।मध्यप्रदेश में अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं होगा-सीएम मोहन यादव
सीएम ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष से सवाल पूछा कि हम अपने दो बेटों को अलग-अलग दृष्टिकोण से क्यों देखते हैं ? उन्होंने कहा कि समानता हमारी संस्कृति का मूल है। भगवान की दृष्टि में हम सब एक हैं तो इंसान के बने कानून में अलग क्यों होना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि राम से रहीम तक, रविंदर से रॉबिन तक, अमर से एंथोनी और अकबर तक देश एक संविधान से चले ।
आज के बाद मध्यप्रदेश में भेदभाव से मुक्ति मिलेगी। गोवा, उत्तराखंड ,असम के बाद मध्यप्रदेश चुनिंदा राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के खाने के दांत अलग और दिखाने के अलग है। जनता कभी इनको माफ नहीं करेंगी।
UCC को प्रवर समिति को भेजा जाना चाहिए-कांग्रेस
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने यूसीसी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हलाला करने वाले मौलवी मुसलमान अब जेल जाएंगे। अब दो दो शादी करना अपराध होगा। दो शादी करने वाले अब जेल जाएंगे। सबको एक समान कानून देने का काम मोहन सरकार ने किया है। यह वो लोग हैं जिन्होंने तुष्टिकरण के कारण विभाजन किया है। अब इस देश में जिन्ना नहीं पैदा होने देंगे। आदिवासियों का विरोध किया तो कांग्रेस को आदिवासी वोट नही ठेंगा दिखाएंगे। कांग्रेस के मित्रों तुमने आदिवासियों का विरोध किया तो आदिवासी तुम्हे वोट नहीं ठेंगा दिखाएंगे। हम बाबा साहब का सम्मान कायम करेंगे और उनके लिए मार्ग पर चलेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को UCC का विरोध भारी पड़ेगा।
विधायक रामेश्वर शर्मा ने लगाया नारा-'आदिवासियों के सम्मान में भाजपा मैदान में'
सदन में कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी की। सदस्यों ने कहा कि ओबीसी विरोधी सरकार नहीं चलेगी। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार बाहर जाकर बताएं कि वे किसके विरोध में हैं। इस पर उमंग सिंगार ने कहा कि यूसीसी में आदिवासी हैं ही नहीं। फिर उनकी बात क्यों हो रही है। सदन में हंगामा के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी
जगदीश देवड़ा ने सदन में लगाया जय श्री राम का नारा
UCC बिल को लेकर पक्ष विपक्ष में तीखी नोंकझोक
इसमे 10 लाख लोगों का मत है। इस पर विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि मंत्री जी ने बात को अच्छे से घुमाया है। छह महीने में आप ने काम किया है जब आपके पास आंकड़े 22सौ थे। उन्होंने अल्पसंख्यक के आर्टिकल 29 में दी गई छूट का उत्तर मांगा। उन्होंने कहा कि एक विधान, एक संविधान से एक जाति को अलग रखा गया है तो मुस्लिमों को भी अलग रखना चाहिए। यह कानून लाकर एक वर्ग विशेष को टारगेट किया जा रहा है। केंद्र सरकार से पहले आपको लाना है तो समिति को भेजिये चर्चा करवाइए। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 29 का संरक्षण हम आप से चाहते हैं।आर्टिकल 29 में मुस्लिमों को सुरक्षा दी गई है। आर्टिकल 29 की रक्षा के लिए प्रवर समिति में बिल को भेजा जाना चाहिए।
वहीं उमंग सिंघार ने पाइंट ऑफ ऑर्डर उठाया। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले प्रतियां जब तक सदस्यों को नहीं दी जाएं तब तक नियमानुसार विधेयक नहीं लाया जा सकता है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उत्तर दिया। 27 फीसदी ओबीसी बिल की जरूरत है। UCC की बिल की जरूरत नहीं है ।UCC बिल को लेकर पक्ष विपक्ष में तीखी नोंकझोक हुई। इसके बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के स्थगित कर दी गई।
